दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग बोले: नीतिगत सुधार से पूरे होंगे सरकारी लक्ष्य, बकाया कर 67 अरब डॉलर पार
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 15 जुलाई 2026 को सोल में सरकारी मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ नीतिगत समीक्षा बैठकों के पहले दिन स्पष्ट संदेश दिया कि उनके पाँच वर्षीय कार्यकाल के शेष तीन वर्ष 11 महीने नीतिगत प्राथमिकताओं को मूर्त रूप देने के लिए सर्वाधिक निर्णायक हैं। उन्होंने नीतियों के क्रियान्वयन में 'सुधार और नवाचार' को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और बकाया करों की वसूली के लिए साहसिक कदम उठाने का आह्वान किया।
नीतिगत समीक्षा बैठकों का दूसरा दौर
राष्ट्रपति ली के लिए यह व्यापक नीतिगत समीक्षाओं का दूसरा दौर है। पहला दौर वर्ष 2025 के अंत में आयोजित किया गया था। इस बार 140 सरकारी मंत्रालय और एजेंसियाँ अगस्त की शुरुआत तक आयोजित होने वाले नौ सत्रों में राष्ट्रपति को अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इन बैठकों का केंद्रीय विषय 'रोज़मर्रा के जीवन में महसूस होने वाला अपूरणीय गणराज्य कोरिया' रखा गया है।
बुधवार के पहले सत्र में राष्ट्रपति ने वित्त मंत्रालय, राष्ट्रीय कर सेवा (नेशनल टैक्स सर्विस), कोरिया कस्टम्स सर्विस और सरकारी वित्तीय निगरानी एजेंसी समेत कई विभागों से रिपोर्ट प्राप्त की।
बकाया करों पर राष्ट्रपति की चेतावनी
राष्ट्रपति ली ने बताया कि बकाया राष्ट्रीय कर और अन्य सरकारी राजस्व 100 ट्रिलियन वॉन — यानी लगभग 67.1 अरब अमेरिकी डॉलर — से अधिक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की अस्थायी नियुक्ति जैसे साहसिक उपाय अपनाए जाने चाहिए।
उनके अनुसार, कर वसूली से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने से न केवल लंबित करों की वसूली में तेज़ी आएगी, बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा, 'जो व्यवस्था असामान्य हो चुकी है, उसे सामान्य बनाना आसान नहीं है। इसके लिए साहसिक कदम उठाने होंगे।'
दीर्घकालिक क्रियान्वयन पर जोर
राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि पिछले एक वर्ष में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं, लेकिन उन्होंने कहा, 'हमें अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं के दीर्घकालिक क्रियान्वयन की पूरी तैयारी करनी चाहिए और साथ ही सरकारी व्यवस्था के भीतर मौजूद समस्याओं का भी समाधान करना होगा।'
यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया की सरकार आर्थिक सुधारों को गति देने के लिए राजस्व संग्रह और प्रशासनिक दक्षता दोनों मोर्चों पर दबाव में है। गौरतलब है कि ली जे-म्युंग ने जून 2025 में पदभार संभाला था।
जन पर्यवेक्षकों की भूमिका
इन समीक्षा बैठकों की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि प्रत्येक सत्र में लगभग 20 'जन पर्यवेक्षक' (पब्लिक ऑब्जर्वर्स) भी शामिल होंगे। इन्हें राष्ट्रपति के समक्ष नीतियों के क्रियान्वयन पर सीधे सवाल पूछने और सुझाव देने का अवसर दिया जाएगा — जो शासन में नागरिक भागीदारी का एक असामान्य प्रयोग है।
आगे क्या होगा
शेष आठ सत्र अगस्त 2026 की शुरुआत तक पूरे होने की उम्मीद है, जिनमें सभी प्रमुख मंत्रालय अपनी नीतिगत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। राष्ट्रपति ली के कार्यकाल के शेष वर्षों में इन समीक्षाओं के आधार पर नीतिगत पाठ्यक्रम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।