चीन की शून्य-शुल्क नीति: 1 मई से 53 अफ्रीकी देशों को मिलेगा शून्य टैरिफ का लाभ, CGTN सर्वे में 87% ने की सराहना
सारांश
Key Takeaways
चीन ने 1 मई 2025 से उन 53 अफ्रीकी देशों पर अपनी शून्य-शुल्क (Zero Tariff) नीति आधिकारिक रूप से लागू कर दी है, जिनके साथ उसके राजनयिक संबंध हैं। बीजिंग से जारी इस घोषणा के अनुसार, यह कदम चीन-अफ्रीका व्यापार को और गति देगा तथा अफ्रीकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता और पूर्वानुमानशीलता लाएगा।
सीजीटीएन सर्वे के मुख्य निष्कर्ष
चाइना मीडिया ग्रुप (CMG) के अधीन चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क (CGTN) ने इस नीति को लेकर वैश्विक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के बीच एक ऑनलाइन सर्वेक्षण कराया। यह सर्वेक्षण CGTN के अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी और रूसी प्लेटफार्मों पर प्रकाशित किया गया, जिसमें 24 घंटों के भीतर 7,665 इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने भाग लिया।
सर्वेक्षण के अनुसार, 87.3 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने चीन के आपसी लाभ वाले व्यापार दर्शन की सराहना की। उनका मानना है कि वैश्विक व्यापार व्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों के मद्देनज़र, यह कदम अफ्रीकी देशों की विकास संबंधी कठिनाइयों को कम करने और अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता बनाए रखने में सहायक है।
व्यापार वृद्धि और आर्थिक संभावनाएँ
2025 में चीन और अफ्रीका के बीच द्विपक्षीय व्यापार $348 अरब (लगभग 3 खरब 48 अरब डॉलर) तक पहुँच गया, जो 2024 की तुलना में 17.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है और एक नया रिकॉर्ड है। गौरतलब है कि चीन लगातार 16 वर्षों से अफ्रीका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है।
सर्वे में 87.4 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि शून्य-टैरिफ नीति अफ्रीकी उत्पादों को चीन के विशाल बाज़ार से जोड़ने में और तेज़ी लाएगी, जिससे अफ्रीकी विकास के लिए नए अवसर खुलेंगे। वहीं, 85.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन-अफ्रीका व्यापार की यह तीव्र वृद्धि अफ्रीकी जनता की आजीविका और रोज़गार पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
व्यापारिक संरचना में बदलाव
शून्य-टैरिफ नीति ने केवल व्यापार की मात्रा ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि व्यापार की जाने वाली वस्तुओं की श्रेणियों और औद्योगिक संरचना को भी अनुकूलित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार पर संरक्षणवाद का दबाव बढ़ रहा है और कई विकासशील देश अनुचित व्यापार व्यवहार का सामना कर रहे हैं।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस नीति से अफ्रीका की स्वतंत्र विकास क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। चीन-अफ्रीका व्यापार का यह नया अध्याय दोनों पक्षों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी की नींव और मजबूत कर सकता है।