22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पदातिक एक्सप्रेस ट्रेन चोरी: RPF ने सुलझाया मामला, ₹16.41 लाख के गहने व नकदी बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पदातिक एक्सप्रेस ट्रेन चोरी: RPF ने सुलझाया मामला, ₹16.41 लाख के गहने व नकदी बरामद

सारांश

RPF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज के सहारे पदातिक एक्सप्रेस चोरी का पर्दाफाश किया। राजमहल में छापेमारी से मुख्य आरोपी व ज्वेलर दोनों पकड़े गए और ₹16.41 लाख का चोरी का सामान लगभग पूरी तरह बरामद हो गया।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को 12378 पदातिक एक्सप्रेस के एस-1 कोच से ₹16.41 लाख के गहने व नकदी चोरी हुई।
RPF पोस्ट पाकुड़, बरहड़वा और CIB बर्दवान की संयुक्त टीम ने कोटलपुकुर स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की।
मुख्य आरोपी को राजमहल के नागेश्वर बाग गाँव से गिरफ्तार किया गया; सोने के गहने, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और ₹1.41 लाख नकद बरामद।
आरोपी ने ₹1,41,500 में गहने एक स्थानीय ज्वेलर को बेचे थे; ज्वेलर को लालू मार्केट, राजमहल से गिरफ्तार कर शेष गहने भी जब्त किए गए।
दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

पूर्वी रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से न्यू अलीपुरद्वार-सियालदह पदातिक एक्सप्रेस के आरक्षित कोच में हुई ₹16.41 लाख की चोरी का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। 15 सितंबर 2026 को हुई इस वारदात में मुख्य आरोपी के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

वारदात का विवरण

यह घटना 15 सितंबर 2026 की है, जब 12378 डाउन पदातिक एक्सप्रेस कोटलपुकुर स्टेशन पर रुकी हुई थी। एक यात्री ने रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई कि ट्रेन के एस-1 कोच से उसके कीमती सामान की चोरी और छीनाझपटी की गई। चोरी हुए सामान में सोने के गहने, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और एक मोबाइल फोन शामिल थे, जिनका अनुमानित मूल्य ₹16.41 लाख बताया गया।

संयुक्त जाँच टीम का गठन

शिकायत मिलने के तुरंत बाद RPF पोस्ट पाकुड़, RPF पोस्ट बरहड़वा और CIB बर्दवान के जवानों को मिलाकर एक विशेष संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जाँच की कमान सँभाली। कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति एस-1 कोच में दूसरी तरफ से चढ़ता हुआ दिखाई दिया।

गिरफ्तारी और बरामदगी

सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राजमहल पुलिस स्टेशन की सहायता से टीम ने राजमहल के नागेश्वर बाग गाँव में मुख्य आरोपी के ससुर के घर पर छापेमारी की और आरोपी को धर दबोचा। आरोपी के पास मौजूद गुलाबी रंग के ज्वेलरी बैग से चोरी का बड़ा हिस्सा बरामद हुआ — जिसमें टूटे हुए सोने के कंगन, चूड़ियाँ, हार, अंगूठी, पेंडेंट वाली चेन, बच्चे का बाजूबंद, देवी-देवता का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और ₹1.41 लाख नकद शामिल थे।

ज्वेलर भी गिरफ्त में

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने सोने की दो चेन और दो जोड़ी सोने की बालियाँ राजमहल के एक स्थानीय ज्वेलर को ₹1,41,500 में बेच दी थीं। इस सुराग के आधार पर टीम ने लालू मार्केट स्थित ज्वेलरी दुकान पर दबिश दी और चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर को भी गिरफ्तार करते हुए शेष गहने भी जब्त कर लिए।

आगे की कार्रवाई

दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में सौंप दिया गया है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि सीसीटीवी निगरानी, बहु-एजेंसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई किस प्रकार रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक हो सकती है। RPF के इस अभियान से रेल यात्रियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बहु-एजेंसी समन्वय और यात्री शिकायत पोर्टल एकसाथ काम करें — लेकिन यह सफलता नियम नहीं, अपवाद है। रेल मदद पोर्टल पर दर्ज शिकायत से लेकर गिरफ्तारी तक की तेज़ी सराहनीय है, पर सवाल यह भी है कि आरक्षित कोच में चोर इतनी आसानी से दूसरी तरफ से क्यों चढ़ सका। बिना यात्रा के दौरान कोच-स्तरीय गश्त को व्यवस्थित रूप से मज़बूत किए, ऐसी वारदातें दोहराती रहेंगी और हर बार बरामदगी की कामयाबी नहीं मिलती।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पदातिक एक्सप्रेस में क्या चोरी हुई थी?
15 सितंबर 2026 को 12378 पदातिक एक्सप्रेस के एस-1 कोच से सोने के गहने, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और एक मोबाइल फोन चोरी हुए, जिनका अनुमानित मूल्य ₹16.41 लाख था। यह वारदात कोटलपुकुर स्टेशन पर हुई।
RPF ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
RPF की संयुक्त टीम ने कोटलपुकुर स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर संदिग्ध की पहचान की। इसके बाद राजमहल पुलिस की सहायता से नागेश्वर बाग गाँव में मुख्य आरोपी के ससुर के घर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
चोरी का कितना सामान वापस मिला?
चोरी हुए सामान का अधिकांश हिस्सा बरामद हो गया — जिसमें सोने के कंगन, चूड़ियाँ, हार, अंगूठी, चेन, बाजूबंद, देवी-देवता का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और ₹1.41 लाख नकद शामिल हैं। इसके अलावा आरोपी द्वारा ज्वेलर को बेचे गए गहने भी राजमहल के लालू मार्केट से जब्त कर लिए गए।
ज्वेलर को क्यों गिरफ्तार किया गया?
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने सोने की दो चेन और दो जोड़ी बालियाँ ₹1,41,500 में एक स्थानीय ज्वेलर को बेची थीं। चोरी का माल जानते हुए या संदेह में खरीदने पर ज्वेलर को भी गिरफ्तार किया गया।
इस मामले की जाँच में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
RPF पोस्ट पाकुड़, RPF पोस्ट बरहड़वा, CIB बर्दवान और राजमहल स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने यह जाँच पूरी की। यात्री की रेल मदद पोर्टल पर दर्ज शिकायत से जाँच की शुरुआत हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले