राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, राजनाथ सिंह और अमित शाह ने इसरो वैज्ञानिकों को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर 23 अगस्त 2026 को देश के शीर्ष नेताओं ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों को सराहा और इसरो के वैज्ञानिकों व इंजीनियरों को उनके अथक परिश्रम के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपने संदेश साझा किए। यह दिवस चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की वर्षगाँठ के रूप में मनाया जाता है।
उपराष्ट्रपति का संदेश
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा कि अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की उपलब्धियाँ देश की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और नवाचार की भावना का प्रमाण हैं। उन्होंने गगनयान जैसे महत्वाकांक्षी मिशनों का उल्लेख करते हुए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों को नमन किया। राधाकृष्णन ने आशा व्यक्त की कि इन उपलब्धियों से देश के युवा बड़े सपने देखने और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में चंद्रयान मिशन की ऐतिहासिक सफलता से लेकर गगनयान मिशन तक की भारत की अंतरिक्ष यात्रा को देश की तकनीकी क्षमता और अटूट नवाचार भावना का प्रतीक बताया। उन्होंने भारत को एक आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर अग्रणी अंतरिक्ष शक्ति बनाने के संकल्प को दोहराने का आह्वान किया। सिंह ने देश के युवाओं को आसमान की बुलंदियों को छूने के लिए प्रेरित करने पर ज़ोर दिया।
गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह दिन वह ऐतिहासिक क्षण है जब चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी। उन्होंने इसे इसरो के वैज्ञानिकों की प्रतिभा को सम्मान देने का अवसर बताया और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को अग्रणी बनाने के विज़न की सफलता का मील का पत्थर करार दिया। शाह ने कहा कि यह उपलब्धि देश के युवाओं के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण में नई ऊंचाइयाँ छूने की प्रेरणादायक नींव बनी है।
जे.पी. नड्डा ने गिनाईं भारत की अंतरिक्ष उड़ानें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने सोशल मीडिया पर दो अलग पोस्ट के ज़रिये इस दिवस पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग को वैज्ञानिकों की दूरदर्शिता, कड़ी मेहनत और दृढ़ता का प्रमाण बताया। नड्डा ने आदित्य-एल1, स्पैडेक्स और गगनयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल अंतरिक्ष की ओर देख नहीं रहा, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के भविष्य को आकार दे रहा है।
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का महत्व
गौरतलब है कि 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी तारीख को चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा था — यह उपलब्धि हासिल करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना था। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को निजी क्षेत्र के लिए भी खोल रहा है और इसरो के साथ-साथ स्टार्टअप्स भी इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नेताओं के ये संदेश भारत की बढ़ती अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में देश की बढ़ती हिस्सेदारी को रेखांकित करते हैं।