बेंगलुरु हवाई अड्डे पर दुबई से सोना तस्करी: तीन महिलाओं समेत चार गिरफ्तार, ₹2.6 करोड़ का सोना जब्त
सारांश
मुख्य बातें
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेंगलुरु पर सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने 14 अक्टूबर 2026 को दुबई से सोने की तस्करी के आरोप में तीन महिलाओं समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने आरोपियों के पैरों पर बंधे 28 सोने के बिस्कुट बरामद किए, जिनका कुल वजन करीब 1.6 किलोग्राम और बाज़ार मूल्य लगभग ₹2.6 करोड़ बताया गया है।
कार्रवाई का विवरण
सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने खुफिया जानकारी और संदिग्ध यात्रियों की प्रोफाइलिंग के आधार पर यह कार्रवाई की। टर्मिनल-2 के निकास द्वार के पास चारों आरोपियों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें उनके पैरों पर पट्टियों से बंधे सोने के बिस्कुट बरामद हुए। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने नियमित हवाई अड्डा जाँच से बचने के लिए यह तरीका अपनाया था।
सोने के अलावा, अधिकारियों ने आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन और 8 लैपटॉप भी जब्त किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की इतनी बड़ी संख्या तस्करी नेटवर्क के व्यापक संगठित स्वरूप की ओर संकेत करती है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामजान बेगम सिराजुद्दीन, नसरीन बानू सिराजुद्दीन, हैरुन फातिमा सिराजुद्दीन और अशरुद्दीन चेल्लादुरई के रूप में हुई है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, नसरीन बानू और हैरुन फातिमा आपस में बहनें हैं और अन्य आरोपियों से भी पारिवारिक संबंध हैं। चारों आरोपी तमिलनाडु के चेन्नई स्थित व्यासरपाड़ी के निवासी बताए गए हैं।
चेन्नई स्थित तस्करी गिरोह से कथित संबंध
प्रारंभिक जाँच में कथित तौर पर सामने आया है कि चारों आरोपी चेन्नई से संचालित होने वाले एक संगठित सोना तस्करी गिरोह से जुड़े हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सोने की तस्करी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है, और दुबई-भारत मार्ग तस्करों का एक प्रमुख रूट बना हुआ है।
गौरतलब है कि बेंगलुरु और चेन्नई के हवाई अड्डों पर पिछले कुछ वर्षों में सोने की तस्करी की कई बड़ी घटनाएँ सामने आई हैं। जाँच एजेंसियाँ अब सोने के स्रोत, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और इस गिरोह में अन्य संभावित सदस्यों की संलिप्तता का पता लगाने में जुटी हैं।
कानूनी कार्रवाई
सीमा शुल्क विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी जाँचा जा रहा है कि क्या ये आरोपी पहले भी इस प्रकार की तस्करी की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
आगे की जाँच
मामले में आगे की जाँच जारी है। जाँच एजेंसियाँ जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच करेंगी, जिससे तस्करी नेटवर्क के और सदस्यों और संभावित वित्तपोषण स्रोतों का खुलासा होने की उम्मीद है।