12 अगस्त 2026
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विक्रम साराभाई जयंती 2026: इसरो के शिल्पकार को BJP नेताओं ने एक्स पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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विक्रम साराभाई जयंती 2026: इसरो के शिल्पकार को BJP नेताओं ने एक्स पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

इसरो के शिल्पकार डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर कई मुख्यमंत्रियों तक — BJP नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी। उनकी विरासत आज चंद्रयान से आदित्य-L1 तक जीवित है।

मुख्य बातें

विक्रम अंबालाल साराभाई की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला , केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नितिन गडकरी सहित कई BJP नेताओं ने एक्स पर पोस्ट किया।
राजस्थान , उत्तराखंड , मध्य प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने भी श्रद्धांजलि दी।
साराभाई को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था; वे इसरो की स्थापना और परमाणु ऊर्जा विकास में अग्रणी रहे।
नेताओं ने उनकी दूरदृष्टि को चंद्रयान, मंगलयान जैसी उपलब्धियों की नींव बताया।

भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और महान भौतिक विज्ञानी डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई की जयंती पर 12 अगस्त को देशभर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से एक्स पर पोस्ट कर उन्हें नमन किया। डॉ. साराभाई ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की नींव रखी और देश में परमाणु ऊर्जा के विकास में भी अहम भूमिका निभाई।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय अंतरिक्ष युग के शिल्पकार, पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन। डॉ. साराभाई का विश्वास था कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए।' बिड़ला ने यह भी रेखांकित किया कि डॉ. साराभाई ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को संचार, मौसम पूर्वानुमान, कृषि, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि चंद्रमा, सूर्य और मंगल तक भारत की अंतरिक्ष यात्राएँ डॉ. साराभाई की जीवंत विरासत हैं।

केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, 'भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक, महान वैज्ञानिक, पद्म विभूषण डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूँ! विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।' केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक्स पर पोस्ट कर डॉ. साराभाई को 'भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक' बताते हुए विनम्र अभिवादन किया।

मुख्यमंत्रियों ने किया नमन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि दी। भजनलाल शर्मा ने लिखा कि डॉ. साराभाई ने 'दूरदर्शी नेतृत्व, वैज्ञानिक सोच और नवाचार के प्रति समर्पण से भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान में वैश्विक पहचान दिलाने की मजबूत नींव रखी।' धामी ने उनके योगदान को 'भारत की वैज्ञानिक प्रगति की आधारशिला' बताया।

डॉ. साराभाई की विरासत

डॉ. विक्रम साराभाई न केवल एक वैज्ञानिक थे, बल्कि एक दूरदर्शी उद्योगपति भी थे जिन्होंने विज्ञान को जनकल्याण से जोड़ा। इसरो की स्थापना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, जिसने भारत को आत्मनिर्भर अंतरिक्ष शक्ति बनाने की दिशा प्रदान की। गौरतलब है कि उनके नेतृत्व में शुरू हुई वैज्ञानिक परंपरा आज चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे मिशनों में फलीभूत हो रही है।

आगे की दिशा

डॉ. साराभाई की जयंती हर वर्ष देश के वैज्ञानिक समुदाय को नई पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर देती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव ने कहा कि 'विज्ञान को जनकल्याण और राष्ट्र की प्रगति से जोड़ने की उनकी दूरदृष्टि आज भी देश को नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ने की प्रेरणा देती है।' यह स्मरण इसरो की आगामी पीढ़ी के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सत्तारूढ़ दल की 'आत्मनिर्भर भारत' कथा को वैज्ञानिक वैधता देने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब इसरो बजट और वैज्ञानिक रोज़गार पर सवाल उठ रहे हैं। असली श्रद्धांजलि नारों में नहीं, बल्कि अनुसंधान निवेश और वैज्ञानिक संस्थाओं की स्वायत्तता में होगी।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. विक्रम साराभाई कौन थे और उनका भारत के लिए क्या योगदान था?
डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई महान भौतिक विज्ञानी, उद्योगपति और भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक थे। उन्होंने इसरो की नींव रखी और देश में परमाणु ऊर्जा विकास में भी अहम भूमिका निभाई; उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।
विक्रम साराभाई की जयंती कब मनाई जाती है?
डॉ. विक्रम साराभाई की जयंती प्रतिवर्ष 12 अगस्त को मनाई जाती है। इस अवसर पर वैज्ञानिक समुदाय, सरकारी नेता और शैक्षणिक संस्थाएँ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं।
इस बार जयंती पर किन BJP नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
डॉ. साराभाई ने इसरो की स्थापना क्यों की थी?
डॉ. साराभाई का मानना था कि विज्ञान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाना है। इसी दूरदृष्टि के तहत उन्होंने इसरो की स्थापना की, ताकि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को संचार, कृषि, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जोड़ा जा सके।
डॉ. साराभाई की विरासत आज किस रूप में दिखती है?
उनकी विरासत चंद्रयान, मंगलयान और आदित्य-L1 जैसे मिशनों में स्पष्ट दिखती है। इसरो आज भारत को एक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित कर चुका है।
राष्ट्र प्रेस
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