15 जुलाई 2026
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'कर्नाटक केसरी' जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी श्रद्धांजलि

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'कर्नाटक केसरी' जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह, अमित शाह और जेपी नड्डा ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

'कर्नाटक केसरी' जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने उन्हें याद किया — गोवा मुक्ति संग्राम के इस अग्रणी सेनानी और जनसंघ के संस्थापक सदस्य की विरासत आज भी पार्टी की वैचारिक नींव का हिस्सा है।

मुख्य बातें

15 जुलाई को 'कर्नाटक केसरी' जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि पर शीर्ष भाजपा नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें 'महान नेता, असाधारण संगठनकर्ता और राष्ट्रीय एकता के अथक पैरोकार' बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जोशी ने गोवा में 'परमिट राज' समाप्त करने के लिए अमानवीय अत्याचार सहे।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने गोवा को भारत का अभिन्न अंग बनाने में उनके योगदान को 'सदैव स्मरणीय' कहा।
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने एक्स पर उन्हें भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया।

गोवा मुक्ति आंदोलन के अग्रणी सेनानी और 'कर्नाटक केसरी' के नाम से विख्यात जगन्नाथ राव जोशी की पुण्यतिथि पर 15 जुलाई 2026 को देश के शीर्ष नेताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके योगदान को याद किया।

राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जोशी को 'महान नेता, असाधारण संगठनकर्ता और राष्ट्रीय एकता के अथक पैरोकार' बताया। उन्होंने कहा, 'राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा गोवा मुक्ति आंदोलन में उनकी भूमिका से झलकती थी, जबकि छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ उनके निडर रुख में एक न्यायपूर्ण और समरस समाज का उनका दृष्टिकोण निहित था।' सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि जोशी की सादगी, तीक्ष्ण बुद्धि और मातृभूमि के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

अमित शाह और जेपी नड्डा का संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जोशी को 'देशभक्त कर्मयोगी' कहते हुए स्मरण किया। शाह ने लिखा कि जोशी ने गोवा में 'परमिट राज' को समाप्त करने के लिए 'अमानवीय अत्याचार सहे' और देशभर में भाजपा के आदर्शों व संगठन के विस्तार में उनकी राजनीतिक सूझबूझ युवा नेताओं को प्रेरित करती रहेगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता और गोवा मुक्ति आंदोलन के अग्रणी नेतृत्वकर्ता के रूप में नमन किया। नड्डा ने कहा कि गोवा में भारतीयों के प्रवेश पर लागू परमिट व्यवस्था को समाप्त कराने में जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही और गोवा को भारत का अभिन्न अंग बनाने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय है।

भाजपा अध्यक्ष और कर्नाटक इकाई की प्रतिक्रिया

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जोशी को 'प्रखर राष्ट्रवादी विचारक' और 'गोवा मुक्ति संग्राम के अग्रणी सेनानी' बताते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जोशी ने विदेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए भारतीय जनसंघ के विस्तार को नई दिशा दी और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प की प्रेरणा दी।

कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जोशी को जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बताया। येदियुरप्पा ने लिखा कि संगठन और राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा आज भी पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत है।

जगन्नाथ राव जोशी: एक संक्षिप्त परिचय

जगन्नाथ राव जोशी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और गोवा मुक्ति आंदोलन में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। उन्होंने गोवा में तत्कालीन पुर्तगाली शासन के दौरान लागू 'परमिट राज' के विरुद्ध संघर्ष किया, जिसके तहत भारतीयों को गोवा में प्रवेश के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी। छुआछूत उन्मूलन और सामाजिक समरसता के लिए उनका जीवनभर का संघर्ष उन्हें एक बहुआयामी नेता के रूप में स्थापित करता है। गौरतलब है कि 'कर्नाटक केसरी' की उपाधि उनके कर्नाटक में संगठन निर्माण और राष्ट्रवादी कार्यों की पहचान के रूप में दी गई थी।

राजनीतिक विरासत और प्रासंगिकता

यह श्रद्धांजलि ऐसे समय में आई है जब भाजपा कर्नाटक में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के प्रयासों में जुटी है। जोशी जैसे नेताओं की विरासत को सामने रखना पार्टी की उस रणनीति का हिस्सा है जो दक्षिण भारत में अपनी वैचारिक जड़ों को रेखांकित करती है। आने वाले समय में पार्टी उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर इस विरासत को और व्यापक रूप देने की योजना रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ भाजपा विपक्ष में है। गोवा मुक्ति संग्राम की विरासत को भाजपा के राष्ट्रवादी आख्यान से जोड़ना दक्षिण भारत में पार्टी की पहचान के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालाँकि, यह भी उल्लेखनीय है कि जनसंघ-युग के इन नेताओं की व्यापक सामाजिक विरासत — विशेषकर छुआछूत-विरोधी कार्य — को मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर कम जगह मिलती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ राव जोशी कौन थे?
जगन्नाथ राव जोशी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक और गोवा मुक्ति आंदोलन के प्रमुख नेता थे। 'कर्नाटक केसरी' की उपाधि से विभूषित जोशी ने छुआछूत उन्मूलन और सामाजिक समरसता के लिए भी जीवनभर संघर्ष किया।
गोवा मुक्ति आंदोलन में जगन्नाथ राव जोशी की क्या भूमिका थी?
जोशी ने गोवा में पुर्तगाली शासन के दौरान लागू 'परमिट राज' — जिसके तहत भारतीयों को गोवा प्रवेश के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी — को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमित शाह के अनुसार, उन्होंने इस संघर्ष में अमानवीय अत्याचार सहे।
15 जुलाई को जोशी की पुण्यतिथि पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने 15 जुलाई को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
'कर्नाटक केसरी' की उपाधि क्यों दी गई थी?
'कर्नाटक केसरी' की उपाधि जगन्नाथ राव जोशी को कर्नाटक में उनके संगठन निर्माण, राष्ट्रवादी कार्यों और जनसंघ के विस्तार में दिए गए योगदान की पहचान स्वरूप दी गई थी।
भाजपा के लिए जोशी की विरासत क्यों महत्वपूर्ण है?
जोशी भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से थे, जो आगे चलकर भाजपा बनी। उनकी राष्ट्रवादी विचारधारा, संगठन कौशल और सामाजिक समरसता का संदेश पार्टी की वैचारिक नींव का हिस्सा माना जाता है, विशेषकर कर्नाटक और दक्षिण भारत में।
राष्ट्र प्रेस
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