बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 ग्रेटर नोएडा में शुरू, 1,100 से अधिक कंपनियाँ; 75,000 विजिटर्स की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2026 का आठवाँ संस्करण 15 सितंबर 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। निर्माण और खनन उद्योग की इस प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में 1,100 से अधिक प्रदर्शक, निर्माण उपकरण, खनन मशीनरी, इंफ्रास्ट्रक्चर तकनीक और अत्याधुनिक मशीनों का प्रदर्शन कर रहे हैं। 18 सितंबर 2026 तक चलने वाला यह चार दिवसीय आयोजन 100 से अधिक देशों के 75,000 से अधिक विजिटर्स को आकर्षित करने की उम्मीद रखता है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह उद्योग, सरकार और राजनयिक जगत की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इनमें मेस्से मुएनचेन ग्रुप के सीईओ स्टीफन रुमेल, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह, भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली और जर्मनी के दूतावास के डिप्टी हेड ऑफ मिशन जॉर्ज एंजवाइलर शामिल रहे।
प्रदर्शनी का यह संस्करण पूरी तरह बुक हो चुका है और करीब 14.5 लाख वर्ग फुट के प्रदर्शनी क्षेत्र में उद्योग के दिग्गज अपनी नवीनतम तकनीक और उत्पाद पेश कर रहे हैं। 15 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से खरीदारों के प्रतिनिधिमंडल के पहुँचने की भी उम्मीद है।
बिहार सरकार स्टेट पार्टनर के रूप में शामिल
इस वर्ष बिहार सरकार पहली बार प्रदर्शनी में स्टेट पार्टनर के रूप में हिस्सा ले रही है। राज्य सरकार निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों को देश-विदेश के उपकरण निर्माताओं और निवेशकों के सामने प्रस्तुत कर रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार तेज़ी से अपने इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और औद्योगिक विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी इस प्रदर्शनी को एक राष्ट्रीय खरीद मंच का रूप देती है।
SDLG इंडिया के 10 नए उत्पाद लॉन्च
प्रदर्शनी के पहले दिन एसडीएलजी इंडिया ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और खनन क्षेत्रों के लिए डीजल और इलेक्ट्रिक कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की नई रेंज लॉन्च की। कंपनी ने कुल 10 नए उत्पाद पेश किए, जिनमें एडवांस्ड डीजल एक्सकेवेटर्स, इलेक्ट्रिक एक्सकेवेटर्स, व्हील लोडर्स और मोटर ग्रेडर शामिल हैं।
कंपनी के अनुसार, ये मशीनें भारतीय परिचालन परिस्थितियों और ऑपरेटरों की विशेष ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इलेक्ट्रिक विकल्पों की पेशकश यह दर्शाती है कि निर्माण उपकरण क्षेत्र भी धीरे-धीरे हरित तकनीक की ओर बढ़ रहा है।
बाज़ार के लिए क्या मायने रखती है यह प्रदर्शनी
मेस्से मुएनचेन के प्रेसिडेंट-IMEA और मेस्से मुएनचेन इंडिया के सीईओ भूपिंदर सिंह ने कहा कि प्रदर्शनी को मिल रही प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि भारतीय बाज़ार निवेश के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कंपनियाँ विकास और विस्तार की योजनाओं के साथ आई हैं, जबकि खरीदार अपनी आगामी परियोजनाओं की ज़रूरतों के अनुसार मशीनों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
प्रदर्शनी में मुख्य चर्चाओं में मशीन की उत्पादकता, ईंधन खपत, रखरखाव लागत, ऑपरेटर सुरक्षा, तकनीकी सहायता और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता जैसे व्यावहारिक पहलू केंद्र में हैं। खरीदार नई परियोजनाओं, फ्लीट विस्तार और पुराने उपकरणों को बदलने के लिए आकलन कर रहे हैं।
आगे क्या
प्रदर्शनी 18 सितंबर 2026 तक चलेगी। इन चार दिनों में सरकार, उद्योग और रिसर्च संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधि निर्माण और खनन क्षेत्र की भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह प्रदर्शनी भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रफ़्तार और इस क्षेत्र में वैश्विक निवेश की संभावनाओं को रेखांकित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।