मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान: मोहन यादव ने छिंदवाड़ा से की शुरुआत, हर शुक्रवार अफसर जाएंगे जनता के बीच
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस अभियान के तहत राज्य के सभी अधिकारी अब प्रत्येक शुक्रवार को कार्यालय छोड़कर सीधे जनता के बीच जाएंगे, उनकी शिकायतें सुनेंगे और मौके पर समाधान सुनिश्चित करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्वयं को भी इस अभियान का हिस्सा बताया।
अभियान का उद्देश्य और ढाँचा
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के चार प्रमुख स्तंभ हैं — संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जाकर जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करना, लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करना, फील्ड की वास्तविक स्थितियों का फीडबैक प्राप्त करना और प्रशासन की पारदर्शी एवं संवेदनशील छवि निर्मित करना है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से होना हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है। सभी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।'
हर शुक्रवार बैठकें बंद, केवल फील्ड भ्रमण
अभियान की रूपरेखा के अनुसार, प्रत्येक शुक्रवार को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी स्तर पर कोई बैठक आयोजित नहीं होगी। यह दिन पूरी तरह फील्ड भ्रमण को समर्पित रहेगा। भोपाल से लेकर संभाग और जिले तक के सभी वरिष्ठ अधिकारी इस दिन मैदान में रहेंगे। मुख्यमंत्री, मंत्रिगण और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस अभियान में सम्मिलित होंगे।
पूर्व-तैयारी और समीक्षा की व्यवस्था
जिला कलेक्टर एक सप्ताह पूर्व ही भ्रमण का क्षेत्र चिन्हित करेंगे और संबंधित जनप्रतिनिधियों को सूचित करेंगे। भ्रमण से पहले उस क्षेत्र की सीएम हेल्पलाइन, जन-सुनवाई और लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी। शेष बचे प्रकरणों और भ्रमण के दौरान प्राप्त आवेदनों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।
आम जनता पर असर
यह अभियान उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिनकी शिकायतें लंबे समय से सरकारी दफ्तरों में लंबित पड़ी हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुँच अक्सर सीमित रहती है। यह अभियान उस अंतराल को पाटने की कोशिश है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार जन-केंद्रित शासन की छवि को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
आगे क्या होगा
अभियान की शुरुआत छिंदवाड़ा से हुई है, लेकिन इसे पूरे मध्य प्रदेश में लागू किया जाएगा। आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लंबित प्रकरणों के निराकरण की दर कितनी तेज़ होती है और अधिकारियों की फील्ड उपस्थिति कितनी नियमित रहती है।