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क्या सरकार ने ट्रेन टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है?

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क्या सरकार ने ट्रेन टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है?

सारांश

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, आधार प्रमाणीकरण और साइबर सुरक्षा के माध्यम से ३.०३ करोड़ संदिग्ध यूजर्स को निष्क्रिय किया गया है। जानिए इससे कैसे प्रभावित हो रही है असली यात्रियों की टिकट बुकिंग प्रक्रिया।

मुख्य बातें

आधार प्रमाणीकरण द्वारा यूजर्स की पहचान का तुरंत सत्यापन।
तीन करोड़ से अधिक संदिग्ध यूजर्स को निष्क्रिय किया गया।
साइबर सुरक्षा उपायों का लागू होना।
तत्काल बुकिंग में ओटीपी सत्यापन की प्रक्रिया।
कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क का उपयोग।

नई दिल्ली, १३ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को संसद में जानकारी दी कि आधार-आधारित प्रमाणीकरण, बहुस्तरीय साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी-रोधी उपायों के चलते २०२५ में ट्रेन टिकट बुकिंग में ३.०३ करोड़ संदिग्ध यूजर्स आईडी को निष्क्रिय किया गया है, जिससे असली यूजर्स के लिए निर्बाध बुकिंग की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया गया है।

राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के ई-टिकट प्रणाली की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए छह महीनों में (दिसंबर २०२५) तक ६,०४३ करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट को बॉल्क किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर ३.९९ लाख संदिग्ध बुकिंग से संबंधित ३७६ शिकायतें दर्ज की गई हैं और २०२५ में १२,८१९ संदिग्ध ईमेल डोमेन को ब्लॉक किया गया है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, तत्काल टिकट बुकिंग में दुरुपयोग को रोकने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग हेतु आधार आधारित वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) सत्यापन की शुरुआत की गई है।

आधार प्रमाणीकरण से यूजर्स की पहचान का तुरंत सत्यापन हो जाता है, जो तत्काल टिकट बुकिंग की समयबद्ध प्रकृति को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "कई एप्लिकेशन-स्तरीय सुरक्षा नियंत्रण लागू किए गए हैं, जिनमें स्क्रिप्टिंग, ब्रूट-फोर्स अटैक और डीडीओएस (डिस्ट्रिब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस) हमलों से बचने के लिए कई स्तरों पर तैनात सीएपीटीसीएचए (कंप्यूटर और मनुष्यों को अलग करने के लिए पूरी तरह से स्वचालित सार्वजनिक ट्यूरिंग परीक्षण) सिस्टम शामिल है।"

उन्होंने आगे बताया कि एप्लिकेशन सुरक्षा से संबंधित कमजोरियों से निपटने के लिए ओडब्ल्यूएएसपी (ओपन वेब एप्लिकेशन सिक्योरिटी प्रोजेक्ट) के तहत कई सुरक्षा उपाय भी लागू किए गए हैं।

इसके अलावा, सिस्टम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए, भारतीय रेलवे ने स्टैटिक कंटेंट को ऑफलोड करने और इंटरनेट टिकट बुकिंग वेबसाइट सिस्टम पर डायरेक्ट ट्रैफिक को कम करने के लिए कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (सीडीएन) लागू किया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एकेएएमएआई जैसे एंटी-बॉट समाधानों का उपयोग अवैध उपयोगकर्ताओं को फिल्टर करने के लिए किया जाता है, जिससे इंटरनेट टिकट बुकिंग वेबसाइट प्रणाली पर दुर्भावनापूर्ण/संदिग्ध प्रयासों को कम करने में मदद मिलती है और वास्तविक यात्रियों के लिए सुगम बुकिंग सुनिश्चित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि असली यात्रियों को टिकट बुकिंग में कोई समस्या न हो।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आधार प्रमाणीकरण से टिकट बुकिंग में सुधार होगा?
हाँ, आधार प्रमाणीकरण से यूजर की पहचान का तुरंत सत्यापन होता है, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया में सुधार होगा।
सरकार ने कितने संदिग्ध यूजर्स को निष्क्रिय किया?
सरकार ने 3.03 करोड़ संदिग्ध यूजर्स आईडी को निष्क्रिय किया है।
क्या यह कदम यात्रियों के लिए फायदेमंद होगा?
जी हाँ, यह कदम असली यात्रियों के लिए निर्बाध बुकिंग सुनिश्चित करेगा।
क्या सरकार के उपायों से साइबर सुरक्षा में सुधार होगा?
हाँ, सरकार के विभिन्न साइबर सुरक्षा उपायों से ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली की सुरक्षा में सुधार होगा।
कितने मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट को बॉल्क किया गया?
६,०४३ करोड़ मैलिशियस बॉट रिक्वेस्ट को बॉल्क किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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