कामदुनी गैंगरेप-हत्याकांड: पीड़ित परिवार ने CM सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार में माँगा 12 साल पुराना इंसाफ
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता में 15 जुलाई 2026 को 2013 के कामदुनी गैंगरेप और हत्याकांड की पीड़िता के भाई और बहन मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के जनता दरबार पहुँचे और 12 वर्षों से लंबित न्याय की माँग करते हुए मामले से जुड़े दस्तावेज़ सौंपे। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद यह पहला मौका है जब पीड़ित परिवार ने सीधे मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
पीड़ित परिवार की आपबीती
पीड़िता के भाई ने बताया, जून 2013 में उनकी बहन परीक्षा देकर घर लौट रही थी, जब रास्ते में शराब के नशे में धुत कुछ लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। उन्होंने कहा, 'हमें अब तक न्याय नहीं मिला है। उस समय की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने हमें इंसाफ नहीं दिलाया। अब हम नए मुख्यमंत्री से मिलने आए हैं, इस उम्मीद में कि हमें आखिरकार न्याय मिलेगा।'
पीड़िता की बहन ने कहा, 'TMC की सरकार के दौरान मेरी बहन का रेप हुआ और उसकी हत्या कर दी गई, लेकिन हमें इंसाफ नहीं मिला। ममता बनर्जी ने रेप करने वालों को छोड़ दिया, इसलिए आज हम इंसाफ की उम्मीद में जनता दरबार आए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना बेहद भयावह थी और उस दर्द को शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।
ममता सरकार पर आरोप
परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस जघन्य घटना को 'एक छोटी घटना' बताकर नज़रअंदाज़ किया था। गौरतलब है कि 2013 में हुए इस कांड ने पूरे पश्चिम बंगाल को हिलाकर रख दिया था और उस समय भी व्यापक पैमाने पर न्याय की माँग उठी थी। आलोचकों का कहना है कि पिछली सरकार ने मामले की निष्पक्ष जाँच और अभियोजन सुनिश्चित करने में विफलता दिखाई।
नई BJP सरकार का रुख
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई BJP सरकार ने पुराने संवेदनशील मामलों की समीक्षा शुरू की है। सरकार ने हाल ही में आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए गैंगरेप और हत्याकांड की फ़ाइल भी दोबारा खोली है। कामदुनी मामले में पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि नई सरकार के तहत उनका मामला फिर से सक्रिय रूप से आगे बढ़ेगा।
आम जनता और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
पीड़िता के भाई ने कहा कि कामदुनी कांड के बारे में पश्चिम बंगाल का हर नागरिक जानता है और सभी चाहते हैं कि न्याय मिले। यह मामला राज्य में महिला सुरक्षा और न्यायिक जवाबदेही की बहस का प्रतीक बन चुका है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में हाल के वर्षों के कई अनसुलझे अपराध मामले फिर से चर्चा में हैं।
आगे क्या होगा
पीड़ित परिवार ने CM सुवेंदु अधिकारी को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज़ सौंप दिए हैं और उम्मीद जताई है कि नई सरकार मामले की विशेष समीक्षा कराएगी। यह देखना अहम होगा कि BJP सरकार इस मामले में ठोस कदम उठाती है या यह माँग भी लंबित रह जाती है।