एआईएफएफ ने मोहन बागान, केरल ब्लास्टर्स समेत 7 क्लबों का प्रीमियर 1 लाइसेंस खारिज किया

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एआईएफएफ ने मोहन बागान, केरल ब्लास्टर्स समेत 7 क्लबों का प्रीमियर 1 लाइसेंस खारिज किया

सारांश

एआईएफएफ ने 17 मई को मोहन बागान सुपर जायंट, केरल ब्लास्टर्स और चेन्नईयिन एफसी समेत 7 बड़े क्लबों का 2026-27 सीजन का प्रीमियर 1 लाइसेंस खारिज कर दिया। अस्वीकृत क्लब अपील या छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं।

मुख्य बातें

एआईएफएफ ने 17 मई 2026 को 7 क्लबों के 2026-27 सीजन के प्रीमियर 1 लाइसेंस आवेदन खारिज किए।
अस्वीकृत क्लबों में मोहन बागान सुपर जायंट , केरल ब्लास्टर्स एफसी , चेन्नईयिन एफसी , ओडिशा एफसी , मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब , इंटर काशी और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली शामिल हैं।
अस्वीकृत क्लब लाइसेंसिंग नियमों के तहत अपील कर सकते हैं या राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए छूट माँग सकते हैं।
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी , ईस्ट बंगाल एफसी , मुंबई सिटी एफसी , बेंगलुरु एफसी , एफसी गोवा , जमशेदपुर एफसी और पंजाब एफसी को सशर्त लाइसेंस मिले।
लाइसेंसिंग मूल्यांकन में वित्तीय स्थिति, बुनियादी ढाँचा, कानूनी मामले और युवा विकास मानक शामिल हैं।

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) ने 2026-27 सीजन के लिए मोहन बागान सुपर जायंट, केरल ब्लास्टर्स एफसी और ओडिशा एफसी सहित कुल 7 प्रमुख क्लबों के प्रीमियर 1 क्लब लाइसेंस आवेदन अस्वीकार कर दिए हैं। यह निर्णय 17 मई को एआईएफएफ की क्लब लाइसेंसिंग समिति, फर्स्ट इंस्टेंस बॉडी (सीएलसी-एफआईबी) की बैठक में लिया गया, जो भारतीय फुटबॉल के लिए एक बड़े प्रशासनिक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

किन क्लबों के लाइसेंस खारिज हुए

सीएलसी-एफआईबी की बैठक में जिन 7 क्लबों के आवेदन अस्वीकार किए गए, उनमें स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली, ओडिशा एफसी, मोहन बागान सुपर जायंट, चेन्नईयिन एफसी, केरल ब्लास्टर्स एफसी, मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब और इंटर काशी शामिल हैं। ये सभी क्लब इंडियन सुपर लीग (ISL) और घरेलू फुटबॉल ढाँचे में प्रमुख भागीदार रहे हैं।

क्लबों के पास क्या विकल्प हैं

एआईएफएफ के आधिकारिक बयान के अनुसार, लाइसेंस अस्वीकृत हुए क्लब दो रास्ते अपना सकते हैं — वे इस निर्णय के विरुद्ध लाइसेंसिंग नियमों के तहत अपील दायर कर सकते हैं, अथवा राष्ट्रीय क्लब प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए छूट का अनुरोध कर सकते हैं। शासी निकाय ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया लागू नियमों के अनुरूप होगी।

किन क्लबों को मिला सशर्त लाइसेंस

दूसरी ओर, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, ईस्ट बंगाल एफसी, जमशेदपुर एफसी, मुंबई सिटी एफसी, बेंगलुरु एफसी, एफसी गोवा और पंजाब एफसी को कुछ शर्तों के साथ प्रीमियर 1 लाइसेंस प्रदान किए गए हैं। इन शर्तों से संकेत मिलता है कि इन क्लबों को अभी भी कुछ अनुपालन मानदंड पूरे करने होंगे।

क्या है एआईएफएफ लाइसेंसिंग प्रणाली

भारतीय क्लब लाइसेंसिंग प्रणाली एक वार्षिक अनिवार्यता है, जिसे एआईएफएफ और एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसका उद्देश्य क्लबों में व्यावसायिकता, बुनियादी ढाँचा, प्रशासनिक दक्षता और खेल मानकों को बेहतर बनाना है। लाइसेंस दो श्रेणियों में विभाजित है — ISL क्लबों के लिए 'प्रीमियर 1' और अन्य घरेलू लीग क्लबों के लिए 'प्रीमियर 2'। मूल्यांकन में वित्तीय स्थिति, कानूनी विवाद, बुनियादी ढाँचा, स्टाफ और युवा विकास कार्यक्रम जैसे मानक शामिल हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फुटबॉल AFC प्रतियोगिताओं में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। अस्वीकृत क्लबों की अपील और छूट आवेदनों के नतीजे तय करेंगे कि 2026-27 सीजन में इन क्लबों की प्रतियोगिता पात्रता क्या रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि AFC प्रतियोगिताओं में भारतीय प्रतिनिधित्व पर इसका क्या असर पड़ेगा। जब तक क्लब वित्तीय पारदर्शिता और युवा विकास में ढाँचागत सुधार नहीं करते, यह वार्षिक लाइसेंसिंग संकट दोहराता रहेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एआईएफएफ प्रीमियर 1 लाइसेंस क्या है और इसे क्यों अस्वीकार किया गया?
प्रीमियर 1 लाइसेंस एआईएफएफ द्वारा ISL क्लबों को दी जाने वाली वार्षिक पात्रता है, जो घरेलू और AFC प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए अनिवार्य है। मूल्यांकन में वित्तीय स्थिति, बुनियादी ढाँचा, कानूनी अनुपालन और युवा विकास मानकों की जाँच होती है; इन मानदंडों पर खरे न उतरने वाले क्लबों के आवेदन खारिज किए जाते हैं।
किन क्लबों का 2026-27 सीजन का लाइसेंस खारिज हुआ?
17 मई 2026 को एआईएफएफ की सीएलसी-एफआईबी बैठक में मोहन बागान सुपर जायंट, केरल ब्लास्टर्स एफसी, चेन्नईयिन एफसी, ओडिशा एफसी, मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब, इंटर काशी और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के आवेदन अस्वीकार किए गए।
लाइसेंस खारिज होने के बाद क्लब क्या कर सकते हैं?
अस्वीकृत क्लब दो विकल्प अपना सकते हैं — लाइसेंसिंग नियमों के तहत इस निर्णय के विरुद्ध अपील दायर करना, या राष्ट्रीय क्लब प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए छूट का अनुरोध करना। एआईएफएफ ने दोनों रास्ते खुले रखे हैं।
किन क्लबों को सशर्त लाइसेंस मिला?
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, ईस्ट बंगाल एफसी, जमशेदपुर एफसी, मुंबई सिटी एफसी, बेंगलुरु एफसी, एफसी गोवा और पंजाब एफसी को कुछ शर्तों के साथ प्रीमियर 1 लाइसेंस प्रदान किए गए, जिसका अर्थ है कि इन्हें अभी भी कुछ अनुपालन मानदंड पूरे करने होंगे।
इस फैसले का 2026-27 ISL सीजन पर क्या असर होगा?
अस्वीकृत क्लबों की अपील और छूट आवेदनों के नतीजे तय करेंगे कि वे 2026-27 सीजन में खेल सकते हैं या नहीं। AFC प्रतियोगिताओं में भारतीय प्रतिनिधित्व भी प्रभावित हो सकता है यदि प्रमुख क्लब लाइसेंस प्राप्त नहीं कर पाते।
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