पालघर में स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा ऐलान: रोजगार, आदिवासी विकास और खेल को मिलेगी नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पालघर जिले में 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पालकमंत्री गणेश नाईक ने रोजगार, आदिवासी विकास, कृषि, पशुसंवर्धन और खेल क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित मुख्य शासकीय ध्वजारोहण समारोह में उन्होंने जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
ध्वजारोहण समारोह और प्रमुख उपस्थिति
जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में संपन्न हुए मुख्य शासकीय ध्वजारोहण समारोह में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक और निवासी उपजिलाधिकारी सुभाष भागडे सहित वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत में आपदा में जान गंवाने वाले 23 नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
आपदा राहत और विशेष सहायता
पालकमंत्री नाईक ने बताया कि आपदा प्रभावितों को अनाज, कपड़े, बर्तन और मकानों के नुकसान की भरपाई के लिए ₹10 करोड़ 33 लाख की तत्काल सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार से पालघर के लिए ₹39 करोड़ 86 लाख की विशेष अतिरिक्त सहायता भी प्राप्त हुई है। यह राहत राशि प्रभावित परिवारों तक सीधे पहुँचाई जा रही है।
रोजगार, मनरेगा और पर्यावरण संरक्षण
चालू वित्त वर्ष में पालघर जिले में 1 लाख से अधिक मजदूरों को रोजगार मिला है, 18 लाख मनुष्य-दिनों का निर्माण हुआ है और ₹65 करोड़ की मजदूरी डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी गई है। पर्यावरण संरक्षण के तहत 1 लाख 60 हजार पौधरोपण और 531 जल संधारण कार्य किए जा रहे हैं।
आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करने और पलायन रोकने के लिए मनरेगा को नए स्वरूप में 'विकसित भारत रोजगार व आजीविका गारंटी अभियान-ग्रामीण' के रूप में लागू किया गया है। गौरतलब है कि पालघर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में मौसमी पलायन एक पुरानी समस्या रही है, और इस पहल को उसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
महिला, बाल विकास और आदिवासी कल्याण
महिला एवं बाल विकास विभाग की 'लेक लाडकी' योजना के तहत करीब 6,500 नवजात बच्चियों के अभिभावकों को पहला लाभ दिया गया है। आदिवासी क्षेत्रों में 15 नए आंगनवाड़ी केंद्र शुरू किए गए हैं। पशुपालकों और आदिवासी महिला पशुपालकों को भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है।
निर्माण मजदूरों के लिए पिछले सात महीनों में 17,500 से अधिक मजदूरों का पंजीकरण, 14 हजार का नवीनीकरण और ₹3 करोड़ 64 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है।
खेल में पालघर की राष्ट्रीय पहचान
पालघर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर जिले का नाम रोशन किया है। निशा सांबर ने पहले खेलो इंडिया आदिवासी गेम्स में 4x100 और 4x400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीते। जिले के करीब 11 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किए हैं। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब आदिवासी खेल प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने की कोशिशें तेज हुई हैं।
जलसंधारण सप्ताह और युवा भागीदारी
15 से 19 अगस्त तक जलसंधारण सप्ताह आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए 'मिट्टी और पानी के संरक्षण के लिए रील' सोशल मीडिया प्रतियोगिता शुरू की गई है। पालकमंत्री गणेश नाईक ने युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति, कृषि, मत्स्यव्यवसाय, उद्योग और पर्यटन के कारण पालघर का महाराष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण स्थान है और जनप्रतिनिधियों, प्रशासन व जनता की सामूहिक भागीदारी से 'पालघर के विकास का महामेरू और तेज गति से दौड़ेगा।'