निर्मला सीतारमण ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात, भारत-अमेरिका फिनटेक और निवेश साझेदारी पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को और गहरा करने, फिनटेक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा निवेश के नए अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। वित्त मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से इस बैठक की जानकारी साझा की।
बैठक में क्या हुई चर्चा
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच भारत-अमेरिका फिनटेक सहयोग, द्विपक्षीय निवेश के अवसरों का विस्तार और रणनीतिक आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित चर्चा हुई। मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री ने आज राष्ट्रीय राजधानी में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की।' मंत्रालय ने यह भी बताया कि 'दोनों के बीच भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी को गहरा करने, फिनटेक सहयोग, निवेश के अवसरों और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई।'
कूटनीतिक सौहार्द का प्रदर्शन
बैठक के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने राजदूत सर्जियो गोर को अमेरिका के आगामी 250वें स्वतंत्रता दिवस के लिए शुभकामनाएँ भी दीं। यह इशारा दोनों देशों के बीच न केवल व्यापारिक, बल्कि सांस्कृतिक और राजनयिक सौहार्द को भी रेखांकित करता है।
पृष्ठभूमि: गोर का भारत-अमेरिका संबंधों पर रुख
गौरतलब है कि इसी माह की शुरुआत में राजदूत गोर ने स्पष्ट किया था कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। 11 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई 'एनुअल बिजनेस समिट 2026' को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों की बढ़ती मजबूती पर जोर दिया था।
गोर ने उस अवसर पर एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था, 'हम व्यापार के अवसर बढ़ाने, नियामकीय बाधाओं को कम करने और भारतीय कंपनियों को अमेरिका में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे दोनों देशों को लाभ होगा। साथ मिलकर हम सरकार और कारोबार के बीच इस महत्वपूर्ण पुल को और मजबूत कर सकते हैं।'
भारतीय निवेश और आर्थिक संभावनाएँ
राजदूत गोर ने इससे पहले यह भी कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका में रिकॉर्ड स्तर पर निवेश आ रहा है। साथ ही, भारतीय कंपनियाँ टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्युटिकल्स सहित कई क्षेत्रों में $20.5 अरब डॉलर से अधिक निवेश की योजना बना रही हैं। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश डिजिटल फाइनेंस, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई परतें जोड़ रहे हैं।
आगे क्या
भारत-अमेरिका के बीच फिनटेक और निवेश संवाद की यह कड़ी आने वाले महीनों में और ठोस रूप ले सकती है, क्योंकि दोनों पक्ष रणनीतिक आर्थिक ढाँचे को संस्थागत स्वरूप देने की दिशा में सक्रिय हैं।