27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी नागरिक ने फर्जी पासपोर्ट के जरिए भागने की कोशिश की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई एयरपोर्ट पर बांग्लादेशी नागरिक ने फर्जी पासपोर्ट के जरिए भागने की कोशिश की

सारांश

मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक बांग्लादेशी नागरिक को फर्जी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार किया। जानिए इस मामले के पीछे का सच और जालसाजी का नेटवर्क।

मुख्य बातें

फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके विदेश भागने का मामला आरोपी ने २०१२ में अवैध प्रवेश किया अधिकारी ने दस्तावेजों में विसंगति पकड़ी संभावित संगठित गिरोह का संज्ञान

मुंबई, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी भारतीय पासपोर्ट के माध्यम से विदेश भागने की कोशिश की।

पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार तड़के लगभग ४:१५ बजे हुई, जब इमिग्रेशन अधिकारी गणेश गवली ड्यूटी पर थे। इसी दौरान एक यात्री जांच के लिए काउंटर पर पहुंचा। शुरू में उसके दस्तावेज सामान्य लगे, लेकिन गहन जांच में अधिकारियों को कुछ गड़बड़ी का एहसास हुआ। उस यात्री के पास एक भारतीय पासपोर्ट था, जिसमें कोलकाता का पता था, लेकिन उसके मोबाइल नंबर में बांग्लादेश का कंट्री कोड था। इस विसंगति के चलते अधिकारियों ने संदेह किया और उसे तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों के पास ले जाया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी असली पहचान उजागर की। उसने बताया कि उसका नाम सुकांता मल्लीक (३९) है और वह बांग्लादेश के गोपालगंज जिले का निवासी है। उसने स्वीकार किया कि वह २०१२ में अवैध तरीके से भारत में आया था और २०२२ में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। इसके अलावा, उसने पैन कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे कई सरकारी दस्तावेज भी जालसाजी से प्राप्त किए।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फ्लाइट नंबर टीसी-४०१ से कांगो के डार सिटी जाने की योजना बना रहा था। वह फर्जी भारतीय पहचान के जरिए विदेश में बसने की कोशिश कर रहा था। इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसके पास से भारतीय पासपोर्ट, बोर्डिंग पास, पैन कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बांग्लादेश का जन्म प्रमाण पत्र, उसकी मां का पासपोर्ट और मोबाइल फोन सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि इस मामले में आरोपी अकेला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को भारत में बसाने और विदेश भेजने का काम करता है। आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए सहार पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध रूप से भारत में रहने के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक संगठित गिरोह की ओर भी इशारा करता है। ऐसे मामलों की गहराई से जांच आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या आरोपी बांग्लादेशी नागरिक ने फर्जी पासपोर्ट कैसे बनाया?
आरोपी ने २०१२ में अवैध रूप से भारत में दाखिल होकर २०२२ में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया।
इस मामले में अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की?
इमिग्रेशन अधिकारियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए और उसे सहार पुलिस को सौंप दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले