'कर्नाटक केसरी' जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
गोवा मुक्ति आंदोलन के अग्रणी सेनानी और 'कर्नाटक केसरी' के नाम से विख्यात जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि पर 15 जुलाई 2026 को देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके योगदान को याद किया।
राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोशी को 'महान नेता, असाधारण संगठनकर्ता और राष्ट्रीय एकता के अथक पैरोकार' बताया। उन्होंने कहा, 'राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा गोवा मुक्ति आंदोलन में उनकी भूमिका से झलकती थी, जबकि छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ उनके निडर रुख में एक न्यायपूर्ण और समरस समाज का उनका दृष्टिकोण निहित था।' सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि जोशी की सादगी, तीक्ष्ण बुद्धि और मातृभूमि के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
अमित शाह और जेपी नड्डा का संदेश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जोशी को 'देशभक्त कर्मयोगी' कहते हुए स्मरण किया। शाह ने लिखा कि जोशी ने गोवा में 'परमिट राज' को समाप्त करने के लिए 'अमानवीय अत्याचार सहे' और देशभर में भाजपा के आदर्शों व संगठन के विस्तार में उनकी राजनीतिक सूझबूझ युवा नेताओं को प्रेरित करती रहेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता और गोवा मुक्ति आंदोलन के अग्रणी नेतृत्वकर्ता के रूप में नमन किया। नड्डा ने कहा कि गोवा में भारतीयों के प्रवेश पर लागू परमिट व्यवस्था को समाप्त कराने में जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही और गोवा को भारत का अभिन्न अंग बनाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय है।
भाजपा अध्यक्ष और कर्नाटक इकाई की प्रतिक्रिया
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जोशी को 'प्रखर राष्ट्रवादी विचारक' और 'गोवा मुक्ति संग्राम के अग्रणी सेनानी' बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जोशी ने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए भारतीय जनसंघ के विस्तार को नई दिशा दी और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प की प्रेरणा दी।
कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जोशी को जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया। येदियुरप्पा ने लिखा कि संगठन और राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा आज भी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत है।
जगन्नाथ राव जोशी: एक संक्षिप्त परिचय
जगन्नाथ राव जोशी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और गोवा मुक्ति आंदोलन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। उन्होंने गोवा में तत्कालीन पुर्तगाली शासन के दौरान लागू 'परमिट राज' के विरुद्ध संघर्ष किया, जिसके तहत भारतीयों को गोवा में प्रवेश के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी। छुआछूत उन्मूलन और सामाजिक समरसता के लिए उनका जीवनभर का संघर्ष उन्हें एक बहुआयामी नेता के रूप में स्थापित करता है। गौरतलब है कि 'कर्नाटक केसरी' की उपाधि उनके कर्नाटक में संगठन निर्माण और राष्ट्रवादी कार्यों की पहचान के रूप में दी गई थी।
राजनीतिक विरासत और प्रासंगिकता
यह श्रद्धांजलि ऐसे समय में आई है जब भाजपा कर्नाटक में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के प्रयासों में जुटी है। जोशी जैसे नेताओं की विरासत को सामने रखना पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है जो दक्षिण भारत में अपनी वैचारिक जड़ों को रेखांकित करती है। आने वाले समय में पार्टी उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर इस विरासत को और व्यापक रूप देने की योजना रखती है।