मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: हर शुक्रवार चलेगा जनविश्वास अभियान, मंत्री-विधायक जाएंगे जमीन पर
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 28 जुलाई को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में जनविश्वास अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए प्रत्येक शुक्रवार को मंत्री, विधायक और अधिकारी सीधे जनता के बीच जाएंगे। यह अभियान सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति परखने की दिशा में एक व्यवस्थित कदम है।
अभियान की मुख्य रूपरेखा
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि जनविश्वास अभियान हर सप्ताह शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। उस दिन कोई अन्य बैठक नहीं होगी — केवल यही अभियान निर्धारित रहेगा और इसकी योजना पहले से तय की जाएगी।
मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में सभी मंत्री और विधायक अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर निचले स्तर पर योजनाओं की स्थिति देखेंगे। साथ ही अधिकारियों की टीम भी उसी दिन समीक्षा करेगी।
किन योजनाओं की होगी समीक्षा
अभियान के दायरे में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान कार्ड योजना, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी और खाद-बीज वितरण सहित अन्य सरकारी कार्यक्रम शामिल हैं। जिला कलेक्टरों पर इन योजनाओं की मॉनिटरिंग की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय की गई है।
सादगी पर जोर, बड़े खर्च से परहेज
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि यह अभियान समाधान, संवाद, संवेदनशीलता और सादगी के चार सूत्रों पर आधारित होगा। इसमें कोई बड़ी राशि खर्च नहीं की जाएगी, न ही भव्य टेंट या आयोजन होगा — केवल आवश्यक सुविधाएँ जुटाई जाएंगी।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार की कार्य योजना के अनुसार मंत्री पहले अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करेंगे, जिससे पूरी सरकार एक साथ जमीनी स्तर पर योजनाओं का मूल्यांकन करेगी। यह प्रक्रिया नियमित और पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के रूप में संचालित होगी, जिससे जवाबदेही का एक स्थायी तंत्र बनाने की कोशिश की जा रही है।