प्रो. सतीश धवन जयंती 2026: इसरो के पूर्व अध्यक्ष को गडकरी, मनोहर लाल समेत कई नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
भारत के महान एयरोस्पेस वैज्ञानिक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एवं पद्म विभूषण से सम्मानित प्रो. सतीश धवन की जयंती पर 25 सितंबर 2026 को देशभर के नेताओं और मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्रियों तक, सभी ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ देने वाले इस महान वैज्ञानिक को याद किया।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'महान भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक, इसरो के भूतपूर्व अध्यक्ष प्रो. सतीश धवन की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन। विज्ञान के क्षेत्र में देश के प्रति उनका योगदान अमूल्य है।'
केंद्रीय आवास, शहरी मामलों एवं बिजली मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में कहा, 'भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई दिशा देने वाले महान वैज्ञानिक एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष, पद्म विभूषण प्रो. सतीश धवन की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन अर्पित करता हूँ। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रो. धवन का 'अद्भुत शोध और अथक परिश्रम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणापुंज रहेंगे।'
मुख्यमंत्रियों ने जताया सम्मान
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में प्रो. धवन को 'भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का शिल्पकार' बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अद्वितीय नेतृत्व और अतुलनीय योगदान से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा और ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। शर्मा ने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान के प्रति उनका समर्पण तथा राष्ट्रनिर्माण की उनकी वैज्ञानिक दृष्टि 'सदैव प्रेरणादायी रहेगी।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई दिशा और ऊँचाइयों तक ले जाने में प्रो. धवन का 'महत्वपूर्ण योगदान' था और उनकी उपलब्धियाँ 'सदैव प्रेरणादायी रहेंगी।'
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने एक्स पर पोस्ट कर प्रो. धवन को 'शत-शत नमन' करते हुए कहा कि उन्होंने 'दूरदर्शी नेतृत्व, वैज्ञानिक प्रतिभा और समर्पण से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रो. धवन का योगदान भारत की अंतरिक्ष यात्रा में 'सदैव स्मरणीय रहेगा।'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी ने अपनी पोस्ट में प्रो. धवन को 'भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान का आधारस्तंभ' बताया। उन्होंने कहा कि प्रो. धवन के 'दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट शोध और अटूट समर्पण ने भारत को वैश्विक अंतरिक्ष पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई।' कुलकर्णी ने यह भी जोड़ा कि उनका 'प्रेरणादायी जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाश-स्तंभ बना रहेगा।'
प्रो. सतीश धवन की विरासत
गौरतलब है कि प्रो. सतीश धवन ने 1972 से 1984 तक इसरो के अध्यक्ष पद पर रहते हुए भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैज्ञानिक आधार और संस्थागत मजबूती दी। उनके नेतृत्व में भारत ने पहला उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-3) विकसित किया और देश की स्वदेशी अंतरिक्ष क्षमताओं की नींव रखी। श्रीहरिकोटा स्थित देश के प्रमुख अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र का नाम उनके सम्मान में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र रखा गया है।
यह ऐसे समय में है जब भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम चंद्रयान और गगनयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशनों के साथ नई ऊँचाइयाँ छू रहा है — प्रो. धवन के उस सपने को साकार करते हुए जो उन्होंने दशकों पहले देखा था। उनके जन्मदिन पर नेताओं द्वारा दी गई श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि वे भारत के वैज्ञानिक इतिहास में एक अमिट स्थान रखते हैं।