पवन कल्याण ने मंगलगिरि में रखी 'अरण्यारामम' की आधारशिला, ₹24 करोड़ से बनेगा देश का पहला वन सुविधा केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वन और पर्यावरण मंत्री पवन कल्याण ने 19 जून 2026 को मंगलगिरि के निकट देश के पहले कॉमन फैसिलिटी सेंटर 'अरण्यारामम' की आधारशिला रखी। लगभग ₹24 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाला यह केंद्र आंध्र प्रदेश में वन अनुसंधान, प्रशिक्षण, संरक्षण और पर्यावरणीय प्रशासन का केंद्रीय हब बनेगा। इसी अवसर पर पवन कल्याण ने खनन-प्रभावित क्षेत्रों की हरियाली बहाली के लिए 'नंदनवनम' अभियान का भी शुभारंभ किया।
अरण्यारामम: क्या है यह केंद्र
'अरण्यारामम' वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रशासनिक और पर्यवेक्षण कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। यह केंद्र हनुमान परियोजना, आंध्र प्रदेश ग्रेट ग्रीन वॉल परियोजना, वन्यजीव संरक्षण, जंगलों में आग की निगरानी, पारिस्थितिकी तंत्र के पुनर्स्थापन, जलवायु लचीलापन, ईको-टूरिज्म और डिजिटल पर्यावरणीय शासन जैसी बहुआयामी पहलों का कमांड सेंटर भी बनेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह अपनी तरह का देश में पहला ऐसा एकीकृत वन सुविधा केंद्र होगा।
वन्यजीव संरक्षण की उपलब्धियाँ
शिलान्यास समारोह के बाद उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हनुमान गैलरी का निरीक्षण किया, जहाँ वन्यजीव बचाव अभियानों की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश वन विभाग ने वर्ष 2024 में 185 वन्यजीव बचाव अभियान और 36 मानव-वन्यजीव संघर्ष निवारण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किए। ये आँकड़े राज्य के वन विभाग की बढ़ती परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं।
नंदनवनम अभियान: खनन-क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में हरियाली की वापसी
समारोह में पवन कल्याण ने 'नंदनवनम' नामक विशेष पुनर्वनीकरण कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य खनन गतिविधियों से क्षतिग्रस्त प्राकृतिक क्षेत्रों को पुनः हराभरा बनाना है। उन्होंने स्वयं एक देशी बरगद का पौधा लगाकर इस अभियान का शुभारंभ किया। बताया गया है कि वर्ष 2013 से इस क्षेत्र में हुए खनन कार्यों के कारण पहाड़ी भूभाग और वन क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुँचा है।
पवन कल्याण ने कहा कि 'नंदनवनम' पहल के ज़रिए इन क्षेत्रों में दोबारा हरियाली लाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर वातावरण तैयार किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में खनन-प्रेरित वन क्षति एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बनी हुई है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
शिलान्यास समारोह में वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव कांतिलाल डांडे, वन विभाग के सलाहकार मल्लिकार्जुन राव, पीसीसीएफ पी.वी. चलपति राव और राज्य मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चिल्लापल्ली श्रीनिवास राव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों की मौजूदगी इस परियोजना को राज्य सरकार की प्राथमिकता सूची में ऊँचे स्थान पर रखती है।
आगे की राह
'अरण्यारामम' के पूर्ण निर्माण के बाद यह केंद्र आंध्र प्रदेश के वन प्रशासन को डिजिटल और वैज्ञानिक आधार पर संचालित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। 'नंदनवनम' अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि खनन-प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वनीकरण की रफ़्तार और गुणवत्ता किस स्तर पर बनाए रखी जाती है।