बालोद में ट्रक ने खड़ी मिनी गाड़ी को रौंदा: 6 की मौत, 11 घायल; धुमाल मंडली के सदस्य थे सवार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर मरकटोला घाट के पास 25 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना में छह लोगों की जान चली गई और 11 अन्य घायल हो गए। गेहूं से लदे 16 पहियों वाले ट्रक ने खड़ी मिनी मालवाहक गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी, जिससे वह करीब 50 मीटर तक घिसटती हुई पलट गई।
दुर्घटना का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मिनी गाड़ी में कवर्धा (कबीरधाम) से जगदलपुर की ओर जा रही एक 'धुमाल' संगीत मंडली के सदस्य सवार थे। मरकटोला घाट के पास गाड़ी अचानक खराब हो गई और सड़क किनारे रुक गई। कुछ यात्री मैकेनिक की तलाश में वहाँ से निकल गए थे।
इसी दौरान रायपुर से जगदलपुर की ओर आ रहे ट्रक ने खड़ी गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृतकों और घायलों के शव गेहूं की बोरियों के नीचे दब गए। यह घटना पुरूर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई।
बचाव अभियान
भारी बारिश के बावजूद दो पुलिस थानों की संयुक्त टीमों ने स्थानीय निवासियों की मदद से तत्काल राहत कार्य शुरू किया। गेहूं की बोरियाँ और मलबा हटाकर फँसे पीड़ितों को बाहर निकाला गया।
घायलों को एम्बुलेंस से धामतरी जिला अस्पताल ले जाया गया। 11 घायलों में से सात की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया है।
मृतकों का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
बालोद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सभी मृतक कवर्धा के निवासी बताए जा रहे हैं।
ट्रक चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी सक्रिय रूप से तलाश कर रही है और मामला दर्ज कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री की संवेदनाएँ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा, 'बलोद जिले के मरकटोला घाट पर हुए भीषण सड़क हादसे में कई लोगों की असमय मृत्यु की खबर बेहद दुखद है। इस दिल दहला देने वाली घटना में अपनों को खोने वाले शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।'
साई ने यह भी कहा कि घायलों के उचित उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
आगे की स्थिति
यह घटना ऐसे समय में आई है जब छत्तीसगढ़ में मानसून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि दर्ज की जाती रही है। गौरतलब है कि मरकटोला जैसे घाट वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति नियंत्रण एक लंबे समय से चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। फरार ट्रक चालक की गिरफ्तारी और गंभीर घायलों के उपचार पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।