ऑस्ट्रेलियाई संसद ने तिब्बत के मानवाधिकारों के समर्थन में सर्वदलीय प्रस्ताव पारित किया

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ऑस्ट्रेलियाई संसद ने तिब्बत के मानवाधिकारों के समर्थन में सर्वदलीय प्रस्ताव पारित किया

सारांश

कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई संसद ने तिब्बत के मानवाधिकारों पर एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय प्रस्ताव पारित किया है। यह कदम चीन में तिब्बती संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • ऑस्ट्रेलियाई संसद ने तिब्बत के मानवाधिकारों पर सर्वदलीय प्रस्ताव पारित किया।
  • प्रस्ताव में दलाई लामा के योगदान की सराहना की गई।
  • चीनी सरकार की दमनकारी नीतियों पर चिंता जताई गई।
  • तिब्बती लोगों के मौलिक मानवाधिकारों की रक्षा का आह्वान किया गया।
  • अंतर-संसदीय गठबंधन (आईपीएसी) की भूमिका महत्वपूर्ण है।

कैनबरा, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तिब्बत के मानवाधिकार और सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा एक बार फिर वैश्विक मंच पर प्रमुखता से उभर रहा है। अंतर-संसदीय गठबंधन (आईपीएसी) की सह-अध्यक्ष, सीनेटर डेबोरा ओ'नील के नेतृत्व में, ऑस्ट्रेलिया ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संसद में तिब्बत पर एक सर्वदलीय प्रस्ताव पेश किया है।

इस पहल के साथ, ऑस्ट्रेलिया आईपीएसी नेटवर्क के भीतर पहला देश बन गया है, जिसने 2025 के आईपीएसी ब्रसेल्स शिखर सम्मेलन में तिब्बत पर समन्वित संसदीय कार्रवाई के निर्णय के बाद ऐसा प्रस्ताव पेश किया।

विभिन्न राजनीतिक दलों के सीनेटरों ने इस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया, जिससे ऑस्ट्रेलियाई सीनेट में तिब्बती मानवाधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के महत्व पर व्यापक सर्वदलीय सहमति दिखाई दी।

प्रस्ताव में कहा गया कि सीनेट दलाई लामा को उनके 90वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं देती है और मानवता की एकता, अहिंसा, मानवाधिकार, अंतरधार्मिक सद्भाव, पर्यावरण जागरूकता और लोकतंत्र को बढ़ावा देने में उनके आजीवन योगदान की सराहना करती है। इसमें यह भी दोहराया गया कि सरकारों को धार्मिक नेताओं के चयन में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जिसमें 14वें दलाई लामा का पुनर्जन्म भी शामिल है।

प्रस्ताव में तिब्बत में चीनी सरकार की 'दमनकारी नीतियों' पर गहरी चिंता व्यक्त की गई, जिनका उद्देश्य तिब्बती लोगों की विशिष्ट सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को समाप्त करना है। इन नीतियों में दलाई लामा के पुनर्जन्म से जुड़ी सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा में हस्तक्षेप करने की योजनाएं भी शामिल हैं। प्रस्ताव ने चीनी सरकार से तिब्बती लोगों के मौलिक मानवाधिकारों को मान्यता देने और बिना किसी पूर्व शर्त के दलाई लामा के साथ सार्थक संवाद प्रारंभ करने का आग्रह किया, ताकि तिब्बत में दीर्घकालिक शांति और स्वतंत्रता प्राप्त की जा सके।

पिछले महीने, प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने अपनी 2026 की विश्व रिपोर्ट में कहा कि 2025 में चीनी सरकार ने दमन को तेज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सरकार को वैचारिक समानता और उनके तथा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति निष्ठा लागू करने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि उइगर, तिब्बती और अन्य अलग पहचान वाले समुदाय, साथ ही गैर-आधिकारिक चर्चों के सदस्य, सबसे गंभीर दमन का सामना कर रहे हैं। इसमें यह भी कहा गया कि हांगकांग में भी दमन बढ़ा है।

ह्यूमन राइट्स वॉच की एशिया उप-निदेशक माया वांग ने कहा, “शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी सरकार का मानवाधिकार रिकॉर्ड लगातार खराब होता जा रहा है, और मौलिक स्वतंत्रता पर कार्रवाई बढ़ती जा रही है। विदेशी सरकारें इन खतरों का पर्याप्त रूप से विरोध करने के लिए तैयार नहीं दिखतीं।”

रिपोर्ट के अनुसार, शी जिनपिंग ने तिब्बत और शिनजियांग का दौरा मुख्य रूप से सरकार के कड़े नियंत्रण को प्रदर्शित करने के लिए किया। चीनी सरकार एक मसौदा कानून पारित करने की तैयारी में है, जो अल्पसंख्यकों के दमन को वैध ठहराने, वैचारिक नियंत्रण बढ़ाने और विदेशों में प्रभाव विस्तार में मदद करेगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हजारों उइगर अब भी चीन में अन्यायपूर्ण तरीके से कैद हैं। साथ ही, चीनी सरकार ने तिब्बत में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने के बाद दमन और बढ़ गया है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

तिब्बत के मानवाधिकारों पर प्रस्ताव का क्या महत्व है?
यह प्रस्ताव ऑस्ट्रेलियाई संसद द्वारा तिब्बती मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक स्तर पर तिब्बत की संस्कृति और पहचान की सुरक्षा को दर्शाता है।
आईपीएसी का क्या योगदान है?
आईपीएसी ने तिब्बत के मुद्दे को वैश्विक मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति और समर्थन बढ़ा है।
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