15 अगस्त 2026
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ओडिशा साइबर जागरूकता अभियान में 40 लाख से अधिक छात्र-शिक्षक शामिल, 22,000 स्कूल-कॉलेज जुड़े

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ओडिशा साइबर जागरूकता अभियान में 40 लाख से अधिक छात्र-शिक्षक शामिल, 22,000 स्कूल-कॉलेज जुड़े

सारांश

ओडिशा में 14 अगस्त को चले राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान ने एक दिन में 40 लाख से अधिक लोगों को जोड़ा — 35 जिलों के 22,000 से ज्यादा संस्थान एकसाथ। मुख्यमंत्री माझी ने युवाओं को 'साइबर एंबेसडर' बनाने का आह्वान किया। डिजिटल ठगी से बचाव की यह पहल राज्य में अब तक की सबसे बड़ी साइबर जागरूकता मुहिम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

ओडिशा पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान आयोजित किया।
अभियान में 40 लाख से अधिक छात्र, शिक्षक, अभिभावक और पुलिसकर्मी शामिल हुए।
35 पुलिस जिलों के 20,000+ स्कूलों और 2,000+ कॉलेजों ने लाइव वेबकास्ट के ज़रिए भाग लिया।
अभियान की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (क्राइम ब्रांच) विनयतोष मिश्रा ने की।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने युवाओं को समुदाय में साइबर जागरूकता एंबेसडर बनने का आह्वान किया।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने की सलाह दी गई।

ओडिशा पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें 40 लाख से अधिक छात्र, शिक्षक, अभिभावक और पुलिसकर्मी शामिल हुए। यह अभियान साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से युवाओं को सुरक्षित करने और उन्हें डिजिटल दुनिया में जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। राज्य के 35 पुलिस जिलों के 20,000 से अधिक स्कूलों और 2,000 से अधिक कॉलेजों ने लाइव वेबकास्ट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें भागीदारी की।

अभियान का स्वरूप और नेतृत्व

इस अभियान का आयोजन ओडिशा पुलिस ने स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस महानिदेशक (क्राइम ब्रांच) विनयतोष मिश्रा ने की। तकनीक के माध्यम से एक साथ हजारों संस्थानों को जोड़ना इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता रही।

यह ऐसे समय में आया है जब आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, ओडिशा सहित पूरे देश में छात्र और युवा तेजी से ऑनलाइन धोखाधड़ी, ब्लैकमेल और डिजिटल शोषण का शिकार हो रहे हैं।

साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती

राज्य सरकार के अनुसार, कुछ मामलों में लोगों ने अनजाने में अपने बैंक खाते, सिम कार्ड या पहचान दस्तावेज साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दिए, जिनका दुरुपयोग किया गया। गौरतलब है कि डिजिटल लेन-देन में वृद्धि के साथ-साथ साइबर ठगी की घटनाएँ भी तेज़ी से बढ़ी हैं, जिनमें युवा वर्ग सबसे अधिक निशाने पर है।

अभियान में प्रतिभागियों को स्पष्ट किया गया कि बैंक, सरकारी कार्यालय और पुलिस अधिकारी कभी भी OTP, PIN, CVV या पासवर्ड नहीं माँगते — और ऐसा कोई भी अनुरोध साइबर धोखाधड़ी की निशानी है।

मुख्यमंत्री और राज्यपाल की अपील

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने युवाओं को 'साइबर-सुरक्षित ओडिशा' के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने परिवारों, मित्रों और समुदायों में साइबर जागरूकता के एंबेसडर के रूप में काम करें। ओडिशा के राज्यपाल ने भी छात्रों से साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क और जागरूक रहने की अपील की।

आम जनता के लिए सलाह

कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर नागरिक तुरंत हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करें और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों के अनुसार, जितनी जल्दी रिपोर्ट की जाए, धोखाधड़ी वाले फंड के हस्तांतरण को रोकने और राशि वापस पाने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।

आगे चलकर इस अभियान को और विस्तार देने की योजना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं तक भी साइबर सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से पहुँच सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि एक दिन की वेबकास्ट जागरूकता दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन में कितनी कारगर होती है। देश में साइबर ठगी की घटनाएँ हर साल बढ़ रही हैं और अधिकांश पीड़ित वही युवा हैं जो 'जागरूक' माने जाते हैं। ओडिशा की यह पहल सराहनीय है, पर इसे एकमुश्त आयोजन की बजाय निरंतर पाठ्यक्रम में बदलने की ज़रूरत है — तभी 'साइबर एंबेसडर' की अवधारणा ज़मीन पर उतरेगी।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा साइबर जागरूकता अभियान 2026 क्या है?
यह ओडिशा पुलिस द्वारा 14 अगस्त 2026 को आयोजित राज्यव्यापी अभियान है, जिसमें 35 जिलों के 22,000 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों को लाइव वेबकास्ट के ज़रिए जोड़ा गया। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को साइबर अपराध से बचाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा का एंबेसडर बनाना है।
इस अभियान में कितने लोग शामिल हुए?
अभियान में 40 लाख से अधिक छात्र, शिक्षक, अभिभावक और पुलिसकर्मी शामिल हुए। राज्य के 35 पुलिस जिलों के 20,000 से अधिक स्कूल और 2,000 से अधिक कॉलेज इसमें जुड़े।
साइबर धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
अभियान में बताया गया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करें और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी रिपोर्ट की जाए, धन वापसी की संभावना उतनी अधिक होती है।
OTP और पासवर्ड माँगने पर क्या करें?
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैंक, सरकारी कार्यालय या पुलिस कभी भी OTP, PIN, CVV या पासवर्ड नहीं माँगते। ऐसा कोई भी अनुरोध साइबर ठगी की निशानी है और इसे तुरंत अस्वीकार कर 1930 पर रिपोर्ट करना चाहिए।
मुख्यमंत्री माझी ने युवाओं से क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने युवाओं से अपील की कि वे 'साइबर-सुरक्षित ओडिशा' के निर्माण में योगदान दें और अपने परिवारों, मित्रों व समुदायों में साइबर जागरूकता के एंबेसडर की भूमिका निभाएं।
राष्ट्र प्रेस
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