क्या वांग यी ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री से फोन पर बात की?
सारांश
Key Takeaways
- चीन और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक संबंधों का महत्व।
- अर्थव्यवस्था और संस्कृति में सहयोग का विस्तार।
- उज्बेकिस्तान का एक-चीन सिद्धांत का पालन।
- अंतर्राष्ट्रीय स्थिति के संदर्भ में रणनीतिक समन्वय की आवश्यकता।
- दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास का उच्च स्तर।
बीजिंग, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। चीन के विदेश मंत्री वांग यी, जो कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं, ने 16 जनवरी को उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के साथ फोन पर संवाद किया।
वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं का रणनीतिक मार्गदर्शन चीन और उज्बेकिस्तान के बीच सभी मौसमों के लिए एक समग्र रणनीतिक साझेदारी संबंध की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक गारंटी है। पिछले वर्ष, चीन-उज़्बेकिस्तान संबंधों के लिए एक और सफल वर्ष रहा, जिसमें अर्थव्यवस्था, व्यापार, संस्कृति, और स्थानीय मामलों में गहराई से सहयोग देखने को मिला।
वांग यी ने यह भी कहा कि 2026 की शुरुआत के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और भी अधिक अस्थिर हो गई है। उन्होंने जोर दिया कि चीन और उज्बेकिस्तान को अपने रणनीतिक समन्वय को मजबूत करना चाहिए, आपसी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए, और अपने मूल हितों की रक्षा में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए।
सैदोव ने कहा कि पिछले सितंबर में राष्ट्रपति शावकत मिरोमोनोविच मिर्ज़ियोयेव की चीन की सफल यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी। उन्होंने बताया कि उज्बेकिस्तान की विदेश नीति में चीन के साथ संबंध विकसित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उज्बेकिस्तान एक-चीन सिद्धांत का पालन करता है और चीन की संप्रभुता को कमजोर करने वाली किसी भी कार्रवाई का विरोध करता है। उज्बेकिस्तान ने उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की इच्छा व्यक्त की है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)