वांग यी की फ्रांस और लातविया के विदेश मंत्रियों से फोन वार्ता, यूएन सुरक्षा परिषद और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 14 सितंबर 2026 को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट और लातविया की विदेश मंत्री बैबा ब्रेजे के साथ अलग-अलग फोन वार्ता की। इन बातचीतों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सहयोग, एक चीन नीति और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
चीन-फ्रांस वार्ता: मुख्य बिंदु
वांग यी ने बैरोट के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक नेतृत्व में चीन-फ्रांस संबंधों का सतत विकास जारी है। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा वैश्विक उथल-पुथल के दौर में यूएन सुरक्षा परिषद के दोनों स्थायी सदस्य देशों को रणनीतिक संपर्क को और गहरा करना होगा, ताकि साझा जोखिमों और चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके।
वांग यी ने यह भी कहा कि चीन इस माह सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता निभाने में फ्रांस का सक्रिय समर्थन करता है और आशा करता है कि फ्रांस परिषद की उचित भूमिका को बढ़ावा देगा। उन्होंने एक चीन की नीति को चीन-फ्रांस व्यापक रणनीतिक साझेदारी का राजनीतिक आधार बताया और स्पष्ट किया कि चीन का विकास यूरोपीय संघ के लिए चुनौती नहीं, बल्कि एक अवसर है।
वांग यी ने फ्रांस से अपेक्षा जताई कि वह रणनीतिक दूरदृष्टि के साथ व्यावहारिक और तर्कसंगत रुख अपनाते हुए यूरोप-चीन संबंधों की स्थिरता में सक्रिय भूमिका निभाए।
फ्रांस का रुख: रचनात्मक वार्ता पर बल
बैरोट ने वार्ता में कहा कि फ्रांस दृढ़ता से एक चीन की नीति पर कायम है। उन्होंने स्वीकार किया कि यूरोप-चीन आर्थिक संबंधों में चुनौतियाँ और समस्याएँ मौजूद हैं, लेकिन फ्रांस इनके समाधान के लिए रचनात्मक वार्ता को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम करेगा।
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब यूरोप और चीन के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों पर कई मोर्चों पर तनाव देखा जा रहा है। गौरतलब है कि फ्रांस यूरोपीय संघ में चीन-यूरोप संबंधों को संतुलित रखने में परंपरागत रूप से सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
चीन-लातविया वार्ता: संबंध विस्तार पर सहमति
इसी दिन वांग यी ने लातविया की विदेश मंत्री बैबा ब्रेजे के साथ भी फोन पर वार्ता की। ब्रेजे ने कहा कि वर्षों से लातविया और चीन के बीच व्यावहारिक सहयोग संबंध बेहतर रहे हैं और यूएन सुरक्षा परिषद समेत विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों ने मिलकर काम किया है। उन्होंने चीन के साथ संपर्क और आदान-प्रदान को और मजबूत करने की इच्छा जताई, ताकि द्विपक्षीय संबंधों का विकास हो सके।
वांग यी ने अपनी ओर से कहा कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से चीन और लातविया ने हमेशा एक-दूसरे के साथ समान व्यवहार और पारस्परिक सम्मान रखा है। चीन लातविया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाना चाहता है।
व्यापक संदर्भ: चीन की कूटनीतिक सक्रियता
यह ऐसे समय में आया है जब चीन कई यूरोपीय देशों के साथ कूटनीतिक संवाद को तेज़ कर रहा है। सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता के दौर में ऐसी वार्ताएँ चीन की बहुपक्षवाद में अपनी केंद्रीय भूमिका की छवि को पुख्ता करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रांस और लातविया दोनों से एक साथ उच्च-स्तरीय संपर्क इस बात का संकेत है कि बीजिंग यूरोप के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने में जुटा है।
आने वाले हफ्तों में यूएन महासभा की बैठकों और सुरक्षा परिषद की कार्यवाही में दोनों देशों के बीच सहयोग की असली परीक्षा होगी।