पदातिक एक्सप्रेस ट्रेन चोरी: RPF ने सुलझाया मामला, ₹16.41 लाख के गहने व नकदी बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से न्यू अलीपुरद्वार-सियालदह पदातिक एक्सप्रेस के आरक्षित कोच में हुई ₹16.41 लाख की चोरी का सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। 15 सितंबर 2026 को हुई इस वारदात में मुख्य आरोपी के साथ-साथ चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
वारदात का विवरण
यह घटना 15 सितंबर 2026 की है, जब 12378 डाउन पदातिक एक्सप्रेस कोटलपुकुर स्टेशन पर रुकी हुई थी। एक यात्री ने रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई कि ट्रेन के एस-1 कोच से उसके कीमती सामान की चोरी और छीनाझपटी की गई। चोरी हुए सामान में सोने के गहने, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और एक मोबाइल फोन शामिल थे, जिनका अनुमानित मूल्य ₹16.41 लाख बताया गया।
संयुक्त जाँच टीम का गठन
शिकायत मिलने के तुरंत बाद RPF पोस्ट पाकुड़, RPF पोस्ट बरहड़वा और CIB बर्दवान के जवानों को मिलाकर एक विशेष संयुक्त टीम बनाई गई। इस टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जाँच की कमान सँभाली। कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति एस-1 कोच में दूसरी तरफ से चढ़ता हुआ दिखाई दिया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध की पहचान की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राजमहल पुलिस स्टेशन की सहायता से टीम ने राजमहल के नागेश्वर बाग गाँव में मुख्य आरोपी के ससुर के घर पर छापेमारी की और आरोपी को धर दबोचा। आरोपी के पास मौजूद गुलाबी रंग के ज्वेलरी बैग से चोरी का बड़ा हिस्सा बरामद हुआ — जिसमें टूटे हुए सोने के कंगन, चूड़ियाँ, हार, अंगूठी, पेंडेंट वाली चेन, बच्चे का बाजूबंद, देवी-देवता का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और ₹1.41 लाख नकद शामिल थे।
ज्वेलर भी गिरफ्त में
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने सोने की दो चेन और दो जोड़ी सोने की बालियाँ राजमहल के एक स्थानीय ज्वेलर को ₹1,41,500 में बेच दी थीं। इस सुराग के आधार पर टीम ने लालू मार्केट स्थित ज्वेलरी दुकान पर दबिश दी और चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर को भी गिरफ्तार करते हुए शेष गहने भी जब्त कर लिए।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में सौंप दिया गया है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि सीसीटीवी निगरानी, बहु-एजेंसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई किस प्रकार रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक हो सकती है। RPF के इस अभियान से रेल यात्रियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ने की उम्मीद है।