दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने हैदरपुर में 'नमो श्रमिक सेवा केंद्र' और 'गिग वर्कर्स विश्राम स्थल' का उद्घाटन किया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को शालीमार के हैदरपुर में 'नमो श्रमिक सेवा केंद्र' और 'गिग वर्कर्स विश्राम स्थल' का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह शुभारंभ विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज दोहरा संयोग है — एक ओर भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, और दूसरी ओर भारत के विकास के शिल्पकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस है। उन्होंने कहा कि वे भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना करती हैं कि वे प्रधानमंत्री को अपना आशीर्वाद प्रदान करें।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस केंद्र के माध्यम से श्रमिकों को केंद्र और दिल्ली सरकार की समस्त योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिल सकेगा। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि श्रमिकों के पंजीकरण पर लगने वाली ₹25 की फीस को समाप्त कर दिया गया है और अब यह पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क होगा।
श्रमिकों के लिए क्या मिलेगा
गिग वर्कर्स विश्राम स्थल में डिलीवरी कामगारों और अन्य असंगठित श्रमिकों के लिए ठंडे पानी, मोबाइल चार्जिंग और महिला कामगारों के लिए 'बेबी-सिटिंग' की विशेष व्यवस्था की गई है। यह सुविधा दिन-रात मेहनत करने वाले श्रमिकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शालीमार में जल्द एक स्किल सेंटर भी खोला जाएगा, जिसके बाद दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी इन्हें विस्तारित किया जाएगा। इसी के साथ कार्यक्रम में स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कई श्रमिकों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
विस्तार की योजना
मंत्री कपिल मिश्रा ने जानकारी दी कि 'सेवा संकल्प' अभियान के तहत पूरी दिल्ली में कुल 34 'नमो श्रमिक सेवा केंद्र' खोले जाएंगे। इनमें श्रमिकों के लिए निःशुल्क पंजीकरण पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है, ताकि कोई भी कामगार आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में गिग इकॉनमी तेजी से विस्तार पा रही है और लाखों डिलीवरी कामगार बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गौरतलब है कि श्रमिक पंजीकरण को निःशुल्क करने का निर्णय उन श्रमिकों के लिए विशेष रूप से राहत देने वाला है, जो छोटी-छोटी फीस के कारण सरकारी लाभ से बाहर रह जाते थे।
कौशल विकास पर जोर
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में श्रमिकों को देश के बाहर रोजगार के लिए तैयार करने हेतु तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ भाषा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पहल असंगठित क्षेत्र के कामगारों को वैश्विक श्रम बाजार से जोड़ने की दिशा में एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
आने वाले हफ्तों में शेष 34 केंद्रों का उद्घाटन और नमो श्रमिक सेवा केंद्र में पंजीकरण प्रक्रिया का आधिकारिक शुभारंभ अपेक्षित है।