फर्जी पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र से हथियार लाइसेंस नवीनीकरण, मुंबई में 36 वर्षीय गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने 30 मई 2026 को फैज इरफान आदेनवाला (उम्र 36 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक फर्जी पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र के ज़रिए नागालैंड से जारी अपने हथियार लाइसेंस का नवीनीकरण कराया और मुंबई पुलिस से अपने हथियारों की जानकारी जानबूझकर छिपाई। बांद्रा की अदालत ने आरोपी को 2 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
मुख्य आरोप
जाँच अधिकारियों के अनुसार, आदेनवाला ने नागालैंड से जारी अपने हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर एक जाली पुलिस सत्यापन दस्तावेज प्रस्तुत किया। इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर उसने लाइसेंस नवीनीकृत करा लिया और उस लाइसेंस पर एक बंदूक अपने पास रखी।
इसके अलावा, हथियार अधिनियम के तहत लाइसेंस धारक को अपने हथियारों और उनसे संबंधित विवरण संबंधित पुलिस अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सूचित करना होता है। आरोपी ने इस कानूनी दायित्व का पालन नहीं किया, जिससे मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ गई।
एफआईआर और गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होने और प्रारंभिक जाँच पूरी होने के बाद मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। जाँच अधिकारियों ने बताया कि एकत्र किए गए साक्ष्य और दस्तावेज़ आरोपी की सीधी संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर बांद्रा की अदालत में पेश किया गया।
अदालती कार्यवाही
मामले की गंभीरता और आगे की जाँच की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने फैज इरफान आदेनवाला को 2 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया। पुलिस हिरासत में पूछताछ के ज़रिए जाँचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि फर्जी दस्तावेज़ किसने और कैसे तैयार किए।
आगे की जाँच
फिलहाल खार पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। जाँचकर्ताओं का मुख्य फोकस यह स्थापित करना है कि जाली सत्यापन प्रमाण पत्र की आपूर्ति श्रृंखला में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल है या नहीं। गौरतलब है कि अलग-अलग राज्यों से जारी हथियार लाइसेंसों के दुरुपयोग के मामले हाल के वर्षों में महानगरों में चिंता का विषय बने हैं। जाँच के नतीजे आने के बाद आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा।