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सीएम मोहन यादव ने भोपाल में 'सेफ क्लिक 2.0' लॉन्च किया, 55 जिलों में 15 दिन चलेगा साइबर जागरूकता अभियान

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सीएम मोहन यादव ने भोपाल में 'सेफ क्लिक 2.0' लॉन्च किया, 55 जिलों में 15 दिन चलेगा साइबर जागरूकता अभियान

सारांश

मध्य प्रदेश में साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने की कोशिश — सीएम मोहन यादव ने 'सेफ क्लिक 2.0' लॉन्च किया, जो 55 जिलों और 50,000 गाँवों तक पहुँचेगा। 2025 में 33 लाख नागरिकों को जागरूक करने के बाद अब ₹135 करोड़ की धोखाधड़ी रोकने वाली पुलिस और बड़े दायरे में उतरी है।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने 24 जून 2025 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का उद्घाटन किया।
अभियान 8 जुलाई 2025 तक 10 संभागों , 55 जिलों और 50,000 से अधिक गाँवों में चलेगा।
वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश पुलिस ने 33 लाख से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
साइबर धोखाधड़ी की लगभग 80% शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ी हैं; वर्ष 2025 में ₹135 करोड़ की राशि होल्ड कराई गई।
25 दिसंबर 2025 से ई-जीरो एफआईआर शुरू — ₹1 लाख तक की साइबर ठगी की ऑनलाइन शिकायत संभव।
सरकार के 56 विभागों की 1,700 सेवाएँ एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध; डिजिटल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 जून 2025 को भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक 2.0' का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि साइबर खतरा एक अदृश्य शत्रु है जो बिना किसी चेतावनी के नागरिकों के घरों तक पहुँच रहा है और इससे बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। यह अभियान 8 जुलाई 2025 तक प्रदेश के 10 संभागों, 55 जिलों और 50,000 से अधिक गाँवों में एक साथ संचालित किया जाएगा।

अभियान की मुख्य विशेषताएँ

मुख्यमंत्री यादव ने साइबर सुरक्षा के तीन मूल सूत्र — जागरूकता, सावधानी और सहभागिता — प्रदेशवासियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे दूसरों को भी इसके प्रति सचेत करें। अभियान के तहत 15 दिनों में प्रतिदिन एक अलग थीम रखी गई है, जिसमें बैंकिंग सुरक्षा, महिला सुरक्षा और ग्रामीण जागरूकता प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता अभियान का पोस्टर, स्कूली बच्चों के लिए तैयार साइबर जागरूकता बुकलेट और अभियान का आधिकारिक वीडियो जारी किया। उन्होंने साइबर जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। अभियान बैंकों, बाज़ारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर संचालित होगा।

साइबर अपराधों का बढ़ता खतरा

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, डीपफेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, ऑनलाइन शॉपिंग ठगी, रैनसमवेयर हमले और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने साइबर अपराधियों को 'डिजिटल युग के राक्षस' बताया जो लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल के ज़रिए नागरिकों के साथ ठगी करते हैं।

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने बताया कि साइबर अपराध केवल एक आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की लगभग 80 प्रतिशत शिकायतें वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित होती हैं। इसके अतिरिक्त फर्जी सिमकार्ड, म्यूल बैंक अकाउंट और महिला व बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

मध्य प्रदेश पुलिस की उपलब्धियाँ

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में मध्य प्रदेश पुलिस ने विभिन्न साइबर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूक किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मध्य प्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार साइबर डकैती का लाइव पर्दाफाश किया था।

पुलिस महानिदेशक मकवाना ने जानकारी दी कि 25 दिसंबर 2025 से प्रदेश में ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है, जिसके तहत ₹1 लाख तक की साइबर धोखाधड़ी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। वर्ष 2025 में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित ₹135 करोड़ की राशि होल्ड कराई गई और पीड़ितों को वापस दिलाने के प्रयास किए गए।

सरकार की डिजिटल सुरक्षा प्राथमिकता

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1,700 सेवाएँ एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने प्रदेशवासियों से साइबर सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।

नागरिकों को साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में जानकारी दी जा रही है। अभियान का विस्तार अब पंचायतों, स्कूलों, बैंकों, बाज़ारों, धार्मिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों तक किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, स्कूली बच्चे और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितनों ने व्यवहार बदला — जागरूकता कार्यक्रम अक्सर आँकड़ों में बड़े और असर में सीमित रहते हैं। ₹135 करोड़ की धोखाधड़ी रोकना एक ठोस उपलब्धि है, पर यह भी बताता है कि राज्य में साइबर अपराध की मात्रा कितनी बड़ी हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या 15 दिन का अभियान उस सांस्कृतिक बदलाव की नींव रख सकता है जो 'जन आंदोलन' के लिए ज़रूरी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सेफ क्लिक 2.0' अभियान क्या है?
'सेफ क्लिक 2.0' मध्य प्रदेश पुलिस का राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान है, जो 24 जून से 8 जुलाई 2025 तक 55 जिलों और 50,000 से अधिक गाँवों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, रैनसमवेयर और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के बारे में शिक्षित करना है।
साइबर ठगी होने पर कहाँ शिकायत करें?
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। मध्य प्रदेश में 25 दिसंबर 2025 से ई-जीरो एफआईआर की सुविधा भी शुरू हो गई है, जिससे ₹1 लाख तक की धोखाधड़ी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
मध्य प्रदेश पुलिस ने 2025 में साइबर अपराध रोकने में क्या उपलब्धि हासिल की?
मध्य प्रदेश पुलिस ने वर्ष 2025 में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी ₹135 करोड़ की राशि होल्ड कराई और पीड़ितों को वापस दिलाने के प्रयास किए। इसके अलावा 33 लाख से अधिक नागरिकों को जागरूकता अभियानों के ज़रिए सचेत किया गया।
'सेफ क्लिक 2.0' में कौन-कौन से विषय शामिल हैं?
15 दिन चलने वाले इस अभियान में प्रतिदिन एक अलग थीम रखी गई है — जिसमें बैंकिंग सुरक्षा, महिला साइबर सुरक्षा और ग्रामीण जागरूकता प्रमुख हैं। अभियान बैंकों, बाज़ारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों, पंचायतों और सरकारी कार्यालयों में संचालित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार की डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा रही है?
मध्य प्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1,700 सेवाएँ एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इनकी साइबर सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता और सावधानी सबसे प्रभावी उपाय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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