निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से कनाडा-अमेरिका दौरे पर, G-20 बैठक और NASDAQ समारोह में होंगी शामिल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक कनाडा और अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के साथ भारत की आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को सुदृढ़ करना, द्विपक्षीय निवेश संबंधों को गहरा करना और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर समन्वित सहयोग को आगे बढ़ाना है।
कनाडा चरण: टोरंटो में पहला आर्थिक संवाद
यात्रा के पहले चरण में सीतारमण टोरंटो पहुँचेंगी, जहाँ वह कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के साथ पहले भारत-कनाडा आर्थिक एवं वित्तीय संवाद में भाग लेंगी। यह मंच दोनों देशों को व्यापक आर्थिक परिस्थितियों, वित्तीय क्षेत्र सहयोग, द्विपक्षीय निवेश अवसरों और साझा वैश्विक प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श का अवसर देगा।
टोरंटो में सीतारमण एक विशेष निवेश गोलमेज बैठक में भी शामिल होंगी, जिसमें ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख CEO और उद्योग प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस बैठक में गिफ्ट सिटी-IFSC में उपलब्ध निवेश अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, वह कनाडा स्थित विभिन्न कंपनियों के वरिष्ठ प्रबंधन से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।
अमेरिका चरण: शिकागो, एशविल और न्यूयॉर्क
कनाडा के बाद वित्त मंत्री शिकागो पहुँचेंगी, जहाँ प्रमुख निवेशकों के साथ गोलमेज सम्मेलन और निजी क्षेत्र के अग्रणी उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें निर्धारित हैं। इन चर्चाओं का केंद्र भारत में निवेश के अवसर, आर्थिक परिदृश्य और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को प्रगाढ़ करना होगा। वह यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन का भी दौरा करेंगी, जहाँ नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित विकास में सहयोग की संभावनाओं पर विचार हो सकता है।
एशविल (नॉर्थ कैरोलिना) में सीतारमण G-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। अमेरिका की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वैश्विक आर्थिक वृद्धि, वित्तीय स्थिरता और निवेश जैसे प्रमुख मुद्दों पर विमर्श होगा।
न्यूयॉर्क में वित्त मंत्री अग्रणी कंपनियों के CEO और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ निवेशक गोलमेज बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा, उन्हें NASDAQ द्वारा विशेष बेल-रिंगिंग समारोह में भी आमंत्रित किया गया है — जो वैश्विक पूंजी बाजारों में भारत की बढ़ती उपस्थिति का प्रतीकात्मक संकेत है।
यात्रा का व्यापक महत्व
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-कनाडा संबंध पिछले कुछ वर्षों में राजनयिक तनाव के दौर से गुज़रे हैं। आर्थिक एवं वित्तीय संवाद का यह पहला संस्करण दोनों देशों के बीच संबंधों को व्यावहारिक धरातल पर पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि कनाडाई पेंशन फंड भारत के बुनियादी ढाँचे में बड़े निवेशकों में शुमार रहे हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा वित्तीय बाजारों में तेज़ी से बढ़ती तकनीकी भूमिका, पूंजी बाजारों के बदलते स्वरूप और वैश्विक निवेश रुझानों को समझने का भी अवसर प्रदान करेगी।
आगे की राह
दौरे के दौरान होने वाली चर्चाओं के परिणाम भारत के निवेश माहौल और वैश्विक वित्तीय एकीकरण की दिशा तय करने में सहायक होंगे। GIFT City-IFSC को लेकर कनाडाई वित्तीय संस्थानों की रुचि और G-20 मंच पर भारत की स्थिति इस यात्रा को कूटनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है।