26 जून 2026
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मुंबई एयरपोर्ट से सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: डीआरआई ने 9 गिरफ्तार किए, 15 किग्रा सोना जब्त

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मुंबई एयरपोर्ट से सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: डीआरआई ने 9 गिरफ्तार किए, 15 किग्रा सोना जब्त

सारांश

मुंबई एयरपोर्ट पर तैनात महिला कर्मचारी समेत 9 गिरफ्तार — डीआरआई ने एक ऐसे बहु-स्तरीय सोना तस्करी नेटवर्क को तोड़ा जो एयरपोर्ट के भीतर से संचालित था और जहाँ विदेशी सोना पिघलाने की गुप्त यूनिट भी चल रही थी। कुल बरामदगी: 15 किग्रा सोना, 45 किग्रा चाँदी, ₹23 करोड़ की संपत्ति।

मुख्य बातें

डीआरआई ने 26 जून 2026 को मुंबई एयरपोर्ट से संचालित सोना तस्करी गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में एयरपोर्ट की एक महिला कर्मचारी , मास्टरमाइंड, 3 बिचौलिए और सोना पिघलाने वाली यूनिट के 4 लोग शामिल हैं।
बेंगलुरु में एक यात्री के कपड़ों में छिपे 1.8 किग्रा 24 कैरेट सोने के पेस्ट समेत घर से 1.5 किग्रा सोने के गहने व 45 किग्रा चाँदी बरामद।
हैदराबाद, राजकोट, कालीकट, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी और पेट्रापोल में अलग कार्रवाइयों में 6 किग्रा सोना जब्त, 5 और गिरफ्तार ।
सभी कार्रवाइयों में कुल 15 किग्रा सोना , 45 किग्रा चाँदी और ₹23 करोड़ की संपत्ति जब्त; 15 लोग गिरफ्तार।
20 मई को 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' में ₹4.8 करोड़ मूल्य का 3 किग्रा सोना जब्त; कैप्सूल निगलकर तस्करी का तरीका उजागर।

राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 26 जून 2026 को मुंबई एयरपोर्ट से संचालित एक संगठित सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में एयरपोर्ट पर तैनात एक महिला कर्मचारी भी शामिल है, जो कथित तौर पर गिरोह को भीतर से मदद पहुँचाती थी। इस कार्रवाई में जाँच एजेंसी ने वह ठिकाना भी उजागर किया जहाँ तस्करी के सोने को पिघलाया जाता था।

गिरोह की संरचना और गिरफ्तारियाँ

डीआरआई के बयान के अनुसार, गिरफ्तार नौ आरोपियों में एयरपोर्ट की महिला कर्मचारी, उसे निर्देश देने वाला मास्टरमाइंड, तीन बिचौलिए, सोना पिघलाने वाली यूनिट का संचालक और उस यूनिट में काम करने वाले तीन अन्य व्यक्ति शामिल हैं। यह बहु-स्तरीय नेटवर्क एयरपोर्ट के भीतर से लेकर बाहरी पिघलाई इकाइयों तक फैला हुआ था।

डीआरआई ने कहा कि यह मामला दर्शाता है कि सोना तस्करी के गिरोह अब पहले से कहीं अधिक संगठित हो गए हैं — वे एयरपोर्ट कर्मचारियों को अपने नेटवर्क में शामिल कर जाँच एजेंसियों से बचने की कोशिश करते हैं।

बेंगलुरु और अन्य शहरों में भी कार्रवाई

मुंबई के अलावा बेंगलुरु में डीआरआई ने एक अंतरराष्ट्रीय यात्री के कपड़ों की कई परतों में छिपाए गए 1.8 किलोग्राम 24 कैरेट सोने के पेस्ट को बरामद किया। इसके बाद आरोपी के घर की तलाशी में करीब 1.5 किलोग्राम सोने के गहने, 45 किलोग्राम चाँदी और भारतीय व विदेशी मुद्रा भी मिली। उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

इसी सप्ताह हैदराबाद, राजकोट, कालीकट, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल स्थित एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और भूमि सीमा शुल्क चौकियों पर भी अभियान चलाए गए, जिनमें 6 किलोग्राम तस्करी का सोना बरामद हुआ और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

कुल बरामदगी का ब्यौरा

डीआरआई के अनुसार, इन सभी कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 15 किलोग्राम सोना, 45 किलोग्राम चाँदी और लगभग ₹23 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। इस पूरे अभियान में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' से जुड़ी पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 20 मई को डीआरआई मुंबई ने 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय (सीएसएमआई) एयरपोर्ट से एक अन्य बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उस अभियान में करीब ₹4.8 करोड़ मूल्य का 3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया गया था और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

जाँच में सामने आया कि उस मामले में तस्करी के सोने के पाउडर को मोम के रूप में बदलकर अंडे के आकार के विशेष कैप्सूल में भरा जाता था, जिन्हें ट्रांजिट यात्री निगलकर मुंबई तक लाते थे। यह तरीका दर्शाता है कि तस्करी के हथकंडे किस हद तक परिष्कृत हो चुके हैं।

आगे की जाँच

डीआरआई इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय सूत्रों और वित्तपोषण स्रोतों की जाँच जारी रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट कर्मचारियों की संलिप्तता सुरक्षा प्रणाली की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती है, जिनकी समीक्षा अनिवार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो सवाल उठता है कि क्या एयरपोर्ट अथॉरिटी के पास कर्मचारी आचरण की सतत निगरानी का कोई प्रभावी तंत्र है। 'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' से लेकर इस ताज़ा कार्रवाई तक, डीआरआई की सफलताएँ सराहनीय हैं — लेकिन ये यह भी बताती हैं कि तस्करी के रास्ते कितने विविध और परिष्कृत हो चुके हैं। असली नीतिगत सवाल यह है कि गिरफ्तारियों के बाद दोषसिद्धि दर क्या है — क्योंकि बिना कड़ी सजा के ये कार्रवाइयाँ महज अस्थायी रुकावट बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट पर किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
डीआरआई ने मुंबई एयरपोर्ट से संचालित सोना तस्करी गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें एयरपोर्ट की एक महिला कर्मचारी, मास्टरमाइंड, तीन बिचौलिए और सोना पिघलाने वाली यूनिट के चार लोग शामिल हैं। यह गिरोह विदेश से तस्करी के सोने को एयरपोर्ट के भीतर से निकालकर गुप्त यूनिट में पिघलाता था।
इस पूरे अभियान में कुल कितना सोना और संपत्ति जब्त हुई?
डीआरआई की सभी कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 15 किलोग्राम सोना, 45 किलोग्राम चाँदी और लगभग ₹23 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। इन अभियानों में कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' क्या था?
'ऑपरेशन गोल्डन ड्रॉप' डीआरआई मुंबई द्वारा 20 मई को चलाया गया अभियान था, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ₹4.8 करोड़ मूल्य का 3 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया गया और एक आरोपी गिरफ्तार हुआ। जाँच में पता चला कि सोने के पाउडर को मोम में बदलकर कैप्सूल में भरा जाता था, जिन्हें यात्री निगलकर लाते थे।
बेंगलुरु में डीआरआई को क्या मिला?
बेंगलुरु में डीआरआई ने एक अंतरराष्ट्रीय यात्री के कपड़ों की परतों में छिपे 1.8 किलोग्राम 24 कैरेट सोने के पेस्ट को बरामद किया। इसके बाद आरोपी के घर से करीब 1.5 किलोग्राम सोने के गहने, 45 किलोग्राम चाँदी और भारतीय व विदेशी मुद्रा भी मिली; आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुंबई के अलावा किन शहरों में डीआरआई ने कार्रवाई की?
इसी सप्ताह डीआरआई ने हैदराबाद, राजकोट, कालीकट, विशाखापत्तनम, गुवाहाटी और पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और भूमि सीमा शुल्क चौकियों पर अभियान चलाए। इन कार्रवाइयों में 6 किलोग्राम तस्करी का सोना बरामद हुआ और 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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