विदेशी विद्वानों की नजर में चीन के 'दो सत्रों' में अवसर और स्थिरता

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विदेशी विद्वानों की नजर में चीन के 'दो सत्रों' में अवसर और स्थिरता

सारांश

चीन के 'दो सत्रों' में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता और अवसरों का एक नया दौर देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना विश्व को सकारात्मक दिशा में ले जा सकती है।

Key Takeaways

  • चीन के 'दो सत्रों' ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है।
  • 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत नवाचार और विकास को प्राथमिकता दी गई है।
  • चीन के विकास मॉडल से अन्य देशों को सबक मिल रहा है।
  • चीन की अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
  • बांग्लादेश और चीन के बीच शैक्षिक सहयोग बढ़ने की संभावना है।

बीजिंग, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रत्येक वर्ष मार्च के प्रारंभ में चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित होने वाले एनपीसी और सीपीपीसीसी के वार्षिक सम्मेलन (जो कि 'दो सत्र' कहलाते हैं) सिर्फ चीन के राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में एक प्रमुख घटना नहीं हैं, बल्कि यह विश्व के लिए चीन को देखने और समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। 2026 के 'दो सत्रों' की कार्यसूची ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

हाल ही में, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के पत्रकारों के साथ विशेष चर्चा में विभिन्न देशों के अधिकारियों, विशेषज्ञों और मीडिया के जानकारों ने बताया कि वैश्विक परिवर्तन के इस दौर में, चीन एक बार फिर स्थिरता, शांतिपूर्ण विकास और विश्व को लाभ पहुँचाने का सकारात्मक संकेत दे रहा है। उनके अनुसार, '15वीं पंचवर्षीय योजना' के सफल कार्यान्वयन के साथ, चीन द्वारा वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार को और प्रोत्साहित करने, एक सशक्त घरेलू बाजार बनाने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करने के प्रयास वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिक निश्चितता और सहयोग के अवसर उत्पन्न करेंगे।

श्रीलंकाई कम्युनिस्ट पार्टी के अध्यक्ष वीरसुमाना वीरसिंघे ने चीन के 2025 विकास लक्ष्यों को हासिल करने की प्रशंसा करते हुए इसे जटिल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्थिति के बीच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार के वातावरण में चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक संघर्षों के बावजूद, चीनी अर्थव्यवस्था का लचीलापन और सुरक्षा सराहनीय है, जो '15वीं पंचवर्षीय योजना' की सफल शुरुआत के लिए एक ठोस आधार तैयार करती है।

वीरसिंघे ने आगे कहा कि चीन की विकासात्मक उपलब्धियों ने उसकी राजनीतिक प्रणाली की श्रेष्ठता को उजागर किया है, जिससे विकासशील देशों को अपने आधुनिकीकरण प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सबक मिलते हैं।

नेपाल के दूतावास की कार्यवाहक राजदूत रोशन खनाल ने कहा कि 'दो सत्रों' को पर्यवेक्षक के रूप में देखना उनके लिए एक विशेष अनुभव है। उनका ध्यान '15वीं पंचवर्षीय योजना' पर है, जिसमें नवाचार को बढ़ावा देने, आधुनिक औद्योगिक प्रणाली का निर्माण करने और उच्च स्तर की उदारीकरण के विस्तार पर जोर दिया गया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि चीन नवाचार-संचालित विकास में नई ऊँचाइयों को छुएगा।

पाकिस्तान के प्रसिद्ध राजनीतिक अर्थशास्त्री शकील रेमी ने बताया कि '15वीं पंचवर्षीय योजना' चीन के भविष्य के विकास की दिशा को निर्धारित करती है, जो चीन के आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। चीन की अर्थव्यवस्था, जो वैश्विक आर्थिक विकास में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान करती है, के नीतिगत निर्णयों का वैश्विक स्तर पर गहरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही, चीन की समाजवादी बाजार अर्थव्यवस्था प्रणाली में निरंतर सुधार होगा, जिससे विश्व को नवाचार और स्थिरता के साथ एक नया विकास पथ प्राप्त होगा।

बांग्लादेश के सरकारी अधिकारी और शिक्षा विद्वान एमडी सैफुल इस्लाम ने कहा कि उन्हें चीन के व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण में सुधार, डिजिटल शिक्षा के विकास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा आदान-प्रदान में रुचि है, और वह बांग्लादेश के साथ चीन के सहयोग को और गहरा करने की उम्मीद करते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Point of View

बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यधिक है। यह सम्मेलन स्थिरता, विकास और सहयोग के नए अवसर प्रदान करता है, जो सभी देशों के लिए लाभकारी हो सकता है।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

चीन के 'दो सत्रों' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
चीन के 'दो सत्रों' का मुख्य उद्देश्य नीतियों की रूपरेखा तैयार करना और आर्थिक विकास की दिशा निर्धारित करना है।
विदेशी विशेषज्ञ 'दो सत्रों' के बारे में क्या कहते हैं?
विदेशी विशेषज्ञ मानते हैं कि 'दो सत्रों' के दौरान चीन वैश्विक स्थिरता और विकास के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है।
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