11 अगस्त 2026
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ग्रेटर नोएडा में 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026' शुरू, 120+ वक्ता और 15,000 आगंतुकों की उम्मीद

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ग्रेटर नोएडा में 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026' शुरू, 120+ वक्ता और 15,000 आगंतुकों की उम्मीद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में 11 अगस्त से शुरू हुआ 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026' भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का एक अहम पड़ाव है — 120 से अधिक वक्ता, 15,000 आगंतुक और मुख्यमंत्री योगी का प्रस्तावित उद्घाटन इसे महज प्रदर्शनी से कहीं बड़ा मंच बनाते हैं।

मुख्य बातें

इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026 का आगाज 11 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में हुआ।
आयोजन 11 से 13 अगस्त तक चलेगा; IFGE और UPNEDA संयुक्त आयोजक हैं।
120 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 150 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल और 15,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुकों की उम्मीद।
12 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्घाटन में शामिल होने का प्रस्तावित कार्यक्रम।
13 अगस्त को छठे इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड्स का आयोजन होगा।
कृषि अवशेषों से ऊर्जा, किसान आय और ग्रामीण रोजगार पर विशेष सत्र शामिल।

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 11 अगस्त 2026 को तीन दिवसीय 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026' का आगाज हुआ, जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस वैश्विक आयोजन का उद्देश्य भारत के बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और नीतिगत संवाद को नई गति देना है। इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (IFGE) और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UPNEDA) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस एक्सपो में देश-विदेश के नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, निवेशक और इनोवेटर्स एक मंच पर जुटे हैं।

आयोजन का स्वरूप और विषय-केंद्र

एक्सपो की केंद्रीय थीम 'लो कार्बन वर्ल्ड के लिए बायोएनर्जी समाधानों को आगे बढ़ाना' है। आयोजन में 25 से अधिक कॉन्फ्रेंस सेशन, 120 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता, 150 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल और 1,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा 15,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुकों के पहुँचने का अनुमान है।

पहले दिन उत्तर प्रदेश को केंद्र में रखकर विशेष सत्र आयोजित किए गए, जिनमें ई20 से आगे के उभरते अवसर, कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन और डिस्टिलरी से अधिकतम मूल्य प्राप्ति जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे।

मुख्यमंत्री योगी का प्रस्तावित उद्घाटन

12 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक्सपो के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्तावित कार्यक्रम है। दूसरे दिन सीईओ राउंडटेबल के साथ-साथ बायोमास, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल फ्यूल जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।

तीसरे और अंतिम दिन 13 अगस्त को छठे 'इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड्स' का आयोजन किया जाएगा, जो इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देगा।

किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

'भारतीय खेत: ग्रीन एनर्जी क्रांति और किसानों की आय को बढ़ावा' विषय पर एक विशेष सत्र भी आयोजित होगा। इसमें कृषि अवशेषों के ऊर्जा उपयोग, किसानों की अतिरिक्त आय, टिकाऊ फीडस्टॉक इकोसिस्टम और ग्रामीण रोजगार सृजन पर मंथन होगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और बड़े पैमाने पर उपलब्ध बायोमास संसाधन इसे देश का संभावित प्रमुख बायोएनर्जी हब बनाने की क्षमता रखते हैं।

उत्तर प्रदेश के लिए रणनीतिक महत्व

आयोजकों का मानना है कि यह एक्सपो निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और वैश्विक उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश की बायोएनर्जी संभावनाओं से सीधे जोड़ने का काम करेगा। इथेनॉल, CBG और अन्य जैव-ईंधन परियोजनाओं के विस्तार से कृषि अवशेषों की सप्लाई चेन मजबूत होने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

आगे क्या

यह तीन दिवसीय आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है — यह नीति संवाद, तकनीकी साझेदारी और उद्योग सहयोग के लिए एक दीर्घकालिक मंच के रूप में स्थापित होने की दिशा में काम कर रहा है। एक्सपो के निष्कर्ष और साझेदारियाँ भारत के नेट जीरो लक्ष्यों की दिशा में बायोएनर्जी क्षेत्र की नीति-निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि सम्मेलन-कक्ष की चर्चाएँ ज़मीन पर कितनी उतरती हैं। भारत में CBG और ग्रीन हाइड्रोजन की संभावनाओं पर वर्षों से मंथन हो रहा है, फिर भी उत्पादन लक्ष्यों से कार्यान्वयन की गति अक्सर पीछे रह जाती है। उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी हब बनाने की बात तब तक अधूरी है जब तक किसानों की सप्लाई चेन में भागीदारी सुनिश्चित न हो। इस एक्सपो की सफलता का मापदंड घोषणाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनसे निकलने वाली बाध्यकारी साझेदारियाँ और निवेश प्रतिबद्धताएँ होनी चाहिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026 क्या है?
यह 11 से 13 अगस्त 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक आयोजन है, जो भारत के बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश, तकनीक और नीति-संवाद को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया है। IFGE और UPNEDA इसके संयुक्त आयोजक हैं।
एक्सपो में कौन-कौन से प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी?
एक्सपो में ग्रीन हाइड्रोजन, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोमास, कार्बन मार्केट और ई20 से आगे के अवसरों पर 25 से अधिक सेशन होंगे। किसानों की आय और कृषि अवशेषों के ऊर्जा उपयोग पर भी विशेष सत्र है।
क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्सपो में शामिल होंगे?
12 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्तावित कार्यक्रम है। यह उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख बायोएनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की राज्य सरकार की मंशा को दर्शाता है।
इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड्स कब और किसे दिए जाएँगे?
एक्सपो के तीसरे और अंतिम दिन 13 अगस्त 2026 को छठे 'इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड्स' का आयोजन होगा। ये पुरस्कार बायोएनर्जी और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को दिए जाएँगे।
यह एक्सपो उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था और बड़े पैमाने पर उपलब्ध बायोमास संसाधन इसे बायोएनर्जी के लिए आदर्श राज्य बनाते हैं। एक्सपो के माध्यम से कृषि अवशेषों की सप्लाई चेन मजबूत होने, किसानों की अतिरिक्त आय और ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार अवसर बनने की संभावनाएँ जताई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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