क्या एआई की सफलता जीवन को आसान करने वाले समाधान बनाने पर निर्भर करेगी?: आईटी सचिव एस. कृष्णन

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क्या एआई की सफलता जीवन को आसान करने वाले समाधान बनाने पर निर्भर करेगी?: आईटी सचिव एस. कृष्णन

सारांश

केंद्रीय सचिव एस. कृष्णन ने एआई की सफलता के लिए आवश्यकताओं पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एआई समाधान कैसे लोगों के जीवन को आसान बना सकते हैं। क्या ये तकनीकी प्रगति नागरिकों के कल्याण में मापने योग्य सुधार ला सकती है? जानें इस महत्वपूर्ण सत्र के बारे में।

Key Takeaways

  • एआई का उद्देश्य मानव जीवन में सुधार करना है।
  • सरकार AI का उपयोग करके सार्वजनिक सेवा में सुधार करने का प्रयास कर रही है।
  • गोपनीयता की सुरक्षा एआई के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
  • AI शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
  • कंप्यूटिंग और डेटा का सही उपयोग आवश्यक है।

नई दिल्ली, 17 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सफलता केवल इस बात पर निर्भर करेगी कि यह ऐसे समाधान प्रदान करता है जो लोगों के जीवन को बेहतर बनाते हैं।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दूसरे दिन आयोजित सत्र में, जिसका शीर्षक था “एल्गोरिदम से परिणामों तक: लोगों के लिए काम करने वाली एआई का निर्माण”, कृष्णन ने कहा कि इंडिया एआई मिशन का उद्देश्य विभिन्न आवश्यकताओं और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करना है।

उन्होंने पैनल चर्चा के दौरान बताया, “हम कंप्यूटिंग, मॉडल और डेटा केवल एक ही उद्देश्य के लिए प्रदान कर रहे हैं, जो है वास्तविक प्रभाव डालने वाले एप्लिकेशन बनाना। यदि आप प्रदर्शनी में जाएंगे, तो आपको स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शिक्षा और विनिर्माण के क्षेत्रों में काम कर रहे सैकड़ों स्टार्टअप दिखाई देंगे। प्रभाव यहीं से उत्पन्न होगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारों के पास कभी भी पर्याप्त शिक्षक, डॉक्टर या न्यायाधीश नहीं होंगे, “लेकिन यदि एआई उत्पादकता बढ़ा सकता है, तो सेवा की गुणवत्ता में नाटकीय सुधार हो सकता है।”

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव ने आगे कहा, “चुनौती यह है कि प्रभावी उपायों का चयन किया जाए, उन्हें जिम्मेदारी से लागू किया जाए, गोपनीयता की रक्षा की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक धन से मापने योग्य परिणाम प्राप्त हों।”

इस महत्वपूर्ण सत्र में जन-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संप्रभु तकनीकी क्षमता की दोहरी अनिवार्यता का विश्लेषण किया गया।

सत्र का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियाँ सार्वजनिक सेवा वितरण और नागरिक कल्याण में मापने योग्य सुधार लाएँ।

आधिकारिक बयान के अनुसार, चर्चा इस बात पर केंद्रित थी कि कंप्यूटिंग, मॉडल और डेटा का उपयोग अंततः ऐसे अनुप्रयोगों में कैसे किया जाना चाहिए जो उत्पादकता को बढ़ाएँ, शासन को मजबूत करें और नागरिकों को ठोस लाभ पहुँचाएँ।

Point of View

यह स्पष्ट है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास और उपयोग केवल तकनीकी पहलू नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एआई का उपयोग हमारे नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाए, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आए।
NationPress
19/02/2026

Frequently Asked Questions

एआई का मानव जीवन पर क्या प्रभाव है?
एआई समाधान मानव जीवन को आसान और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, जैसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार।
सरकार एआई के माध्यम से क्या सुधार कर रही है?
सरकार एआई का उपयोग करके उत्पादकता बढ़ाने और नागरिक कल्याण में सुधार लाने का प्रयास कर रही है।
क्या एआई की गोपनीयता पर असर पड़ता है?
हां, एआई के उपयोग में गोपनीयता की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चुनौती है, जिसे ध्यान में रखा जाना चाहिए।
क्या AI शिक्षा क्षेत्र में मदद कर सकता है?
बिल्कुल, AI शिक्षा क्षेत्र में छात्रों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
भारत में AI के लिए क्या योजनाएं हैं?
भारत सरकार एआई मिशन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में AI का विकास और कार्यान्वयन कर रही है।
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