अल्जाइमर की नई दवा डिरानर्सेन ने याददाश्त गिरावट 50% तक धीमी की, CELIA ट्रायल के नतीजे उत्साहजनक
सारांश
मुख्य बातें
अल्जाइमर रोग के शुरुआती चरण में जी रहे मरीजों के लिए डिरानर्सेन नामक परीक्षणाधीन दवा के क्लीनिकल ट्रायल ने नई उम्मीद जगाई है। CELIA नामक वैश्विक अध्ययन के नतीजों के अनुसार, यह दवा संज्ञानात्मक गिरावट — यानी याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता में कमी — की रफ्तार को 26% से 50% तक धीमा कर सकती है। साथ ही, इसने अल्जाइमर से जुड़े टाउ प्रोटीन के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की है।
CELIA अध्ययन: क्या रहे नतीजे
CELIA अध्ययन में शुरुआती चरण के अल्जाइमर से पीड़ित 416 मरीजों को शामिल किया गया। 18 महीने तक चले इस परीक्षण में दवा की विभिन्न खुराकों का मूल्यांकन किया गया। शोध के अनुसार, 60 मिलीग्राम की खुराक लेने वाले मरीजों में सबसे बेहतर परिणाम सामने आए — प्लेसीबो समूह की तुलना में बीमारी के बढ़ने की गति अलग-अलग जाँचों में 26% से 50% तक कम रही।
टाउ प्रोटीन पर असर: एक अहम सफलता
अल्जाइमर रोग में टाउ प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाने और बीमारी को आगे बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है। डिरानर्सेन को इसी प्रोटीन के निर्माण की प्रक्रिया को बाधित करने के लिए विकसित किया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि दवा ने मरीजों के मस्तिष्कमेरु द्रव (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड) में कुल टाउ प्रोटीन के स्तर को 50% से 65% तक घटा दिया। गौरतलब है कि टाउ प्रोटीन को लक्षित करने वाली किसी दवा के परीक्षण में पहली बार PET स्कैन के ज़रिए मस्तिष्क में टाउ से जुड़े बदलावों में भी कमी देखी गई — जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पड़ाव है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स (UCLH) की न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर के अनुसार, CELIA अध्ययन के परिणाम यह संकेत देते हैं कि टाउ प्रोटीन के स्तर को कम करने से मरीजों को वास्तविक चिकित्सीय लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि डिरानर्सेन से प्राप्त निष्कर्ष अल्जाइमर उपचार के क्षेत्र में अब तक के सबसे उत्साहजनक परिणामों में शामिल हैं, और इसी आधार पर दवा को बड़े स्तर के तीसरे चरण के ट्रायल की ओर ले जाया जा रहा है।
सुरक्षा प्रोफाइल और मरीजों की प्रतिक्रिया
अध्ययन में दवा की सुरक्षा प्रोफाइल संतोषजनक रही। अधिकांश मरीजों में दुष्प्रभाव हल्के या मध्यम स्तर के रहे। उल्लेखनीय यह है कि अध्ययन पूरा करने वाले 90% से अधिक मरीजों ने आगे के दीर्घकालिक ट्रायल में भाग लेने की इच्छा जताई — जो दवा की स्वीकार्यता का सकारात्मक संकेत है।
आगे क्या होगा
डिरानर्सेन अभी परीक्षण के चरण में है और इसके तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी की जा रही है। यह परीक्षण अधिक बड़े और विविध मरीज समूह पर होगा, जिससे दवा की प्रभावशीलता और सुरक्षा की पुष्टि हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में अल्जाइमर के मरीजों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और प्रभावी उपचार की माँग अत्यंत गंभीर बनी हुई है।