28 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: हर शुक्रवार चलेगा जनविश्वास अभियान, मंत्री-विधायक जाएंगे जमीन पर

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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: हर शुक्रवार चलेगा जनविश्वास अभियान, मंत्री-विधायक जाएंगे जमीन पर

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने हर शुक्रवार को 'जनविश्वास अभियान' चलाने का फैसला किया है, जिसमें मंत्री, विधायक और अधिकारी सीधे जमीन पर जाकर सरकारी योजनाओं की हकीकत परखेंगे। सादगी और संवाद पर जोर के साथ यह कदम जवाबदेही का एक नियमित ढाँचा खड़ा करने की कोशिश है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 28 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में जनविश्वास अभियान को मंजूरी मिली।
अभियान प्रत्येक शुक्रवार को चलेगा; उस दिन कोई अन्य सरकारी बैठक नहीं होगी।
सभी मंत्री और विधायक अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर योजनाओं की जमीनी स्थिति देखेंगे।
सीएम हेल्पलाइन, आयुष्मान कार्ड, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी और खाद-बीज सहित प्रमुख योजनाओं की समीक्षा होगी।
जिला कलेक्टरों पर मॉनिटरिंग की सीधी जिम्मेदारी; अभियान में बड़ा खर्च या भव्य आयोजन नहीं होगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 28 जुलाई को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में जनविश्वास अभियान चलाने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए प्रत्येक शुक्रवार को मंत्री, विधायक और अधिकारी सीधे जनता के बीच जाएंगे। यह अभियान सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति परखने की दिशा में एक व्यवस्थित कदम है।

अभियान की मुख्य रूपरेखा

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि जनविश्वास अभियान हर सप्ताह शुक्रवार को आयोजित किया जाएगा। उस दिन कोई अन्य बैठक नहीं होगी — केवल यही अभियान निर्धारित रहेगा और इसकी योजना पहले से तय की जाएगी।

मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि इस अभियान में सभी मंत्री और विधायक अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर निचले स्तर पर योजनाओं की स्थिति देखेंगे। साथ ही अधिकारियों की टीम भी उसी दिन समीक्षा करेगी।

किन योजनाओं की होगी समीक्षा

अभियान के दायरे में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान कार्ड योजना, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी और खाद-बीज वितरण सहित अन्य सरकारी कार्यक्रम शामिल हैं। जिला कलेक्टरों पर इन योजनाओं की मॉनिटरिंग की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय की गई है।

सादगी पर जोर, बड़े खर्च से परहेज

मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि यह अभियान समाधान, संवाद, संवेदनशीलता और सादगी के चार सूत्रों पर आधारित होगा। इसमें कोई बड़ी राशि खर्च नहीं की जाएगी, न ही भव्य टेंट या आयोजन होगा — केवल आवश्यक सुविधाएँ जुटाई जाएंगी।

क्या होगा आगे

राज्य सरकार की कार्य योजना के अनुसार मंत्री पहले अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करेंगे, जिससे पूरी सरकार एक साथ जमीनी स्तर पर योजनाओं का मूल्यांकन करेगी। यह प्रक्रिया नियमित और पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के रूप में संचालित होगी, जिससे जवाबदेही का एक स्थायी तंत्र बनाने की कोशिश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो शुरुआती उत्साह के बाद प्रायः रस्म अदायगी बन जाती हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या शुक्रवार का यह ढाँचा महज उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित रहेगा या योजनाओं में वास्तविक सुधार के ठोस आँकड़े सामने आएंगे। कलेक्टरों पर जिम्मेदारी डालना सही दिशा है, लेकिन बिना स्वतंत्र सत्यापन तंत्र के यह आत्म-मूल्यांकन बनकर रह सकता है। सादगी का संकल्प सराहनीय है, पर नागरिकों को परिणाम चाहिए — उपस्थिति नहीं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनविश्वास अभियान क्या है और यह कब शुरू होगा?
जनविश्वास अभियान मध्य प्रदेश सरकार की वह पहल है जिसके तहत हर शुक्रवार को मंत्री, विधायक और अधिकारी जिला स्तर पर जाकर सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसे 28 जुलाई की कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है और यह पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के रूप में नियमित रूप से चलेगा।
जनविश्वास अभियान में किन योजनाओं की समीक्षा होगी?
अभियान में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, आयुष्मान कार्ड योजना, जल जीवन मिशन, आंगनबाड़ी और खाद-बीज वितरण सहित अन्य सरकारी कार्यक्रमों की समीक्षा होगी। जिला कलेक्टरों पर इन योजनाओं की मॉनिटरिंग की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय की गई है।
अभियान में मंत्रियों और विधायकों की क्या भूमिका होगी?
सभी मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में जाएंगे और विधायक निचले स्तर पर जनता से सीधे संवाद करेंगे। उसी दिन अधिकारियों की टीम भी समीक्षा करेगी और शुक्रवार को कोई अन्य सरकारी बैठक नहीं रखी जाएगी।
क्या इस अभियान पर बड़ा सरकारी खर्च होगा?
नहीं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के अनुसार अभियान में कोई बड़ी राशि खर्च नहीं की जाएगी और न ही भव्य टेंट या आयोजन होंगे। केवल आवश्यक सुविधाएँ जुटाई जाएंगी और अभियान सादगी के साथ संचालित होगा।
यह अभियान आम जनता के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इस अभियान के माध्यम से नागरिक सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तक अपनी शिकायतें और समस्याएँ पहुँचा सकेंगे। सरकारी योजनाओं की जमीनी निगरानी से उनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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