6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर श्रमिकों को 500 पालना देगी?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर श्रमिकों को 500 पालना देगी?

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रमिकों को सम्मानित करते हुए 500 पालना देने का ऐलान किया है। यह कदम श्रमिकों के कल्याण और उनकी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जानिए इस योजना का उद्देश्य और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

दिल्ली सरकार का श्रमिकों के लिए नया कदम 500 पालना का वितरण श्रमिकों के कल्याण पर जोर सरकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन समाज में समानता और विकास को बढ़ावा

नई दिल्ली, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सिविल लाइंस में स्थित वीआर मेट्रोपॉलिटन में विश्‍वकर्मा पूजा उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लिया। उन्होंने श्रमिकों को सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम शहर के समावेशी विकास, कौशल सम्मान और श्रमिक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दिल्ली में सभी श्रमिकों के साथ हमारी सरकार खड़ी है। हमारी सभी योजनाएं उनके कल्याण के लिए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा संकल्प है कि श्रमिकों के सिर पर छत हो, उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले और उनके बच्चों के लिए उत्तम शिक्षा की व्यवस्था हो। हमारा उद्देश्य है कि गरीबों और श्रमिकों को सभी योजनाओं का लाभ मिले।

आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों ने योजनाओं को केवल कागज़ों तक सीमित रखा, लेकिन हमारी सरकार ने उन योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार श्रमिकों के बच्चों की देखभाल के लिए प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 500 पालना प्रदान करेगी, जिससे महिलाओं को अपने बच्चों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।

रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि इस पहल ने कुशल श्रमिकों का सम्मान किया है और यह दिखाया है कि सरकार और निजी क्षेत्र का सहयोग दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक मूल्य प्रदान कर सकता है।

वोट चोरी के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जन-जन के नेता हैं, उन्हें वोट चोरी की आवश्यकता नहीं है। वे हमेशा जनकल्याण के बारे में सोचते हैं और देश को आगे बढ़ाने का कार्य करते रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज में समानता और विकास को भी बढ़ावा देगा। यह एक सकारात्मक बदलाव है जो देश के अन्य हिस्सों के लिए एक उदाहरण पेश कर सकता है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले