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जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: पुरी में 30 पार्किंग जोन, CCTV और LED डिस्प्ले से ओडिशा पुलिस का मेगा ट्रैफिक प्लान

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जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: पुरी में 30 पार्किंग जोन, CCTV और LED डिस्प्ले से ओडिशा पुलिस का मेगा ट्रैफिक प्लान

सारांश

जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई से शुरू हो रही है और ओडिशा पुलिस ने इस बार तकनीक को केंद्र में रखकर तैयारी की है — 30 पार्किंग जोन, CCTV, LED बोर्ड और एनिमेशन फिल्मों से लाखों श्रद्धालुओं को रियल-टाइम मार्गदर्शन देने की योजना है।

मुख्य बातें

जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 का आगाज 16 जुलाई को पुरी, ओडिशा में होगा।
ओडिशा पुलिस ने पुरी में 30 पार्किंग जोन बनाए हैं — 4 दो-पहिया और 22 चार-पहिया वाहनों के लिए।
CCTV कैमरे , LED डिस्प्ले बोर्ड , सोशल मीडिया , मोबाइल ऐप और एनिमेशन फिल्मों से श्रद्धालुओं को रियल-टाइम जानकारी दी जाएगी।
यातायात निगरानी की जिम्मेदारी डीआईजी विशाल सिंह और ट्रैफिक प्रबंधन की जिम्मेदारी परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर को सौंपी गई है।
भुवनेश्वर पुलिस कमिश्नरेट के LED बोर्डों का भी यातायात सूचना प्रसारण में उपयोग होगा।
एडीजी सोमेंद्र प्रियदर्शी ने श्रद्धालुओं से पुलिस एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई 2025 से आरंभ हो रही है, और लाखों श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ को देखते हुए ओडिशा पुलिस ने एक व्यापक यातायात प्रबंधन योजना तैयार की है। इस योजना के तहत पुरी शहर में 30 पार्किंग जोन, CCTV निगरानी, LED डिस्प्ले बोर्ड और एनिमेशन फिल्मों के माध्यम से श्रद्धालुओं को रियल-टाइम जानकारी दी जाएगी।

30 पार्किंग जोन और श्रेणीबद्ध व्यवस्था

अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) सोमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यातायात प्रबंधन है, क्योंकि हजारों बसें, चार-पहिया और दो-पहिया वाहन इस छोटे शहर में एक साथ पहुँचते हैं। उन्होंने कहा, "हमारी पहली प्राथमिकता पार्किंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना रही है। हमने पुरी शहर के अंदर 30 पार्किंग स्थल तय किए हैं।"

इन पार्किंग स्थलों को श्रेणीवार बाँटा गया है — 4 स्थान दो-पहिया वाहनों के लिए और 22 स्थान चार-पहिया वाहनों के लिए आरक्षित हैं। कई स्थानों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निरंतर निगरानी की जा रही है।

तकनीक का उपयोग: LED, ऐप और एनिमेशन

एडीजी प्रियदर्शी के अनुसार, श्रद्धालुओं तक पुरी में प्रवेश के मार्गों की जानकारी LED डिस्प्ले बोर्ड, सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप्स और एनिमेशन फिल्मों के माध्यम से पहुँचाई जाएगी। यह पहल श्रद्धालुओं को पहले से योजना बनाकर शहर में प्रवेश करने में सहायक होगी।

शहर के भीतर के अलावा, पुरी जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी LED डिस्प्ले स्थापित किए गए हैं। भुवनेश्वर पुलिस कमिश्नरेट के LED बोर्डों का उपयोग भी यातायात सूचना प्रसारित करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया, "हमने भुवनेश्वर के पुलिस कमिश्नर के साथ भी तालमेल बिठाया है, ताकि उनके LED डिस्प्ले बोर्ड का इस्तेमाल खासतौर पर ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी देने के लिए किया जा सके।"

विशेष कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती

यातायात नियंत्रण के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहाँ विभिन्न स्थानों से वीडियो फीड प्राप्त होती रहेगी। इस डेटा का विश्लेषण कर भीड़ और वाहनों के दबाव वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान की जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

यातायात व्यवस्था की समग्र निगरानी डीआईजी विशाल सिंह करेंगे, जबकि ट्रैफिक प्रबंधन की पूर्ण जिम्मेदारी परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर को सौंपी गई है। पुरी आरटीओ के साथ भी समन्वय सुनिश्चित किया गया है।

श्रद्धालुओं से अपील

एडीजी सोमेंद्र प्रियदर्शी ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग और श्रद्धालुओं के अनुशासन से रथ यात्रा के दौरान यातायात को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। गौरतलब है कि जगन्नाथ रथ यात्रा प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, जिससे पुरी जैसे छोटे तटीय शहर में यातायात प्रबंधन एक अत्यंत जटिल चुनौती बन जाती है।

इस वर्ष की व्यापक तैयारी यह संकेत देती है कि प्रशासन तकनीक-आधारित समाधानों को पारंपरिक पुलिस बंदोबस्त के साथ जोड़कर एक नया मानक स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इस बार तकनीक-केंद्रित दृष्टिकोण स्वागत योग्य है। लेकिन असली सवाल यह है कि LED बोर्ड और एनिमेशन फिल्में उन श्रद्धालुओं तक कितनी पहुँचेंगी जो डिजिटल माध्यमों से दूर हैं या जो दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। पिछले वर्षों में भीड़ प्रबंधन की चुनौतियाँ बार-बार सामने आई हैं, और 30 पार्किंग जोन की पर्याप्तता तब ही आँकी जा सकेगी जब वास्तविक भीड़ का दबाव पड़ेगा। योजना महत्वाकांक्षी है, पर क्रियान्वयन ही इसकी असली कसौटी होगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 कब शुरू होगी?
जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 का आगाज 16 जुलाई 2025 को ओडिशा के पुरी में होगा। यह विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
ओडिशा पुलिस ने रथ यात्रा के लिए कितने पार्किंग जोन बनाए हैं?
ओडिशा पुलिस ने पुरी शहर में 30 पार्किंग जोन तैयार किए हैं, जिनमें 4 दो-पहिया और 22 चार-पहिया वाहनों के लिए आरक्षित हैं। इन स्थानों पर CCTV निगरानी भी की जा रही है।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ट्रैफिक की जानकारी कैसे मिलेगी?
श्रद्धालुओं को LED डिस्प्ले बोर्ड , सोशल मीडिया , मोबाइल ऐप्स और एनिमेशन फिल्मों के माध्यम से पुरी में प्रवेश के मार्गों और पार्किंग की रियल-टाइम जानकारी दी जाएगी। भुवनेश्वर पुलिस कमिश्नरेट के LED बोर्डों का भी इस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाएगा।
रथ यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी किसके पास है?
यातायात व्यवस्था की समग्र निगरानी डीआईजी विशाल सिंह करेंगे और ट्रैफिक प्रबंधन की पूर्ण जिम्मेदारी परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर को सौंपी गई है। इसके अलावा पुरी आरटीओ के साथ भी समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
पुरी रथ यात्रा में ट्रैफिक कंट्रोल रूम क्या काम करेगा?
विशेष ट्रैफिक कंट्रोल रूम में विभिन्न स्थानों से वीडियो फीड एकत्र की जाएगी और उसका विश्लेषण कर भीड़ व वाहनों के दबाव वाले संवेदनशील स्थानों की पहचान की जाएगी। इससे समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे और यातायात को सुचारू रखा जा सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
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