10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेफ क्लिक 2.0: CM मोहन यादव ने भोपाल में साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया, 55 जिलों में 15 दिन चलेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेफ क्लिक 2.0: CM मोहन यादव ने भोपाल में साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया, 55 जिलों में 15 दिन चलेगा

सारांश

मध्य प्रदेश में 'सेफ क्लिक 2.0' सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं — यह 50 हजार गाँवों तक पहुँचने की महत्वाकांक्षी कोशिश है। CM मोहन यादव ने साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है, जबकि 80% साइबर शिकायतें अब भी वित्तीय ठगी से जुड़ी हैं।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 24 जून 2025 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का उद्घाटन किया।
अभियान 24 जून से 8 जुलाई तक 10 संभाग , 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गाँवों में एक साथ चलेगा।
वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी ₹135 करोड़ की राशि होल्ड कराई।
33 लाख से अधिक नागरिकों को 2025 में साइबर जागरूकता गतिविधियों के ज़रिए सतर्क किया जा चुका है।
25 दिसंबर 2025 से ₹1 लाख तक की साइबर धोखाधड़ी के लिए ई-जीरो एफआईआर की सुविधा शुरू।
साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में जन-जागरूकता फैलाई जा रही है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जून 2025 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का उद्घाटन किया। यह राज्यव्यापी अभियान 24 जून से 8 जुलाई तक प्रदेश के 10 संभाग, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गाँवों में एक साथ संचालित होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

अभियान का उद्देश्य और दायरा

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे साइबर अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को साइबर सुरक्षा के तीन सूत्र — 'जागरूकता, सावधानी और सहभागिता' — अपनाने का आह्वान किया। अभियान के तहत बैंकों, बाज़ारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों, पंचायतों और सरकारी कार्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

मुख्य घटनाक्रम

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री यादव ने साइबर जागरूकता अभियान के पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार साइबर जागरूकता बुकलेट्स और अभियान के आधिकारिक वीडियो का विमोचन किया। इसके साथ ही उन्होंने साइबर जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया, जो प्रदेशभर में घूमकर नागरिकों को जागरूक करेगा। इस 15-दिवसीय अभियान में हर दिन एक अलग थीम रखी गई है — जिसमें बैंकिंग सुरक्षा, महिला सुरक्षा और ग्रामीण जागरूकता विशेष रूप से शामिल हैं।

पुलिस महानिदेशक की प्रतिक्रिया

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि आज साइबर अपराध केवल एक आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि यह सामाजिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध की करीब 80 प्रतिशत शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित होती हैं। मध्य प्रदेश पुलिस ने 25 दिसंबर 2025 से ई-जीरो एफआईआर की व्यवस्था शुरू की है, जिसके तहत ₹1 लाख तक की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती है।

आम जनता पर असर

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में विभिन्न साइबर जागरूकता गतिविधियों के ज़रिए 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूक किया गया। मध्य प्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1,700 सेवाएँ एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और उनकी साइबर सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। पुलिस महानिदेशक मकवाना ने बताया कि वर्ष 2025 में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी कुल ₹135 करोड़ की राशि होल्ड कराई गई और पीड़ितों को वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

क्या होगा आगे

मध्य प्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार साइबर डकैती का लाइव पर्दाफाश करने का दावा किया है। अब म्यूल अकाउंट्स और साइबर स्लेवरी से जुड़े लोगों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों से साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का उपयोग करने की अपील की गई है। अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि 50 हजार से अधिक गाँवों में डिजिटल साक्षरता किस हद तक पहुँचती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

50 हजार गाँव, 15 दिन — लेकिन असली कसौटी यह है कि जागरूकता कार्यक्रम वास्तव में साइबर अपराध की दर घटाते हैं या नहीं। 2025 में 33 लाख नागरिकों को जागरूक करने का दावा है, फिर भी ₹135 करोड़ की धोखाधड़ी राशि होल्ड करनी पड़ी — यह आँकड़ा बताता है कि ठगी की रफ्तार जागरूकता से तेज़ है। ई-जीरो एफआईआर जैसे कदम सराहनीय हैं, परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की खाई पाटे बिना यह अभियान शहरी इलाकों तक सिमट सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सेफ क्लिक 2.0' अभियान क्या है?
यह मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान है, जो 24 जून से 8 जुलाई 2025 तक प्रदेश के 10 संभाग, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गाँवों में एक साथ संचालित होगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, डीप-फेक और रैनसमवेयर जैसे साइबर खतरों से सावधान करना है।
साइबर अपराध होने पर कहाँ शिकायत करें?
साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। मध्य प्रदेश में 25 दिसंबर 2025 से ₹1 लाख तक की साइबर धोखाधड़ी के लिए ई-जीरो एफआईआर की सुविधा भी उपलब्ध है।
मध्य प्रदेश में साइबर अपराध की स्थिति कितनी गंभीर है?
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के अनुसार, साइबर अपराध की लगभग 80 प्रतिशत शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी हैं। वर्ष 2025 में साइबर ठगी से जुड़ी ₹135 करोड़ की राशि होल्ड कराई गई। डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक, फर्जी सिमकार्ड और म्यूल बैंक अकाउंट जैसे अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अभियान से किन्हें फायदा होगा?
अभियान विशेष रूप से ग्रामीण नागरिकों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को लक्षित करता है। बैंकों, बाज़ारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और पंचायतों में जागरूकता सत्र आयोजित होंगे, जिससे समाज के हर वर्ग तक डिजिटल सुरक्षा की जानकारी पहुँचेगी।
मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध रोकने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं?
मध्य प्रदेश पुलिस ने 25 दिसंबर 2025 से ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की है। इसके अलावा हेल्पलाइन 1930 के ज़रिए पीड़ितों को त्वरित सहायता दी जा रही है, म्यूल अकाउंट्स की पहचान की जा रही है और साइबर स्लेवरी से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने देश में पहली बार साइबर डकैती का लाइव पर्दाफाश करने का दावा भी किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले