दिल्ली एलजी टीएस संधू ने पुलिस, डीडीए, MCD और दमकल विभाग के साथ की समन्वय बैठक, सुरक्षा मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को दिल्ली पुलिस, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली फायर सर्विस और नगर निगम दिल्ली (MCD) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सुरक्षा से जुड़े उन मामलों पर विशेष जोर दिया गया जिनमें कई एजेंसियों के संयुक्त और त्वरित हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।
बैठक में क्या तय हुआ
उपराज्यपाल संधू ने बैठक में 'पूरी सरकार' (Whole-of-Government) दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया — यानी सभी एजेंसियाँ अलग-अलग काम करने के बजाय आपसी समन्वय से काम करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर तय समय-सीमा के भीतर जमीनी स्तर पर नतीजे सुनिश्चित किए जाएँ।
संधू ने स्पष्ट किया कि जवाबदेही सुनिश्चित करना और जमीनी स्तर पर तेज़ परिणाम हासिल करना इस पूरी कवायद का केंद्रबिंदु है। उन्होंने कहा कि 'विकसित दिल्ली' के लक्ष्य को तभी हासिल किया जा सकता है जब सभी विभाग मिलकर और कुशलता से काम करें।
एक्स पर एलजी का संदेश
उपराज्यपाल संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने जीएनसीटीडी, दिल्ली पुलिस, डीडीए, एमसीडी और दमकल विभाग के बीच एक समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस बैठक में 'पूरी सरकार' के नज़रिए की ज़रूरत पर विशेष ज़ोर दिया गया।
डीरेगुलेशन और ईज़ ऑफ लिविंग पर भी समीक्षा
इससे पहले पिछले सप्ताह, एलजी ने आम नागरिकों पर नियमों के पालन का बोझ कम करने और डीरेगुलेशन के ज़रिए जीवन को सरल बनाने से जुड़े सुधारों की प्रगति की समीक्षा की थी। एक्स पर पोस्ट किए गए संदेश में संधू ने कहा कि सभी विभागों को यह काम तेज़ी और कुशलता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं — ताकि कम कागज़ी कार्रवाई, तेज़ मंजूरी और एक ऐसा प्रशासनिक तंत्र सुनिश्चित हो जो नागरिकों के हित में काम करे।
संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज़ ऑफ लिविंग' के विज़न से प्रेरित होकर दिल्ली को एक ऐसे शहर के रूप में विकसित किया जाना है जो अपने नागरिकों को प्राथमिकता दे।
पुलिस कमिश्नर से पहले की मुलाकात
गौरतलब है कि यह बैठक, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था और समुदाय-आधारित सुरक्षा अभियानों पर हुई चर्चा के ठीक एक दिन बाद आयोजित की गई। यह ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में बहु-एजेंसी समन्वय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर पहल की जा रही है।
आगे क्या होगा
उपराज्यपाल कार्यालय के संकेतों के अनुसार, सभी संबंधित विभागों से समय-सीमा के भीतर प्रगति रिपोर्ट माँगी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समन्वय बैठकें तब अधिक प्रभावी होती हैं जब उनके साथ स्पष्ट जवाबदेही तंत्र भी जोड़ा जाए। दिल्ली की बहु-एजेंसी प्रशासनिक संरचना को देखते हुए, यह पहल 'विकसित दिल्ली' के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।