गुजरात कैबिनेट ने 'अटलवाड़ी योजना' को मंजूरी दी, गाँवों में बनेंगे 500 क्षमता वाले सामुदायिक भवन

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गुजरात कैबिनेट ने 'अटलवाड़ी योजना' को मंजूरी दी, गाँवों में बनेंगे 500 क्षमता वाले सामुदायिक भवन

सारांश

गुजरात कैबिनेट ने 'अटलवाड़ी योजना' को हरी झंडी दी — गाँवों में 500 क्षमता वाले बहुउद्देशीय भवन बनेंगे जो विवाह-समारोह से लेकर चक्रवात-आश्रय तक हर ज़रूरत पूरी करेंगे। पहले चरण में 2,000 से अधिक आबादी वाले गाँव लाभान्वित होंगे।

मुख्य बातें

गुजरात कैबिनेट ने 20 मई 2026 को अटलवाड़ी योजना को मंजूरी दी।
प्रत्येक अटलवाड़ी में 500 लोगों की क्षमता होगी — हॉल, रसोईघर, अलग शौचालय और पेयजल सुविधा के साथ।
प्रारंभिक चरण में 2,000 से अधिक आबादी वाले गाँवों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ये भवन सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ चक्रवात, बाढ़ और भारी बारिश के दौरान आपातकालीन आश्रय का काम करेंगे।
भूमि चयन ग्राम पंचायत की भूमि या गाँव के मंदिर-पर्यटन स्थल के निकट सार्वजनिक स्थान पर होगा।
मध्यम व सामान्य वर्ग के परिवारों को उचित किराए पर अपने गाँव में ही आधुनिक सुविधाएँ मिलेंगी।

गुजरात सरकार ने 20 मई 2026 को अटलवाड़ी योजना को मंजूरी दी, जिसके तहत राज्य के गाँवों में 500 लोगों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन बनाए जाएँगे। ये भवन सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों के साथ-साथ चक्रवात, बाढ़ और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं में आपातकालीन आश्रय के रूप में भी काम करेंगे। यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

सरकारी प्रवक्ता एवं मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि अटलवाड़ी योजना का उद्देश्य राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है। प्रत्येक अटलवाड़ी में मेहराबदार शेड वाला एक विशाल खुला हॉल, रसोईघर, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी।

मंत्री वाघानी के अनुसार, प्रारंभिक चरण में 2,000 से अधिक आबादी वाले गाँवों को इस योजना का लाभ मिलेगा। भूमि चयन ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाले खुले स्थानों, पंचायत-निर्धारित भूखंडों अथवा गाँव के मुख्य मंदिर या पर्यटन स्थल के निकट सार्वजनिक भूमि पर किया जाएगा।

आम ग्रामीण परिवारों को क्या फायदा

मंत्री वाघानी ने कहा कि इस योजना से सामान्य और मध्यम वर्ग के ग्रामीण परिवारों को विवाह समारोहों, सामाजिक समारोहों और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए उचित किराए पर आधुनिक सुविधाएँ अपने ही गाँव में मिल सकेंगी। इससे नागरिकों को बाहर जाकर महँगे आयोजन स्थल किराए पर लेने की ज़रूरत नहीं होगी और खर्चों में उल्लेखनीय बचत होगी।

गौरतलब है कि ग्रामीण गुजरात में बड़े सामाजिक आयोजनों के लिए उपयुक्त सुविधाओं की कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है, और यह योजना उसी अंतर को पाटने का प्रयास है।

आपदा प्रबंधन में भूमिका

गुजरात भूकंप, चक्रवात और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज़ से संवेदनशील राज्य रहा है। 1999 के कच्छ भूकंप और बाद के कई चक्रवातों के अनुभव के बाद राज्य ने आपदा-सहनशील अवसंरचना को प्राथमिकता दी है। मंत्री वाघानी ने स्पष्ट किया कि अटलवाड़ियों की संरचना इस प्रकार बनाई जाएगी कि आपात स्थितियों में ग्रामीणों को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार ग्रामीण आपदा तैयारी को अपनी प्राथमिकता सूची में ऊपर रख रही है। दोहरे उद्देश्य वाली यह अवसंरचना — रोज़मर्रा की उपयोगिता और संकट-प्रबंधन — नीति-निर्माण की दिशा में एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।

क्या होगा आगे

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों पर होगी। भूमि चयन की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी। प्रारंभिक चरण में 2,000 से अधिक आबादी वाले गाँवों को प्राथमिकता देने की घोषणा से यह स्पष्ट है कि सरकार बड़े ग्रामीण केंद्रों से शुरुआत करना चाहती है। आने वाले महीनों में निर्माण की समयसीमा और बजट आवंटन के विवरण सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। गुजरात में पंचायत स्तर पर भूमि-विवाद और बजट आवंटन में देरी पुरानी चुनौतियाँ हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'प्रारंभिक चरण' की परिभाषा अभी सीमित है — केवल 2,000 से अधिक आबादी वाले गाँव — जबकि गुजरात के सैकड़ों छोटे और आदिवासी गाँव इससे बाहर रह जाएँगे। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण की समयसीमा, गुणवत्ता मानक और आपदा-उपयोग के प्रोटोकॉल कितनी जल्दी और पारदर्शिता से तय होते हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अटलवाड़ी योजना क्या है?
अटलवाड़ी योजना गुजरात सरकार की एक नई ग्रामीण अवसंरचना योजना है, जिसे 20 मई 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके तहत गाँवों में 500 लोगों की क्षमता वाले बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन बनाए जाएँगे, जो सामाजिक-धार्मिक आयोजनों और प्राकृतिक आपदाओं में आश्रय दोनों काम आएँगे।
अटलवाड़ी योजना से किन गाँवों को पहले लाभ मिलेगा?
प्रारंभिक चरण में 2,000 से अधिक आबादी वाले गाँवों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके बाद अन्य गाँवों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किए जाने की संभावना है।
अटलवाड़ी में कौन-कौन सी सुविधाएँ होंगी?
प्रत्येक अटलवाड़ी में मेहराबदार शेड वाला विशाल खुला हॉल, रसोईघर, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी। यह ढाँचा आपदा के समय सुरक्षित आश्रय के रूप में भी उपयोग किया जा सकेगा।
अटलवाड़ी के लिए ज़मीन कहाँ से ली जाएगी?
भूमि का चयन ग्राम पंचायत के स्वामित्व वाले खुले स्थानों, पंचायत-निर्धारित भूखंडों या गाँव के मुख्य मंदिर अथवा पर्यटन स्थल के निकट सार्वजनिक भूमि में से किया जाएगा।
यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए किस तरह फायदेमंद है?
सामान्य और मध्यम वर्ग के ग्रामीण परिवारों को विवाह समारोहों और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए उचित किराए पर अपने ही गाँव में आधुनिक सुविधाएँ मिलेंगी। इससे बाहर महँगे आयोजन स्थल किराए पर लेने की ज़रूरत नहीं होगी और परिवारों के खर्च में उल्लेखनीय बचत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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