सेंसेक्स 171 अंक टूटा, 77,369 पर बंद; पश्चिम एशिया तनाव और बॉन्ड यील्ड की चिंता से बाजार लाल
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 24 अगस्त को 171.72 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 32.95 अंक यानी 0.14 प्रतिशत फिसलकर 24,219.05 पर आ गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में सतर्कता का माहौल बनाया, जिसकी छाया घरेलू बाजार पर भी पड़ी।
कारोबार का पूरा घटनाक्रम
सत्र की शुरुआत सकारात्मक रही — सेंसेक्स पिछले बंद 77,540.83 से 88.72 अंक ऊपर 77,629.56 पर खुला और एक समय 77,789.40 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुँचा। लेकिन दोपहर बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सेंसेक्स 77,201.66 के इंट्रा-डे निम्नतम स्तर तक लुढ़क गया।
निफ्टी 50 ने भी 24,285.05 पर सकारात्मक शुरुआत की, इंट्रा-डे में 24,313 का उच्च और 24,144.30 का निम्न स्तर छुआ। क्लोजिंग के समय निफ्टी ने 24,200 के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर को पुनः हासिल कर लिया।
व्यापक बाजार और सेक्टर प्रदर्शन
व्यापक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो आईटी, एनर्जी, मेटल और रियल एस्टेट को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। पीएसयू बैंक सेक्टर 1 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निजी बैंक, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.3 से 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
टॉप गेनर और लूज़र
निफ्टी 50 में सबसे अधिक गिरावट एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) और TMPMV के शेयरों में रही। दूसरी ओर, JSW स्टील, हिंडाल्को, टाटा स्टील, HCL टेक, डॉ. रेड्डीज और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी शुरुआत के बावजूद घरेलू बेंचमार्क नीचे आए क्योंकि ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा से पहले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन में कटौती की। विशेषज्ञों ने बताया कि निफ्टी इंट्राडे में 24,200 के सपोर्ट लेवल से नीचे चला गया था, लेकिन क्लोजिंग के समय उसने यह स्तर पुनः हासिल कर लिया — जो बाजार में कुछ खरीदारी की रुचि का संकेत है।
मंगलवार के सत्र में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान की संभावित प्रतिक्रिया के आधार पर ट्रेडर्स अपनी पोजीशन में बदलाव करेंगे। इसके अलावा, NSE की मासिक F&O एक्सपायरी भी मंगलवार को है, जो बाजार में अतिरिक्त अस्थिरता ला सकती है।
आगे क्या होगा
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 24,200–24,000 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपरी स्तर पर 24,350 एक अहम रेजिस्टेंस है — इसे पार करने पर निफ्टी में तेज रिकवरी देखने को मिल सकती है। वैश्विक संकेत और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करेंगे।