पुरी रथ यात्रा 2026: साइबर ठगी रोकने के लिए सीआईडी-सीबी ने उतारा 'साइबर रथ', 212 नकली वेबसाइटें ब्लॉक
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा पुलिस की अपराध जांच शाखा (सीआईडी-सीबी) ने पुरी रथ यात्रा 2026 के मद्देनजर एक व्यापक साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाना है। 11 जुलाई 2026 को शाम पुरी में एक विशेष 'साइबर रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश पर संचालित किया जा रहा है।
साइबर रथ अभियान: क्या है योजना
'साइबर रथ' एक विशेष जागरूकता वाहन है जो पुरी के प्रमुख क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। इस वाहन के माध्यम से ऑडियो-विजुअल सामग्री, साइबर सुरक्षा संदेश और सूचना पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी। श्रद्धालुओं, पर्यटकों, होटल संचालकों और स्थानीय नागरिकों को नकली होटल बुकिंग वेबसाइटों, फर्जी भुगतान लिंक और साइबर ठगों की नई रणनीतियों के बारे में सतर्क किया जाएगा।
अब तक की कार्रवाई: 212 नकली वेबसाइटें ब्लॉक
सीआईडी-सीबी की सोशल मीडिया यूनिट ने वर्ष 2026 में अब तक 212 नकली होटल वेबसाइटों और 26 फर्जी होटल वेबपेजों की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया है। गौरतलब है कि इनमें से केवल जून 2026 के दौरान ही 50 नकली होटल वेबसाइटों और 26 फर्जी वेबपेजों पर कार्रवाई की गई — जो यह दर्शाता है कि रथ यात्रा के नजदीक आते ही साइबर अपराधियों की सक्रियता तेज हो जाती है।
होटल उद्योग के साथ समन्वय
11 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे पुरी रिजर्व पुलिस लाइन में पुरी होटल ओनर्स एसोसिएशन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में होटल संचालकों से अपील की गई कि वे अपने ग्राहकों को आधिकारिक बुकिंग माध्यमों की जानकारी दें और साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह सक्रिय रूप से साझा करें, ताकि फर्जी वेबसाइटों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
पुलिस के अनुसार इस अभियान के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं — श्रद्धालुओं और पर्यटकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार को बढ़ावा देना और किसी भी साइबर घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
आगे क्या होगा
सीआईडी-सीबी की सोशल मीडिया यूनिट रथ यात्रा से जुड़ी साइबर गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखेगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे होटल बुकिंग केवल आधिकारिक और सत्यापित वेबसाइटों के माध्यम से करें और किसी भी संदिग्ध लिंक या भुगतान अनुरोध से सावधान रहें।