दिल्ली एलजी तरनजीत सिंह संधू की समन्वय बैठक: पार्किंग, सुरक्षा और अतिक्रमण पर कड़े निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 24 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक दक्षता और नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'सरकार के समग्र दृष्टिकोण' के तहत सभी विभागों को एकीकृत ढंग से कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
मुख्य घटनाक्रम
उपराज्यपाल संधू ने बैठक में राजधानी की प्रशासनिक सेवाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन, शिक्षा, अतिक्रमण हटाने और अग्नि सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनहित के कार्यों में गति लाने और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली में अनेक नागरिक समस्याएँ — यातायात जाम, अतिक्रमण और अग्नि हादसे — लगातार सुर्खियों में रही हैं।
सुरक्षा और बुनियादी ढाँचा
उपराज्यपाल ने नरेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली पुलिस को अपनी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही MCD को नरेला में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढाँचे में सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि स्थानीय निवासियों को बेहतर सेवाएँ मिल सकें। गौरतलब है कि नरेला दिल्ली के उन इलाकों में से एक है जहाँ शहरीकरण की रफ्तार तेज़ है लेकिन बुनियादी सुविधाएँ अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
पार्किंग और यातायात प्रबंधन
बैठक में राजधानी के पार्किंग प्रबंधन की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। एलजी ने विभिन्न स्थानों पर खाली पड़े पार्किंग स्थलों को शीघ्र संचालित करने के निर्देश दिए। बढ़ती यातायात समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मल्टी-लेवल पार्किंग परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
शिक्षा, अतिक्रमण और अग्नि सुरक्षा
शिक्षा के मोर्चे पर उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्कूलों में प्रशासन की पहुँच बढ़ाने और अधिकारियों, शिक्षकों व विद्यार्थियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, इससे शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाया जा सकेगा।
MCD और DDA के बीच चल रही अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। एलजी ने दोनों एजेंसियों को समन्वित तरीके से सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के प्रयास तेज करने को कहा। इसके अतिरिक्त, दिल्ली फायर सर्विस की आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की गई और फायर सेफ्टी मानकों के प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए गए।
स्ट्रीट वेंडर्स और आगे की राह
स्ट्रीट वेंडर्स से जुड़े मुद्दों पर उपराज्यपाल ने MCD को वेंडरों का सर्वेक्षण जल्द पूरा करने और टाउन वेंडिंग कमेटियों के गठन में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित वेंडिंग जोन में वेंडरों के लिए उचित स्थान चिन्हित किए जा सकें। उपराज्यपाल संधू ने बैठक के अंत में स्पष्ट किया कि सभी विभागों को एकजुट होकर कार्य करना होगा — बेहतर प्रशासन और सुगम नागरिक सेवाएँ सुनिश्चित करना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है।