मुंबई में हवाला और नकली पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश, आरोपी को गिरफ्तार किया गया
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई में हवाला रैकेट का भंडाफोड़
- फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करने वाला आरोपी गिरफ्तार
- पुलिस ने ₹12,47,650 नकद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए
- आतंकवादी फंडिंग के संदिग्ध लेनदेन में शामिल
- पुलिस की कार्रवाई से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कुरार थाना क्षेत्र में पुलिस ने तीन स्थानों पर छापेमारी कर हवाला रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर आतंकवाद-विरोधी शाखा और विशेष शाखा की तीन टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर दो आवासीय परिसरों और एक कार्यालय पर एक साथ कार्रवाई की।
आरोपी की पहचान मोहम्मद इस्लाम इस्माइल खान (48) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसने जाली पासपोर्ट दस्तावेजों पर सलीम रहमतुल्लाह शेख नाम से भी फर्जी पहचान का उपयोग किया था।
कुरार पुलिस स्टेशन में मोहम्मद इस्लाम इस्माइल खान उर्फ़ सलीम रहमतुल्लाह शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप है कि उसने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर हवाला नेटवर्क चलाया और संदिग्ध आतंकी फंडिंग सहित अवैध वित्तीय गतिविधियों में शामिल रहा। पुलिस ने हेड कांस्टेबल की शिकायत पर केस दर्ज किया है।
विशेष शाखा को मिली गोपनीय सूचना के अनुसार, आरोपी ने फर्जी पहचान के तहत फर्जी पासपोर्ट प्राप्त किया और भारत और कुवैत के बीच अक्सर यात्रा करता था। आरोप है कि वह हवाला लेनदेन और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल था, जिनमें आतंकवाद के लिए संदिग्ध वित्तपोषण भी शामिल है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने सलीम रहमतुल्लाह शेख के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाने और उस दस्तावेज़ का उपयोग करके कुवैत की यात्रा करने की बात स्वीकार की।
तलाशी के दौरान पुलिस ने एक फर्जी भारतीय पासपोर्ट, ₹12,47,650 नकद और लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल फोन सहित ₹1.60 लाख मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य लगभग ₹14,07,650 आंका गया है।
इससे पहले मार्च में, पुलिस और आतंकवाद-विरोधी प्रकोष्ठ द्वारा चलाए गए एक अभियान में वाकोला क्षेत्र से दो युगांडा की महिलाओं को वैध दस्तावेजों के बिना भारत में रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान नाकायंडो रोज (37) और केमिगिसा प्रोस्कोविया (26) के रूप में हुई थी। पुलिस के अनुसार, ये दोनों पिछले कुछ वर्षों से मुंबई के कलिना क्षेत्र में रह रही थीं, लेकिन उनके पास देश में रहने के लिए वैध वीजा या कानूनी दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने के लिए इलाके में छापेमारी की।
इससे पहले, फरवरी में मुंबई पुलिस ने आतंकवाद विरोधी प्रकोष्ठ (एटीसी) के समन्वय से शहर में रह रहे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी और सत्यापन और निर्वासन अभियान के तहत पिछले सप्ताह 30 से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लिया था।