मुंबई एयरपोर्ट से सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: डीआरआई ने 9 गिरफ्तार किए, 15 किग्रा सोना जब्त
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 26 जून 2026 को मुंबई एयरपोर्ट से संचालित एक संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी भी शामिल है, जो कथित तौर पर गिरोह को भीतर से मदद पहुँचाती थी। इस कार्रवाई में जाँच एजेंसी ने वह ठिकाना भी उजागर किया जहाँ तस्करी के सोने को पिघलाया जाता था।
गिरोह की संरचना और गिरफ्तारियाँ
डीआरआई के बयान के अनुसार, गिरफ्तार नौ आरोपियों में एयरपोर्ट की महिला कर्मचारी, उसे निर्देश देने वाला मास्टरमाइंड, तीन बिचौलिए, सोना पिघलाने वाली यूनिट का संचालक और उस यूनिट में काम करने वाले तीन अन्य व्यक्ति शामिल हैं। यह बहु-स्तरीय नेटवर्क एयरपोर्ट के भीतर से लेकर बाहरी पिघलाई इकाइयों तक फैला हुआ था।
डीआरआई ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि सोना तस्करी के गिरोह अब पहले से कहीं अधिक संगठित हो गए हैं — वे एयरपोर्ट कर्मचारियों को अपने नेटवर्क में शामिल कर जाँच एजेंसियों से बचने की कोशिश करते हैं।
बेंगलुरु और अन्य शहरों में भी कार्रवाई
मुंबई के अलावा बेंगलुरु में डीआरआई ने एक अंतरराष्ट्रीय यात्री के कपड़ों की कई परतों में छिपाए गए 1.8 किलोग्राम 24 कैरेट सोने के पेस्ट को बरामद किया। इसके बाद आरोपी के घर की तलाशी में करीब 1.5 किलोग्राम सोने के गहने, 45 किलोग्राम चाँदी और भारतीय व विदेशी मुद्रा भी मिली। उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
इसी सप्ताह हैदराबाद, राजकोट, कालीकट, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल स्थित एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और भूमि सीमा शुल्क चौकियों पर भी अभियान चलाए गए, जिनमें 6 किलोग्राम तस्करी का सोना बरामद हुआ और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
कुल बरामदगी का ब्यौरा
डीआरआई के अनुसार, इन सभी कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 15 किलोग्राम सोना, 45 किलोग्राम चाँदी और लगभग ₹23 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। इस पूरे अभियान में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' से जुड़ी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 20 मई को डीआरआई मुंबई ने 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय (सीएसएमआई) एयरपोर्ट से एक अन्य बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उस अभियान में करीब ₹4.8 करोड़ मूल्य का 3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया गया था और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
जाँच में सामने आया कि उस मामले में तस्करी के सोने के पाउडर को मोम के रूप में बदलकर अंडे के आकार के विशेष कैप्सूल में भरा जाता था, जिन्हें ट्रांजिट यात्री निगलकर मुंबई तक लाते थे। यह तरीका दर्शाता है कि तस्करी के हथकंडे किस हद तक परिष्कृत हो चुके हैं।
आगे की जाँच
डीआरआई इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय सूत्रों और वित्तपोषण स्रोतों की जाँच जारी रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट कर्मचारियों की संलिप्तता सुरक्षा प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है, जिनकी समीक्षा अनिवार्य है।