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पवन कल्याण ने केंद्र से माँगी 'ग्रेट ग्रीन वॉल' और 1,050 किमी तटरेखा संरक्षण में मदद

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पवन कल्याण ने केंद्र से माँगी 'ग्रेट ग्रीन वॉल' और 1,050 किमी तटरेखा संरक्षण में मदद

सारांश

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलकर 'ग्रेट ग्रीन वॉल', गोदावरी प्रदूषण, बाघ संरक्षण और चेंचु युवाओं के लिए 300 रोज़गार समेत कई पर्यावरणीय प्रस्ताव रखे। केंद्र ने 12 अगस्त से पहले मंजूरियों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 16 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर आंध्र प्रदेश की 'ग्रेट ग्रीन वॉल' पहल के लिए केंद्रीय सहायता माँगी।
राज्य की 1,050 किलोमीटर लंबी तटरेखा के संरक्षण और ग्रीन इंडिया मिशन के तहत अतिरिक्त वित्त पोषण का अनुरोध किया गया।
एनएसटीआर में बेस कैंप 90 से 150 करने और चेंचु युवाओं के लिए लगभग 300 फॉरेस्ट वॉचर पदों की माँग रखी गई।
पार्वतीपुरम में मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिए ओडिशा से 'कुम्की' हाथी और बाघ आनुवंशिक विविधता हेतु महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश से बाघिन लाने का प्रस्ताव।
केंद्रीय मंत्री ने 12 अगस्त (अंतर्राष्ट्रीय हाथी दिवस) से पहले प्रस्तावों पर मंजूरी प्राथमिकता से देने और आंध्र प्रदेश दौरे का आश्वासन दिया।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार, 16 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राज्य की महत्वाकांक्षी 'ग्रेट ग्रीन वॉल' पहल और 1,050 किलोमीटर लंबी तटरेखा के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से ठोस सहयोग की माँग की। यह बैठक आंध्र प्रदेश के पर्यावरण एजेंडे को राष्ट्रीय नीति से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

मुख्य माँगें और प्रस्ताव

पवन कल्याण ने 'ग्रीन इंडिया मिशन' के तहत आंध्र प्रदेश को अधिक वित्तीय सहायता दिलाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने विशाखापत्तनम में प्रस्तावित सोंटयम रोड प्रोजेक्ट के लिए वन्यजीव मंजूरी प्रक्रिया में तेज़ी लाने की भी माँग रखी। उन्होंने 'अरण्यराम कॉमन फैसिलिटी सेंटर (प्रशिक्षण एवं अनुसंधान)' को स्वीकृति देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

गोदावरी संरक्षण और एनएसटीआर विस्तार

उपमुख्यमंत्री ने पवित्र गोदावरी नदी को नगरपालिका और औद्योगिक प्रदूषण से मुक्त रखने के उपायों पर केंद्रीय मंत्री से सुझाव माँगे। उन्होंने नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व (एनएसटीआर) क्षेत्र में मौजूदा 90 बेस कैंप की संख्या बढ़ाकर 150 करने के लिए भी केंद्र की मदद माँगी। यह विस्तार विशेष रूप से बाघ संरक्षण को मज़बूती देने के लिए ज़रूरी बताया गया।

चेंचु युवाओं के लिए रोज़गार और वन्यजीव सुरक्षा

इस पहल के तहत स्थानीय चेंचु आदिवासी समुदाय के युवाओं को 'फॉरेस्ट वॉचर' के रूप में नियुक्त करने की योजना है, जिससे लगभग 300 रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। पवन कल्याण ने इन वॉचर्स को मोटरसाइकिल और मुफ्त राशन उपलब्ध कराने में केंद्र की सहायता माँगी, ताकि वे दूरदराज के वन क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। यह कदम संरक्षण और आदिवासी आजीविका को एक साथ साधने का प्रयास है।

हाथी और बाघ संरक्षण की विशेष पहल

पवन कल्याण ने पार्वतीपुरम ज़िले में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए ओडिशा से प्रशिक्षित 'कुम्की' हाथियों की आवश्यकता पर भी चर्चा की। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में बाघों की आबादी में आनुवंशिक विविधता बढ़ाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बाघिनों को लाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

केंद्र का सकारात्मक आश्वासन

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और 12 अगस्त को 'अंतर्राष्ट्रीय हाथी दिवस' पर व्यक्तिगत रूप से आंध्र प्रदेश आने की इच्छा जताई। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि उनके दौरे से पहले सभी ज़रूरी मंजूरियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। पवन कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य वनों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिक सुरक्षा को मज़बूत करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित और टिकाऊ आंध्र प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वन्यजीव संरक्षण और जलवायु एजेंडे को आक्रामक रूप से केंद्र की मेज़ पर रख रहे हैं। हालाँकि, 'ग्रेट ग्रीन वॉल' जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की असली परीक्षा वित्त पोषण की घोषणा नहीं, बल्कि ज़मीनी क्रियान्वयन होगी। चेंचु जनजाति को फॉरेस्ट वॉचर बनाने का प्रस्ताव सराहनीय है, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि ये पद अस्थायी श्रम न बनकर दीर्घकालिक आजीविका बनें। केंद्र का 12 अगस्त का दौरा-वादा राजनीतिक इच्छाशक्ति का संकेत है, पर बिना बाध्यकारी समयसीमा के ये आश्वासन पहले भी लंबित रह चुके हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश की 'ग्रेट ग्रीन वॉल' पहल क्या है?
'ग्रेट ग्रीन वॉल' आंध्र प्रदेश की एक पर्यावरणीय पहल है जिसका उद्देश्य राज्य की 1,050 किलोमीटर लंबी तटरेखा सहित वन और पारिस्थितिक क्षेत्रों का संरक्षण करना है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इसके लिए केंद्र सरकार से 'ग्रीन इंडिया मिशन' के तहत अतिरिक्त सहायता माँगी है।
पवन कल्याण ने भूपेंद्र यादव से मुलाकात में क्या-क्या माँगें रखीं?
पवन कल्याण ने 'ग्रेट ग्रीन वॉल' के लिए केंद्रीय सहायता, विशाखापत्तनम के सोंटयम रोड प्रोजेक्ट की वन्यजीव मंजूरी, गोदावरी प्रदूषण नियंत्रण, एनएसटीआर में बेस कैंप 90 से 150 करने, चेंचु युवाओं के लिए 300 फॉरेस्ट वॉचर पद, कुम्की हाथी और बाघिनों के अंतर-राज्यीय स्थानांतरण की माँगें रखीं।
चेंचु युवाओं को फॉरेस्ट वॉचर बनाने की योजना क्या है?
एनएसटीआर क्षेत्र में स्थानीय चेंचु आदिवासी समुदाय के युवाओं को 'फॉरेस्ट वॉचर' के रूप में नियुक्त करने की योजना है, जिससे लगभग 300 रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। इन्हें मोटरसाइकिल और मुफ्त राशन उपलब्ध कराने की भी माँग की गई है ताकि वे दूरदराज के वन क्षेत्रों में प्रभावी कार्य कर सकें।
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के प्रस्तावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया और 12 अगस्त (अंतर्राष्ट्रीय हाथी दिवस) पर व्यक्तिगत रूप से आंध्र प्रदेश आने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि उनके दौरे से पहले सभी ज़रूरी मंजूरियों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
पार्वतीपुरम में मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने के लिए क्या प्रस्ताव रखा गया?
पवन कल्याण ने पार्वतीपुरम ज़िले में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए ओडिशा से प्रशिक्षित 'कुम्की' हाथियों को लाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में बाघों की आनुवंशिक विविधता बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बाघिनों के स्थानांतरण पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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