मध्य प्रदेश में जन विश्वास अभियान शुरू: हर शुक्रवार फील्ड में उतरेंगे मंत्री-अधिकारी, 6 महीने चलेगा कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार ने 7 अगस्त 2026 से 6 महीने के जन विश्वास अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने छिंदवाड़ा में दोपहर करीब 12.30 बजे किया। इस अभियान के तहत हर शुक्रवार को मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के अफसर सीधे जनता के बीच जाकर शिकायतें सुनेंगे और सरकारी योजनाओं का जमीनी जायजा लेंगे।
अभियान की रूपरेखा और उद्देश्य
सरकार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जन विश्वास अभियान का मकसद प्रशासन और जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है। बयान में कहा गया, 'जन विश्वास अभियान का उद्देश्य फील्ड में जाकर लोगों से सीधा संवाद करना, शिकायतों और समस्याओं का 100 फीसदी निपटारा सुनिश्चित करना, जमीनी हकीकत पर फीडबैक लेना, प्रशासनिक निगरानी तंत्र को मजबूत करना और प्रशासन की पारदर्शी व संवेदनशील छवि बनाना है।'
अभियान के दौरान प्रत्येक शुक्रवार को जरूरी कामों को छोड़कर कोई आधिकारिक बैठक नहीं होगी। राज्य सचिवालय से लेकर जिला मुख्यालय तक के वरिष्ठ अधिकारी गाँवों और शहरों में जाकर लोगों की समस्याएँ सुनेंगे।
कलेक्टरों को निर्देश और क्रियान्वयन तंत्र
कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सप्ताह कवर किए जाने वाले क्षेत्र पहले से तय करें और फील्ड विजिट से पूर्व सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़ी लंबित शिकायतों की समीक्षा करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहाँ तक संभव हो, फील्ड विजिट से पहले ही लंबित मामलों का निपटारा कर दिया जाए और दौरे के दौरान मिली शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाए।
जन संवाद और उद्योग संवाद कार्यक्रम
अभियान के अंतर्गत 'जन संवाद' और 'उद्योग संवाद' कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इनमें आम नागरिकों के साथ-साथ एमएसएमई और कुटीर उद्योग से जुड़े उद्यमियों से सीधी बातचीत की जाएगी। अधिकारी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, उचित मूल्य की दुकानों और सार्वजनिक निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे।
कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
फील्ड दौरों के दौरान किसान आईडी, आयुष्मान भारत कार्ड, समग्र आईडी ई-केवाईसी और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की जाएगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कार्यकाल के ढाई साल पूरे हो चुके हैं और पाँच साल के कार्यकाल का दूसरा आधा हिस्सा शुरू हो गया है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर शासन और जन मुद्दों को लेकर हमलावर रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह अभियान आगामी चुनावी चक्र से पहले जनता से संपर्क साधने की रणनीतिक कोशिश है। सरकार का कहना है कि यह कदम जवाबदेही और पारदर्शिता को संस्थागत रूप देने की दिशा में उठाया गया है। आने वाले महीनों में इस अभियान की जमीनी सफलता यह तय करेगी कि क्या यह सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता बनकर रह जाता है या वास्तव में जन समस्याओं के समाधान का माध्यम बनता है।