15 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दाभोसा ग्लास स्कायवॉक का लोकार्पण: पालघर पर्यटन को मिली नई उड़ान, गणेश नाईक ने किया उद्घाटन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दाभोसा ग्लास स्कायवॉक का लोकार्पण: पालघर पर्यटन को मिली नई उड़ान, गणेश नाईक ने किया उद्घाटन

सारांश

स्वतंत्रता दिवस पर पालघर को मिला एक नया पर्यटन आकर्षण — दाभोसा जलप्रपात पर ग्लास स्कायवॉक। पालकमंत्री गणेश नाईक ने इसे आदिवासी और ग्रामीण समुदायों की आर्थिक भागीदारी से जोड़ने का संकल्प लिया। होम-स्टे योजना और महिला बचत समूहों को पर्यटन से जोड़ने की योजना इसे महज़ एक ढाँचे से आगे ले जाती है।

मुख्य बातें

दाभोसा ग्लास स्कायवॉक का लोकार्पण 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस पर पालकमंत्री गणेश नाईक ने किया।
परियोजना से पालघर जिले में देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ने और स्थानीय रोज़गार के अवसर सृजित होने की उम्मीद।
आदिवासी परिवारों के लिए 'होम-स्टे' योजना और महिला बचत समूहों को पर्यटन से जोड़ने की घोषणा।
सीसीटीवी नेटवर्क को स्थानीय पुलिस से जोड़ने और भीड़ नियंत्रण प्रणाली लागू करने के निर्देश।
जव्हार तालुका के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी आधारभूत सुविधाओं के विकास की योजना।
ग्राम पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं को पर्यटन आय में सहभागी बनाने पर विचार किया जाएगा।

पालघर जिले के जव्हार तालुका स्थित प्रसिद्ध दाभोसा जलप्रपात पर निर्मित ग्लास स्कायवॉक का औपचारिक लोकार्पण 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हुआ। वनमंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने इस पर्यटन परियोजना का उद्घाटन किया, जिससे जिले में देश-विदेश के पर्यटकों की आमद बढ़ने और स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के नए द्वार खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

लोकार्पण समारोह में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, विधायक हरिश्चंद्र भोये, जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, परियोजना अधिकारी अपूर्वा बासुर, उपवनसंरक्षक सैफुन शेख, प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पी.वी. अमल, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता महेंद्र केनी तथा सरपंच योगिता माड़ी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे। यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमि में पालघर के लिए एक विशेष उपलक्ष्य बन गया।

पालकमंत्री की दृष्टि और घोषणाएँ

पालकमंत्री गणेश नाईक ने इस अवसर पर कहा कि पालघर जिले को समुद्री तटों के साथ-साथ पहाड़ों और प्राकृतिक सौंदर्य की अनमोल धरोहर प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जिले में बढ़ती कनेक्टिविटी, बुलेट ट्रेन परियोजना, विभिन्न महामार्गों और अन्य विकास कार्यों के कारण पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। नाईक ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य जिले के हर प्रमुख पर्यटन स्थल और समुद्र तट का विकास कर स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है।

उन्होंने आगे कहा कि जव्हार तालुका के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा। स्कायवॉक परिसर में पार्किंग, पर्यटक सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को और मज़बूत करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।

आदिवासी और ग्रामीण समुदायों पर असर

नाईक ने स्थानीय आदिवासी परिवारों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 'होम-स्टे' योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के घरों में ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पर्यटन की आय सीधे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों तक पहुँचेगी। उन्होंने महिला बचत समूहों को भी पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोज़गार के अवसर बढ़ाने का आह्वान किया।

पालकमंत्री ने यह भी कहा कि पर्यटन से होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुँचना चाहिए। इसके लिए ग्राम पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं को पर्यटन गतिविधियों के आर्थिक लाभ में सहभागी बनाने पर विचार किया जाएगा।

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

स्कायवॉक पर बढ़ने वाली पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए नाईक ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके तहत स्कायवॉक की निर्धारित क्षमता, प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर ज़ोर दिया गया। सीसीटीवी नेटवर्क को स्थानीय पुलिस व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।

पर्यटन स्थलों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहयोग से विशेष अभियान चलाने की बात कही गई। इसके अलावा स्थानीय रिसॉर्ट संचालकों, पर्यटन व्यवसायियों और आदिवासी क्षेत्र के उद्यमियों को आवश्यक अनुमति, मार्गदर्शन और बैंक ऋण उपलब्ध कराने में प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आगे की राह

पालकमंत्री गणेश नाईक ने अपने शेष कार्यकाल में पालघर जिले में व्यापक परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से जिले का सर्वांगीण विकास संभव है और आने वाले समय में स्वास्थ्य, शिक्षा, जलापूर्ति और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास में और तेज़ी लाई जाएगी। दाभोसा ग्लास स्कायवॉक पालघर के पर्यटन मानचित्र पर एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है — बशर्ते कि घोषित योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इसके बाद शुरू होती है। महाराष्ट्र में ऐसे कई पर्यटन उद्घाटन हुए हैं जहाँ आधारभूत सुविधाएँ — पार्किंग, स्वच्छता, सुरक्षा — बाद में उपेक्षित रह गईं। आदिवासी परिवारों और महिला बचत समूहों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की घोषणा सराहनीय है, परंतु इसके लिए ठोस क्रियान्वयन ढाँचा और जवाबदेही तंत्र ज़रूरी है। बुलेट ट्रेन और महामार्गों से कनेक्टिविटी बढ़ने पर पालघर की पर्यटन क्षमता वास्तव में असाधारण हो सकती है — बशर्ते नीति और निष्पादन के बीच की पुरानी खाई को पाटा जाए।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दाभोसा ग्लास स्कायवॉक क्या है और यह कहाँ स्थित है?
दाभोसा ग्लास स्कायवॉक पालघर जिले के जव्हार तालुका में प्रसिद्ध दाभोसा जलप्रपात पर निर्मित एक पर्यटन संरचना है। यह पर्यटकों को जलप्रपात के ऊपर काँच के पुल पर चलने का रोमांचक अनुभव प्रदान करती है।
दाभोसा ग्लास स्कायवॉक का उद्घाटन कब और किसने किया?
इस स्कायवॉक का लोकार्पण 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वनमंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने किया। समारोह में सांसद, विधायक, जिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस परियोजना से स्थानीय आदिवासी समुदायों को क्या फायदा होगा?
पालकमंत्री गणेश नाईक ने आदिवासी परिवारों के लिए 'होम-स्टे' योजना लागू करने और महिला बचत समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की घोषणा की है। इससे पर्यटन आय सीधे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों तक पहुँचने की उम्मीद है।
स्कायवॉक पर सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
निर्धारित क्षमता के अनुसार प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ नियंत्रण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी नेटवर्क को स्थानीय पुलिस व्यवस्था से भी जोड़ा जाएगा।
पालघर में आगे और कौन-से पर्यटन विकास कार्य होने वाले हैं?
जव्हार तालुका के अन्य पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा और स्कायवॉक परिसर में पार्किंग व अन्य सुविधाएँ मज़बूत की जाएंगी। बुलेट ट्रेन परियोजना और महामार्गों के विस्तार से जिले की पर्यटन कनेक्टिविटी और बेहतर होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
    राष्ट्रपति मुर्मु ने स्कोप्जे में गोसे डेलचेव की समाधि पर अर्पित की पुष्पांजलि, उत्तर मैसेडोनिया से द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने का संकल्प
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले