अमेरिका में नकली पासपोर्ट फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़: दो दोषियों को 10 और 7.5 साल की जेल, 2,500 से अधिक पीड़ित
सारांश
Key Takeaways
अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस (DSS) की वर्षों लंबी जांच के बाद वॉशिंगटन में नकली अमेरिकी पासपोर्ट कार्ड और फर्जी पहचान के जरिए कई राज्यों में संचालित एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। इस मामले में दो मुख्य दोषियों को क्रमशः 120 महीने और 90 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। जांचकर्ताओं के अनुसार, इस नेटवर्क से 80 लाख डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी हुई और करीब 2,500 लोग प्रभावित हुए।
मामले की शुरुआत: टेक्सास में ट्रैफिक चेकिंग से खुला राज़
डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस के अनुसार, इस मामले का खुलासा टेक्सास में एक सामान्य ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हुआ। पुलिस ने एक वाहन को रोका, जिसे ब्रुकलिन (न्यूयॉर्क) निवासी 32 वर्षीय सिएरा जूलिएथ ब्लास चला रही थी और जिसमें न्यूयॉर्क की 41 वर्षीय केली जोसेक भी मौजूद थी। तलाशी के दौरान पुलिस को सात नकली अमेरिकी पासपोर्ट कार्ड और बैंक कार्ड बरामद हुए, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में पहचान चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि DSS हाल के वर्षों में ऐसे संगठित नेटवर्क के खिलाफ अपने अभियान तेज कर रही है।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने 80 से अधिक लोगों की चोरी की गई पहचान और 12 व्यक्तियों की पासपोर्ट जैसी तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन नकली दस्तावेजों के जरिए पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकाले गए, ट्रांसफर किए गए और बैंकिंग लेनदेन के माध्यम से व्यापक धोखाधड़ी की गई।
DSS के अनुसार, पीड़ितों को सीधे तौर पर 13 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि नेटवर्क के कुल फ्रॉड का आँकड़ा 80 लाख डॉलर से ऊपर रहा। इस धोखाधड़ी में पहचान की चोरी, बैंक फ्रॉड, वायर फ्रॉड और नकली पासपोर्ट रखने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
ब्लास की गिरफ्तारी: फरार होकर भी नहीं बच सकी
सिएरा जूलिएथ ब्लास को 2022 में पहली बार गिरफ्तार किया गया था, लेकिन वह जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर फरार हो गई। इसके बाद जांच एजेंसियों ने वित्तीय ट्रैकिंग और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे ह्यूस्टन में एक फर्जी पहचान से किराए पर लिए गए घर से पकड़ा।
जनवरी 2025 में अमेरिकी मार्शल सर्विस की सहायता से उसे गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से नकली अमेरिकी ट्रेजरी चेक, फर्जी पासपोर्ट कार्ड, हथियार और फर्जी पहचान बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए।
सज़ा और आरोप
सिएरा जूलिएथ ब्लास को 7 अप्रैल 2026 को 10 साल (120 महीने) की जेल की सजा सुनाई गई। वहीं, केली जोसेक को जनवरी 2026 में 90 महीने की सजा दी गई। दोनों के खिलाफ 33 अतिरिक्त आरोप तय किए गए, जिनमें पहचान की चोरी, बैंक फ्रॉड, वायर फ्रॉड और नकली पासपोर्ट रखना शामिल हैं।
डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस की भूमिका
डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस अमेरिकी विदेश विभाग की वह विशेष एजेंसी है जो पासपोर्ट और वीजा धोखाधड़ी की जांच करती है तथा अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि संगठित पहचान-चोरी नेटवर्क किस तरह अमेरिकी वित्तीय प्रणाली को निशाना बनाते हैं। आने वाले समय में DSS ऐसे नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई और तेज करने का संकेत दे चुकी है।