अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर बीएपीएस ने देशभर के मंदिरों को तिरंगी रोशनी से सजाया
सारांश
मुख्य बातें
बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) ने 15 जुलाई 2026 को अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के अवसर पर पूरे देश में उत्सव मनाया। संस्था के मंदिरों को लाल, सफेद और नीले रंग की रोशनी से सजाया गया और झंडा फहराने के समारोहों, सामुदायिक सभाओं तथा सेवा कार्यों के ज़रिए इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाया गया। यह आयोजन भारतीय-अमेरिकी समुदाय की अमेरिकी लोकतंत्र के प्रति गहरी आस्था और एकजुटता का प्रतीक बना।
मुख्य आयोजन और स्थान
रॉबिन्सविले, न्यू जर्सी स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम में पूर्व सैनिकों और समुदाय के सदस्यों ने मिलकर झंडा फहराने के समारोह में भाग लिया। भक्तों और परिवारों ने आभार और एकता का प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी ध्वज लहराए।
लॉस एंजिल्स में बीएपीएस मंदिर ने स्थानीय पूर्व सैनिकों के साथ ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया और व्यापक समुदाय के लिए अपने द्वार खोले, ताकि अपनी सांस्कृतिक विरासत, मूल्यों और सेवा-भावना को साझा किया जा सके। ह्यूस्टन में शुगर लैंड, मिसौरी सिटी, पियरलैंड और स्टैफोर्ड के मेयर इस उत्सव में सम्मिलित हुए, जहाँ मंदिर को तिरंगी रोशनी से सजाया गया और अमेरिकी राष्ट्रगान की धुन बजाई गई।
जनप्रतिनिधियों की भागीदारी
लॉस एंजिल्स में स्टेट रिप्रेजेंटेटिव ब्रायन लोरेन्ज ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा, "यह जश्न उन बुनियादी आदर्शों और स्थायी मूल्यों पर विचार करने का एक सार्थक मौका देता है जिन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका को आकार दिया है।" स्थानीय नेताओं, पूर्व सैनिकों, धार्मिक प्रतिनिधियों, गैर-लाभकारी संस्थाओं के सहयोगियों और निवासियों की इस सामूहिक उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्त्व दिया।
महंत स्वामी महाराज का संदेश
बीएपीएस के आध्यात्मिक प्रमुख महंत स्वामी महाराज ने अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर एक विशेष पत्र के माध्यम से देश के लिए प्रार्थना की। पत्र में उल्लेख किया गया कि अमेरिका की स्वतंत्रता और अवसरों ने समुदाय को इस देश की कहानी का हिस्सा बनने का सौभाग्य दिया है, और साथ ही देश की सेवा करने, उसे सुदृढ़ बनाने तथा आगे ले जाने की साझा ज़िम्मेदारी भी सौंपी है।
सेवा और सामुदायिक योगदान
बीएपीएस चैरिटीज़ ने इस वर्ष अपने वार्षिक 'वॉक-रन' आयोजनों में 'अमेरिका250' की थीम को शामिल किया। पूरे उत्तरी अमेरिका में हज़ारों प्रतिभागियों ने स्थानीय धर्मार्थ कार्यों के समर्थन में इसमें हिस्सा लिया। इन आयोजनों से स्वास्थ्य, शिक्षा, मानवीय राहत, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले सैकड़ों संगठनों को सहायता प्राप्त हुई। गौरतलब है कि कई कार्यक्रम धार्मिक स्वतंत्रता, विविधता और सामुदायिक सेवा के विषयों पर केंद्रित रहे, जो अमेरिकी लोकतंत्र के मूल आदर्शों से सीधे जुड़ते हैं।
आगे की दिशा
बीएपीएस ने स्पष्ट किया कि उनका यह सफर अमेरिका के उस व्यापक अनुभव को दर्शाता है जो हिम्मत, सेवा, अवसर और अपनेपन की भावना से निर्मित है। यह 250वाँ वर्षगांठ समारोह भारतीय-अमेरिकी समुदाय की अमेरिकी मुख्यधारा में गहरी जड़ें जमाने की यात्रा का एक और मील का पत्थर बन गया है।