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क्या सीएम भूपेंद्र पटेल ने धरोई बांध क्षेत्र का निरीक्षण किया? 1100 करोड़ रुपए की लागत से विकास के तीन चरण!

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क्या सीएम भूपेंद्र पटेल ने धरोई बांध क्षेत्र का निरीक्षण किया? 1100 करोड़ रुपए की लागत से विकास के तीन चरण!

सारांश

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने धरोई बांध क्षेत्र का निरीक्षण किया, जो विश्व स्तरीय पर्यटन और तीर्थस्थल के रूप में विकसित होगा। 1100 करोड़ रुपए की लागत से तीन चरणों में यह परियोजना स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी। आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण विकास योजना के बारे में।

मुख्य बातें

धरोई बांध क्षेत्र में विकास परियोजना की लागत 1100 करोड़ रुपए है।
यह परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी।
परियोजना के अंतर्गत पर्यटन और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
सरदार सरोवर बांध की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
राज्य सरकार पर्यटन सर्किट विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

महेसाणा, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उत्तर गुजरात के धरोई बांध क्षेत्र में विश्व स्तरीय सतत पर्यटन और तीर्थस्थल के रूप में कई पर्यटन परियोजनाओं के निर्माणाधीन कार्यस्थल का निरीक्षण किया और उनका मार्गदर्शन किया।

धरोई क्षेत्र की यह विकास परियोजना लगभग 1100 करोड़ रुपए की कुल लागत से तीन चरणों में क्रियान्वित की जा रही है। ये आध्यात्मिक, साहसिक, पर्यावरणीय और मनोरंजक गतिविधियां पर्यटन को बढ़ावा देंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी, जिससे वोकल फॉर लोकल का लक्ष्य पूरा होगा।

गुजरात के विभिन्न पर्यटन स्थलों की तरह धरोई को भी एक प्रतिष्ठित स्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। इतना ही नहीं, राज्य सरकार पोलो फॉरेस्ट, तरंगा, वडनगर, अंबाजी समेत उत्तर गुजरात में पर्यटन स्थलों और तीर्थ स्थलों को विकसित करके एक पर्यटन सर्किट विकसित करने की भविष्य की योजनाओं पर भी काम कर रही है।

उन्होंने धरोई बांध का दौरा किया और पाया कि राज्य के जलाशयों में नए पानी के कारण इस वर्ष धरोई बांध में 70.80 प्रतिशत नया पानी आ चुका है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बांध सुरक्षा पर एक उच्च-स्तरीय बैठक भी की।

इस समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में सरदार सरोवर नर्मदा बांध समेत कुल 1124 जलाशय हैं, जिनमें 22 बड़े, 96 मध्यम और 1006 छोटे हैं। इन जलाशयों में से राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के दिशानिर्देशों के अनुसार, 1 एमसीएम से अधिक भंडारण क्षमता वाले 523 बांधों का मानसून-पूर्व निरीक्षण पूरा हो चुका है और सभी बांध सुरक्षित हैं। 1 एमसीएम से कम भंडारण क्षमता वाले 600 बांधों का भी मानसून-पूर्व निरीक्षण पूरा हो चुका है और यह सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा भी की गई कि ये सभी बांध सुरक्षित अवस्था में हैं।

इस बैठक में पूरे राज्य में 25 से अधिक जलाशयों के 100 प्रतिशत या उससे अधिक भरे होने, 56 जलाशयों के 70 से 100 प्रतिशत, 43 जलाशयों के 50 से 70 प्रतिशत, 42 जलाशयों के 25 से 30 प्रतिशत और 40 जलाशयों के 25 प्रतिशत से कम भरे होने का पूरा विवरण प्रस्तुत किया गया।

राज्य के सबसे बड़े सरदार सरोवर बांध की सुरक्षा की समीक्षा के दौरान बताया गया कि सरदार सरोवर बांध के अपस्ट्रीम क्षेत्र से जलस्तर और वर्षा की जानकारी नियमित रूप से व्हाट्सऐप, ईमेल और गूगल शीट्स के माध्यम से साझा की जाती है और संबंधित राज्यों के बीच समन्वय बनाए रखा जाता है। सरदार सरोवर बांध में वर्तमान में 4889 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव पंकज जोशी, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार डॉ. हसमुख अढिया, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एमके दास, सलाहकार एसएस राठौर, सरदार सरोवर नर्मदा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश पुरी, मुख्यमंत्री की अपर प्रधान सचिव अवंतिका सिंह, पर्यटन सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार, जल संसाधन सचिव पीसी व्यास, पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभाव जोशी के साथ धरोई के इस संपूर्ण पर्यटन विकास परियोजना के चल रहे कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में सांसद हरिभाई पटेल, पाटन लोकसभा सांसद भरतसिंह डाभी, राज्यसभा सांसद मयंकभाई नायक, मेहसाणा विधायक मुकेशभाई पटेल, खेरालू विधायक सरदारभाई चौधरी, जल संसाधन विभाग, सरदार सरोवर नर्मदा निगम और पर्यटन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह विकास परियोजना न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थानीय संस्कृति और रोजगार को भी सशक्त बनाती है। राज्य सरकार का यह प्रयास स्पष्ट करता है कि वे पर्यटन को सशक्त करने के लिए कितनी गंभीरता से कार्य कर रहे हैं।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धरोई बांध क्षेत्र में विकास परियोजना की लागत क्या है?
धरोई बांध क्षेत्र की विकास परियोजना की लागत लगभग 1100 करोड़ रुपए है।
इस परियोजना के अंतर्गत क्या-क्या गतिविधियाँ की जाएँगी?
इस परियोजना के अंतर्गत आध्यात्मिक, साहसिक, पर्यावरणीय और मनोरंजक गतिविधियाँ शामिल होंगी।
यह परियोजना कब तक पूरी होगी?
यह परियोजना तीन चरणों में क्रियान्वित की जाएगी, लेकिन निश्चित समय सीमा की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
इस परियोजना से स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सरदार सरोवर बांध की सुरक्षा की स्थिति क्या है?
सरदार सरोवर बांध की सुरक्षा की समीक्षा की गई है और सभी बांध सुरक्षित हैं।
राष्ट्र प्रेस
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