क्या इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 एआई के क्षेत्र में भारत को नई दिशा दे रहा है?

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क्या इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 एआई के क्षेत्र में भारत को नई दिशा दे रहा है?

सारांश

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में देश-विदेश के विशेषज्ञ एआई के क्षेत्र में अपने विचार साझा कर रहे हैं। ओडिशा ने एआई नीति में अग्रणी भूमिका निभाई है। जानिए इस समिट के दौरान क्या-क्या महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।

Key Takeaways

  • एआई का लोकतंत्रीकरण
  • स्थानीय भाषाओं का महत्व
  • डिजिटल भुगतान में वृद्धि
  • ओडिशा का एआई नीति में अग्रणी भूमिका
  • स्टार्टअप्स को समर्थन

नई दिल्ली, 18 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में आयोजित पांच दिवसीय 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में देश और विदेश के विशेषज्ञों और कंपनियों ने भाग लिया है। यह समिट एआई के क्षेत्र में अपने समाधान प्रस्तुत कर रही हैं और इसमें योगदान साझा कर रही हैं।

समिट के तीसरे दिन, नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि और स्टार्टअप्स ने एआई को आम जनता तक पहुंचाने के लिए अपने विचार साझा किए। समिट का मुख्य उद्देश्य है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल बड़ी कंपनियों तक ही सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ सभी वर्गों को मिल सके।

ओडिशा सरकार के ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विशाल कुमार देव ने कहा कि यह समिट भारत को 'कॉमन गुड के लिए एआई' के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके।

विशाल ने बताया कि ओडिशा देश का पहला राज्य है जिसने अपनी समर्पित एआई नीति बनाई है, जो राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है। राज्य ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में प्राथमिकता दी है।

उन्होंने कहा कि एआई सभी के लिए सुलभ और किफायती होना चाहिए। भारत में स्थानीय भाषाओं का महत्व बहुत अधिक है। इसी कारण ओडिशा सरकार ओडिया भाषा के डेटा सेट विकसित करने पर काम कर रही है। हाल ही में, राज्य ने ओडिशा में 2.3 अरब डॉलर के निवेश से सॉवरेन एआई सुविधा स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

लायरा इंडिया के निदेशक मनोज वर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी पिछले 18 वर्षों से भारत में काम कर रही है और एआई डिजिटल भुगतान को तेज, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा कि भारत में डिजिटल पेमेंट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन दूर-दराज के इलाकों में अभी भी जागरूकता की आवश्यकता है। एआई इस प्रक्रिया को और तेज करेगा और धोखाधड़ी को कम करने में मदद करेगा।

टेकशलोक के सीईओ आयुष जैन ने बताया कि उनकी कंपनी एआई मॉडल चलाने के लिए हार्डवेयर डिजाइन करती है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने 22 डॉलर का एक लिनक्स कंप्यूटर विकसित किया है, जिस पर एआई मॉडल आसानी से चल सकते हैं।

ओवररूल डॉट एआई के सह-संस्थापक डॉ. सुविदत्त सुंदरम ने कहा कि उनका स्टार्टअप सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को ड्राफ्टिंग, रिसर्च और अनुवाद में एआई आधारित सहायता प्रदान कर रहा है।

इसके अलावा, ओमनीप्रेजेंट रोबोट टेक के सीईओ आकाश सिन्हा ने कहा कि भारत में एआई समिट का आयोजन गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार स्टार्टअप्स को 'मेड इन इंडिया' और 'मेक फॉर इंडिया' के तहत समर्थन दे रही है।

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन के डॉ. हसन बेग ने कहा कि वे कई देशों के छात्रों के साथ मिलकर एआई को इंजीनियरिंग, मेडिकल और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में जोड़ने पर काम कर रहे हैं।

Point of View

यह स्पष्ट है कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने भारत को एआई प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किए हैं। ओडिशा का प्रयास अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत है। इस प्रकार की पहलों से हमारे देश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
NationPress
19/02/2026

Frequently Asked Questions

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 कब आयोजित हुआ?
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 18 फरवरी को नई दिल्ली में शुरू हुआ।
समिट में कौन-कौन से विषयों पर चर्चा हुई?
समिट में एआई के लोकतंत्रीकरण, डिजिटल भुगतान और स्थानीय भाषाओं के डेटा सेट पर चर्चा हुई।
ओडिशा ने एआई नीति में क्या कदम उठाए हैं?
ओडिशा ने अपनी समर्पित एआई नीति बनाई है, जो राष्ट्रीय नीति के अनुरूप है।
लायरा इंडिया की भूमिका क्या है?
लायरा इंडिया एआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान को सुरक्षित और प्रभावी बनाने पर कार्य कर रही है।
क्या एआई का उपयोग सभी के लिए सुलभ होगा?
विशाल कुमार देव ने कहा कि एआई सभी के लिए सुलभ और किफायती होना चाहिए।
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