पवन कल्याण की हैदराबाद संकल्प सभा पर रोक, तेलंगाना पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर अनुमति अस्वीकार की
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना पुलिस ने आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी के नेता पवन कल्याण की प्रस्तावित 'तेलंगाना नव निर्माण संकल्प सभा' की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह सभा 2 जून 2026 को तेलंगाना के 12वें स्थापना दिवस पर हैदराबाद के गाचीबोवली स्थित संध्या कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाली थी। पुलिस ने इस निर्णय के पीछे कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए 'गंभीर खतरे' का हवाला दिया है।
अनुमति अस्वीकृति का आधिकारिक कारण
साइबराबाद कमिश्नरेट के सेरिलिंगमपल्ली जोन के पुलिस उपायुक्त सीएच श्रीनिवास ने सोमवार, 1 जून को जन सेना पार्टी के महासचिव तल्लूरी राम को लिखित रूप से सूचित किया कि प्रस्तावित बैठक के लिए अनुमति का अनुरोध कानून-व्यवस्था, जन शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के हित में अस्वीकार किया जाता है।
जन सेना ने दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाली इस सभा में लगभग 2,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई थी। पुलिस ने यह भी बताया कि प्रस्तावित स्थल पर कोई निर्धारित पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं है।
तनाव की पृष्ठभूमि
डीसीपी श्रीनिवास ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री की केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात के संदर्भ में प्रोफेसर के. नागेश्वर द्वारा हाल ही में की गई कथित टिप्पणियों और उसके बाद आंध्र प्रदेश में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के बाद तेलंगाना भर में तनाव और शत्रुता का माहौल बन गया है।
अधिकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश के कुछ राजनीतिक नेताओं — जिनमें जन सेना पार्टी भी शामिल है — द्वारा प्रो. नागेश्वर से जुड़े मामले पर दिए गए सार्वजनिक बयानों से तेलंगाना के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसके परिणामस्वरूप विरोध प्रदर्शन, जवाबी रैलियाँ और छात्र संगठनों तथा कार्यकर्ता समूहों का विरोध देखने को मिला है।
पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस के पत्र में कहा गया है, 'चूंकि प्रस्तावित बैठक तेलंगाना के 12वें स्थापना दिवस के साथ मेल खा रही है, इसलिए विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और यातायात में गंभीर व्यवधान की आशंका बनी हुई है। इन परिस्थितियों में यह बैठक जन शांति बनाए रखने के लिए उपयुक्त नहीं है, क्योंकि इससे साइबराबाद कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को गंभीर खतरा है।'
जन सेना की प्रतिक्रिया
जन सेना पार्टी ने अनुमति अस्वीकृति को 'बहाना' करार दिया। पार्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में सवाल उठाया कि एक विश्लेषक की कथित टिप्पणियाँ और उनके प्रतिवाद अचानक पूरे तेलंगाना में कानून-व्यवस्था के लिए खतरा कैसे बन गए। पार्टी ने आरोप लगाया कि अनुमति अस्वीकार करने के लिए दिए गए कारण वास्तविक चिंताओं के बजाय कार्यक्रम को रोकने के बहाने प्रतीत होते हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि तेलंगाना स्थापना दिवस पर आंध्र प्रदेश के किसी वरिष्ठ नेता की हैदराबाद में बड़ी राजनीतिक सभा आयोजित करना स्वयं में एक संवेदनशील मामला है। आने वाले दिनों में जन सेना का अगला कदम इस राजनीतिक विवाद की दिशा तय करेगा।