पवन कल्याण ने केंद्र से माँगी 'ग्रेट ग्रीन वॉल' और 1,050 किमी तटरेखा संरक्षण में मदद
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार, 16 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राज्य की महत्वाकांक्षी 'ग्रेट ग्रीन वॉल' पहल और 1,050 किलोमीटर लंबी तटरेखा के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से ठोस सहयोग की माँग की। यह बैठक आंध्र प्रदेश के पर्यावरण एजेंडे को राष्ट्रीय नीति से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
मुख्य माँगें और प्रस्ताव
पवन कल्याण ने 'ग्रीन इंडिया मिशन' के तहत आंध्र प्रदेश को अधिक वित्तीय सहायता दिलाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने विशाखापत्तनम में प्रस्तावित सोंटयम रोड प्रोजेक्ट के लिए वन्यजीव मंजूरी प्रक्रिया में तेज़ी लाने की भी माँग रखी। उन्होंने 'अरण्यराम कॉमन फैसिलिटी सेंटर (प्रशिक्षण एवं अनुसंधान)' को स्वीकृति देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
गोदावरी संरक्षण और एनएसटीआर विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने पवित्र गोदावरी नदी को नगरपालिका और औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त रखने के उपायों पर केंद्रीय मंत्री से सुझाव माँगे। उन्होंने नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व (एनएसटीआर) क्षेत्र में मौजूदा 90 बेस कैंप की संख्या बढ़ाकर 150 करने के लिए भी केंद्र की मदद माँगी। यह विस्तार विशेष रूप से बाघ संरक्षण को मज़बूती देने के लिए ज़रूरी बताया गया।
चेंचु युवाओं के लिए रोज़गार और वन्यजीव सुरक्षा
इस पहल के तहत स्थानीय चेंचु आदिवासी समुदाय के युवाओं को 'फॉरेस्ट वॉचर' के रूप में नियुक्त करने की योजना है, जिससे लगभग 300 रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। पवन कल्याण ने इन वॉचर्स को मोटरसाइकिल और मुफ्त राशन उपलब्ध कराने में केंद्र की सहायता माँगी, ताकि वे दूरदराज के वन क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। यह कदम संरक्षण और आदिवासी आजीविका को एक साथ साधने का प्रयास है।
हाथी और बाघ संरक्षण की विशेष पहल
पवन कल्याण ने पार्वतीपुरम ज़िले में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए ओडिशा से प्रशिक्षित 'कुम्की' हाथियों की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में बाघों की आबादी में आनुवंशिक विविधता बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बाघिनों को लाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
केंद्र का सकारात्मक आश्वासन
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और 12 अगस्त को 'अंतर्राष्ट्रीय हाथी दिवस' पर व्यक्तिगत रूप से आंध्र प्रदेश आने की इच्छा जताई। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि उनके दौरे से पहले सभी ज़रूरी मंजूरियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। पवन कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य वनों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिक सुरक्षा को मज़बूत करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और टिकाऊ आंध्र प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।