9 अक्टूबर 2026
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डीआरआई ने ₹1.8 करोड़ का सोना जब्त किया, लगेज ट्रॉलियों में छिपाकर कुआलालंपुर से लाई थी खेप

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डीआरआई ने ₹1.8 करोड़ का सोना जब्त किया, लगेज ट्रॉलियों में छिपाकर कुआलालंपुर से लाई थी खेप

सारांश

डीआरआई ने कुआलालंपुर से लाए गए ₹1.8 करोड़ के सोने को एयरपोर्ट की लगेज ट्रॉलियों में छिपाकर तस्करी करने का नया तरीका पकड़ा। निर्दोष यात्रियों को अनजाने में ढाल बनाने वाला यह मामला, सितंबर में मुंबई में ₹14.81 करोड़ की जब्ती के बाद DRI की बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 9 अक्टूबर 2026 को 1.3 किलोग्राम सोने के बिस्कुट जब्त किए, कीमत लगभग ₹1.8 करोड़ ।
सोना मलेशिया के कुआलालंपुर से लाकर एयरपोर्ट की लगेज ट्रॉलियों में चिपकाकर छिपाया गया था।
दो आरोपियों ने भोले-भाले यात्रियों को अनजाने में वाहक बनाया — यात्रियों को खुद किसी तस्करी की जानकारी नहीं थी।
इससे पहले 23 सितंबर 2026 को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर DRI ने ₹14.81 करोड़ का 9.40 किग्रा सोना जब्त किया था।
मुंबई मामले में सोने को दूध पाउडर, ओट्स और अन्य खाद्य उत्पादों में मिलाकर छिपाया गया था; 3 यात्री गिरफ्तार ।
दोनों मामलों में कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत कार्रवाई की गई।

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने 9 अक्टूबर 2026 को सोने की तस्करी के एक चतुर मामले का भंडाफोड़ करते हुए 1.3 किलोग्राम सोने के बिस्कुट जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग ₹1.8 करोड़ बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, दो आरोपियों ने यह सोना मलेशिया के कुआलालंपुर से लाकर एयरपोर्ट की लगेज ट्रॉलियों में चिपकाकर छिपा दिया था। यह मामला तस्करी के एक नए और खतरनाक तरीके को उजागर करता है, जिसमें निर्दोष यात्रियों को अनजाने में वाहक बनाया जाता है।

तस्करी का तरीका

जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने एयरपोर्ट की साझा लगेज ट्रॉलियों के निचले हिस्से में सोने के बिस्कुट चिपका दिए। इसके बाद उन्होंने ऐसे भोले-भाले यात्रियों को निशाना बनाया जो इन्हीं ट्रॉलियों का उपयोग करते हुए सीमा शुल्क जाँच पार कर रहे थे। आरोपियों ने यात्रियों का पीछा किया और कस्टम्स क्षेत्र पार होते ही ट्रॉलियों से सोना निकाल लिया। इस तरह वे बिना किसी प्रत्यक्ष जोखिम के तस्करी को अंजाम दे रहे थे।

गौरतलब है कि इस पद्धति में यात्री को तस्करी का कोई ज्ञान नहीं होता — वह अनजाने में ही माल ढोने का जरिया बन जाता है। यह 'मानव वाहक' मॉडल से एक कदम आगे की तकनीक है, जो जाँच एजेंसियों के लिए चुनौती बढ़ाती है।

डीआरआई की कार्रवाई

खुफिया सूचना के आधार पर DRI के अधिकारियों ने सतर्कता बरतते हुए ट्रॉलियों की बारीकी से जाँच की और सोने के बिस्कुट बरामद किए। दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जाँच अब उनके कथित तस्करी नेटवर्क, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और इस पद्धति से पहले की गई तस्करी की संख्या पर केंद्रित है।

मुंबई में इससे पहले की बड़ी कार्रवाई

यह ऐसे समय में आया है जब DRI की मुंबई ज़ोनल यूनिट ने 23 सितंबर 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक और बड़ी कार्रवाई की थी। मुंबई एयरपोर्ट कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में दुबई से आए तीन भारतीय यात्रियों के पास से 9.40 किलोग्राम शुद्ध सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग ₹14.81 करोड़ आँकी गई।

उस मामले में सोने को बेहद चालाकी से दूध पाउडर, ओट्स, विभिन्न प्रकार के आटे, न्यूटेला और नारियल के दूध के पाउडर जैसे आम दिखने वाले फूड पैकेट्स में छिपाया गया था। विदेशी मूल के सोने को बारीक पाउडर में बदलकर इन उत्पादों में मिलाया गया था ताकि रंग और बनावट एक समान दिखे। तीनों यात्रियों के सामान से कुल मिलाकर लगभग 33.50 किलोग्राम ऐसे फूड उत्पाद बरामद हुए जिनमें सोने का पाउडर मिला था।

पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे एक ही संगठित तस्करी गिरोह के लिए काम कर रहे थे। तीनों को कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया।

बढ़ती तस्करी और जाँच एजेंसियों की चुनौती

पिछले कुछ हफ्तों में DRI की ये कार्रवाइयाँ दर्शाती हैं कि तस्करी गिरोह लगातार नए और परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं — चाहे वह खाद्य उत्पादों में सोने का पाउडर मिलाना हो या ट्रॉलियों में बिस्कुट छिपाना। सोने की तस्करी भारत में एक संगठित आपराधिक उद्योग का रूप ले चुकी है, जिसे उच्च आयात शुल्क आंशिक रूप से प्रेरित करता है।

आगे की जाँच यह स्पष्ट कर सकती है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक है और क्या दोनों मामलों के बीच कोई संबंध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब ट्रॉलियों को ढाल बनाया। असली चिंता यह है कि इस पद्धति में निर्दोष यात्री अनजाने में आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं, जो कानूनी जटिलताएँ पैदा करता है। DRI की त्वरित कार्रवाइयाँ सराहनीय हैं, लेकिन सवाल यह है कि ऊँचे आयात शुल्क — जो इस तस्करी की आर्थिक प्रेरणा हैं — पर नीतिगत पुनर्विचार कब होगा।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने हाल ही में कितने सोने की जब्ती की?
DRI ने 9 अक्टूबर 2026 को लगेज ट्रॉलियों में छिपाए गए 1.3 किलोग्राम सोने के बिस्कुट जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग ₹1.8 करोड़ बताई गई है। यह सोना मलेशिया के कुआलालंपुर से लाया गया था।
तस्करों ने लगेज ट्रॉलियों का उपयोग कैसे किया?
आरोपों के अनुसार, दो आरोपियों ने एयरपोर्ट की साझा लगेज ट्रॉलियों के निचले हिस्से में सोने के बिस्कुट चिपका दिए। फिर उन्होंने उन यात्रियों का पीछा किया जो अनजाने में इन्हीं ट्रॉलियों का उपयोग कर कस्टम्स जाँच पार कर रहे थे, और बाद में सोना निकाल लिया।
मुंबई में डीआरआई ने सितंबर में क्या बड़ी कार्रवाई की थी?
23 सितंबर 2026 को DRI की मुंबई ज़ोनल यूनिट ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 9.40 किलोग्राम सोना जब्त किया था, जिसकी कीमत ₹14.81 करोड़ थी। दुबई से आए तीन भारतीय यात्रियों को गिरफ्तार किया गया था, जो सोने के पाउडर को खाद्य उत्पादों में छिपाकर लाए थे।
मुंबई मामले में सोना कैसे छिपाया गया था?
विदेशी मूल के सोने को बारीक पाउडर में बदलकर दूध पाउडर, ओट्स, विभिन्न आटे, न्यूटेला और नारियल के दूध के पाउडर जैसे आम खाद्य पैकेट्स में मिलाया गया था। तीनों यात्रियों के सामान से कुल लगभग 33.50 किलोग्राम ऐसे उत्पाद बरामद हुए।
इन तस्करी मामलों में कौन-सा कानून लागू किया गया?
दोनों मामलों में कस्टम्स एक्ट, 1962 के संबंधित प्रावधानों के तहत सोना जब्त किया गया और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जाँच जारी है और आरोपियों के व्यापक तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर ध्यान केंद्रित है।
राष्ट्र प्रेस
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